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प्राणवायु देने वाले पांच प्लांटों को ऑक्सीजन का इंतजार
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जिला अस्पताल में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट।
- फोटो : RAIBARAILY
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रायबरेली। प्रधानमंत्री केयर फंड से स्थापित पांच ऑक्सीजन प्लांटों से प्राणवायु का उत्पादन ठप हो गया है। इससे अस्पतालों में मरीजों के सामने ऑक्सीजन का संकट हो सकता है।
वैसे जिला अस्पताल में सिलिंडरों और कंसंट्रेटरों से काम चलाया जा रहा है, लेकिन कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने पर हालात बिगड़ सकते हैं।
ऑक्सीजन प्लांटों की सर्विस पिछले तीन महीने से नहीं हुई है। इसी कारण एजेंसी ने बिना सर्विस कराए प्लांट का संचालन रोक दिया है।
पिछले साल ऑक्सीजन की कमी के कारण कई कोरोना मरीजों की जान चली गई थी। कोविड अस्पतालों में मरीजों को ऑक्सीजन के लिए भटकना पड़ा था।
शासन ने सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी को दूर कराने के लिए एम्स सहित 3055 लीटर प्रति मिनट (एलपीएम) क्षमता के छह प्लांट स्थापित कराए।
एम्स के अलावा 2055 एलपीएम की क्षमता के प्लांट जिला पुरुष अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, सीएचसी रोहनियां में एक-एक और रेलकोच में दो प्लांट स्थापित कराए गए।
अब जिला पुरुष अस्पताल में 1000 एलपीएम और महिला अस्पताल में 500 एलपीएम के ऑक्सीजन प्लांट समेत सभी पांचों में प्राणवायु का उत्पादन ठप हो गया है।
इन प्लांटों की सर्विस तीन महीने से नहीं हो सकी है। रोहनियां और रेलकोच कारखाने के प्लांटों को भी सर्विस का इंतजार है। प्लांट स्थापित कराने वाली एजेंसी ने बिना सर्विसिंग के प्लांटों का संचालन न कराने की चेतावनी दी है।
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बिना सर्विस प्लांट चलाने से और खराबी आ सकती है। अब सर्विस के अभाव में प्लांटों में ऑक्सीजन का उत्पादन ठप हो गया है। हालांकि जिला महिला और पुरुष अस्पताल में सिलिंडर और कंसंट्रेटरों से काम चलाया जा रहा है।
बेडों पर पाइप के सहारे ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। सीएमएस नीता साहू का कहना है कि पर्याप्त संख्या में सिलिंडर व कंसंट्रेटर उपलब्ध होने के कारण समस्या का सामना नहीं करना पड़ रहा है। इस समय ऑक्सीजन वाले पेशेंट भी कम आ रहे हैं।
वैक्यूम तो कभी फिल्टर और स्टार्टर दे चुके दगा
जिला महिला अस्पताल में पिछले 500 एलपीएम की क्षमता के ऑक्सीजन प्लांट में शुरू से ही तकनीकी खराबी आनी शुरू हो गई। पहले प्लांट स्टार्ट नहीं हो रहा था।
स्टार्टर को सही किया गया तो वैक्यूम की दिक्कत सामने आ गई थी। इंजीनियरों ने चेक किया तो फिल्टर भी चोक मिला था। सब ठीक हुआ तो अब सर्विस की समस्या है। रेल कोच कारखाने में 180 व 45 एलपीएम के दो प्लांट लगे हैं। सीएचसी रोहनियां में 330 एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट लगा है।
जिले में स्थापित ऑक्सीजन प्लांटों की सर्विसिंग बाकी है। इसके लिए पत्र लिखा गया है। जल्द ही सर्विस कराकर प्लांटों से ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू कराया जाएगा। विभाग के पास सिलिंडर व कंसंट्रेटरों की पर्याप्त व्यवस्था है।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
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वैसे जिला अस्पताल में सिलिंडरों और कंसंट्रेटरों से काम चलाया जा रहा है, लेकिन कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने पर हालात बिगड़ सकते हैं।
ऑक्सीजन प्लांटों की सर्विस पिछले तीन महीने से नहीं हुई है। इसी कारण एजेंसी ने बिना सर्विस कराए प्लांट का संचालन रोक दिया है।
पिछले साल ऑक्सीजन की कमी के कारण कई कोरोना मरीजों की जान चली गई थी। कोविड अस्पतालों में मरीजों को ऑक्सीजन के लिए भटकना पड़ा था।
शासन ने सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी को दूर कराने के लिए एम्स सहित 3055 लीटर प्रति मिनट (एलपीएम) क्षमता के छह प्लांट स्थापित कराए।
एम्स के अलावा 2055 एलपीएम की क्षमता के प्लांट जिला पुरुष अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, सीएचसी रोहनियां में एक-एक और रेलकोच में दो प्लांट स्थापित कराए गए।
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अब जिला पुरुष अस्पताल में 1000 एलपीएम और महिला अस्पताल में 500 एलपीएम के ऑक्सीजन प्लांट समेत सभी पांचों में प्राणवायु का उत्पादन ठप हो गया है।
इन प्लांटों की सर्विस तीन महीने से नहीं हो सकी है। रोहनियां और रेलकोच कारखाने के प्लांटों को भी सर्विस का इंतजार है। प्लांट स्थापित कराने वाली एजेंसी ने बिना सर्विसिंग के प्लांटों का संचालन न कराने की चेतावनी दी है।
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बिना सर्विस प्लांट चलाने से और खराबी आ सकती है। अब सर्विस के अभाव में प्लांटों में ऑक्सीजन का उत्पादन ठप हो गया है। हालांकि जिला महिला और पुरुष अस्पताल में सिलिंडर और कंसंट्रेटरों से काम चलाया जा रहा है।
बेडों पर पाइप के सहारे ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। सीएमएस नीता साहू का कहना है कि पर्याप्त संख्या में सिलिंडर व कंसंट्रेटर उपलब्ध होने के कारण समस्या का सामना नहीं करना पड़ रहा है। इस समय ऑक्सीजन वाले पेशेंट भी कम आ रहे हैं।
वैक्यूम तो कभी फिल्टर और स्टार्टर दे चुके दगा
जिला महिला अस्पताल में पिछले 500 एलपीएम की क्षमता के ऑक्सीजन प्लांट में शुरू से ही तकनीकी खराबी आनी शुरू हो गई। पहले प्लांट स्टार्ट नहीं हो रहा था।
स्टार्टर को सही किया गया तो वैक्यूम की दिक्कत सामने आ गई थी। इंजीनियरों ने चेक किया तो फिल्टर भी चोक मिला था। सब ठीक हुआ तो अब सर्विस की समस्या है। रेल कोच कारखाने में 180 व 45 एलपीएम के दो प्लांट लगे हैं। सीएचसी रोहनियां में 330 एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट लगा है।
जिले में स्थापित ऑक्सीजन प्लांटों की सर्विसिंग बाकी है। इसके लिए पत्र लिखा गया है। जल्द ही सर्विस कराकर प्लांटों से ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू कराया जाएगा। विभाग के पास सिलिंडर व कंसंट्रेटरों की पर्याप्त व्यवस्था है।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ