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खेतों में गिरा धान, मटर-सरसों की फसल चौपट
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रायबरेली। जिले में बेमौसम हुई बारिश व तेज हवा ने करीब चार लाख किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। सोमवार रात और फिर मंगलवार सुबह 10 बजे तक हुई बारिश से धान की फसल खेतों में बिछ गई है।
मटर-सरसों की बोई गई फसल भी चौपट हो गई। खेतों में पानी भरने से धान की फसल के सड़ने का खतरा मंडरा रहा है। कृषि विभाग के अधिकारी बारिश से करीब पांच फीसदी फसल के नुकसान की आशंका जता रहे हैं।
सोमवर देर रात अचानक बेमौसम बारिश शुरू हो गई। बारिश के साथ ही तेज हवा भी चलने लगी। इससे धान की फसल खेतों में बिछ गई। अभी हाल में ही किसानों ने मटर, सरसों की फसल बोआई की थी।
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खेतों में पानी भरने के कारण फसल चौपट हो गई। अब दोबारा किसानों को सरसों, मटर की फसल की बोआई करनी होगी।
जिला कृषि अधिकारी रविचंद्र प्रकाश का कहना है कि किसानों का कितना नुकसान हुआ है, इसका सर्वे कराया जाएगा। फिलहाल पांच फीसदी फसल के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
तीन दिन बाद काटनी थी धान की फसल
बछरावां। भारी बारिश से धान, मटर, सरसों की फसलें चौपट हो गईं। खेती पर निर्भर किसानों को भारी आर्थिक क्षति हुई। सेंहगो निवासी अतुल कुमार के खेत में एक बीघा धान की फसल लगी थी। तीन दिन बाद धान की फसल काटी जानी थी, लेकिन भारी बारिश के कारण धान गिर गए।
इसी गांव के रमेश, सूरज के भी धान के खेतों में भारी नुकसान हुआ। किसानों का कहना है कि पके धान गिर गए हैं। समय पर नहीं कटेंगे तो इनका रंग बदल जाएगा।
बाजार में सस्ते रेट पर बिकेंगे। साथ ही में पराली बेकार हो जाएगी। खेतों में बोआई किया गया। मटर व सरसों को नुकसान हुआ। किसान विकास पटेल का कहना है कि बारिश की वजह से मिट्टी का रिसाव बढ़ जाएगा, जिससे बीज का जमाव कम होगा।
अगेती आलू की फसल को भी नुकसान
जगतपुर/ऊंचाहार। जगतपुर ब्लॉक क्षेत्र के भीख गांव निवासी राजेंद्र प्रताप सिंह, जिगना निवासी राम विष्णु चौधरी, तिवारीपुर निवासी शिवेंद्र यादव, रोझइया निवासी रामेंद्र त्रिवेदी, इब्राहिमपुर निवासी बद्री विशाल द्विवेदी, जगतपुर निवासी जैनम, बीबी मैंनहा निवासी राधेश्याम साहू, भीख निवासी राज कुमार अवस्थी, रामकुमार, सिद्धौर निवासी शिव प्रताप सिंह, कोडिय़ा निवासी सुल्तान सिंह, मान सिंह समेत अन्य किसानों ने बताया कि धान की अगेती पकी फसल गिर जाने से नुकसान हुआ।
उधर, ऊंचाहार क्षेत्र के किसान दिनेश सिंह, प्रदीप सिंह, राम औतार, मेवालाल ने बताया कि अगर मौसम साफ न हुआ तो धान की फसल सड़ जाएगी। अगेती आलू की बोई गई फसल को भी नुकसान हुआ है।
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मटर-सरसों की बोई गई फसल भी चौपट हो गई। खेतों में पानी भरने से धान की फसल के सड़ने का खतरा मंडरा रहा है। कृषि विभाग के अधिकारी बारिश से करीब पांच फीसदी फसल के नुकसान की आशंका जता रहे हैं।
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सोमवर देर रात अचानक बेमौसम बारिश शुरू हो गई। बारिश के साथ ही तेज हवा भी चलने लगी। इससे धान की फसल खेतों में बिछ गई। अभी हाल में ही किसानों ने मटर, सरसों की फसल बोआई की थी।
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खेतों में पानी भरने के कारण फसल चौपट हो गई। अब दोबारा किसानों को सरसों, मटर की फसल की बोआई करनी होगी।
जिला कृषि अधिकारी रविचंद्र प्रकाश का कहना है कि किसानों का कितना नुकसान हुआ है, इसका सर्वे कराया जाएगा। फिलहाल पांच फीसदी फसल के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
तीन दिन बाद काटनी थी धान की फसल
बछरावां। भारी बारिश से धान, मटर, सरसों की फसलें चौपट हो गईं। खेती पर निर्भर किसानों को भारी आर्थिक क्षति हुई। सेंहगो निवासी अतुल कुमार के खेत में एक बीघा धान की फसल लगी थी। तीन दिन बाद धान की फसल काटी जानी थी, लेकिन भारी बारिश के कारण धान गिर गए।
इसी गांव के रमेश, सूरज के भी धान के खेतों में भारी नुकसान हुआ। किसानों का कहना है कि पके धान गिर गए हैं। समय पर नहीं कटेंगे तो इनका रंग बदल जाएगा।
बाजार में सस्ते रेट पर बिकेंगे। साथ ही में पराली बेकार हो जाएगी। खेतों में बोआई किया गया। मटर व सरसों को नुकसान हुआ। किसान विकास पटेल का कहना है कि बारिश की वजह से मिट्टी का रिसाव बढ़ जाएगा, जिससे बीज का जमाव कम होगा।
अगेती आलू की फसल को भी नुकसान
जगतपुर/ऊंचाहार। जगतपुर ब्लॉक क्षेत्र के भीख गांव निवासी राजेंद्र प्रताप सिंह, जिगना निवासी राम विष्णु चौधरी, तिवारीपुर निवासी शिवेंद्र यादव, रोझइया निवासी रामेंद्र त्रिवेदी, इब्राहिमपुर निवासी बद्री विशाल द्विवेदी, जगतपुर निवासी जैनम, बीबी मैंनहा निवासी राधेश्याम साहू, भीख निवासी राज कुमार अवस्थी, रामकुमार, सिद्धौर निवासी शिव प्रताप सिंह, कोडिय़ा निवासी सुल्तान सिंह, मान सिंह समेत अन्य किसानों ने बताया कि धान की अगेती पकी फसल गिर जाने से नुकसान हुआ।
उधर, ऊंचाहार क्षेत्र के किसान दिनेश सिंह, प्रदीप सिंह, राम औतार, मेवालाल ने बताया कि अगर मौसम साफ न हुआ तो धान की फसल सड़ जाएगी। अगेती आलू की बोई गई फसल को भी नुकसान हुआ है।