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कम नहीं दुश्वारियां, धान तौल कराने को बेबस किसान
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रायबरेली। जिले में खुले धान क्रय केंद्रों पर किसानों की दुश्वारियां कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। टोकन व्यवस्था समाप्त होने के बाद भी किसानों को धान तौलाने के लिए कड़ाके की ठंड में कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है।
सर्दी में किसानों को केंद्रों पर ठिठुरना पड़ रहा है। थकहार कर किसान बिना धान बेचे ही अपनी उपज लेकर घरों को लौटने को विवश हैं।
शासन की ओर से जिले में 71 केंद्राें पर नवंबर से धान की खरीद शुरू हुई थी। कुछ दिनों बाद ही क्रय केंद्रों पर अव्यवस्था हावी हो गई।
पहले धान तौलाने के लिए किसानों को ऑनलाइन टोकन लेना पड़ता था। लेकिन किसानों को टोकन नहीं मिल पा रहा था। अब टोकन व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। किसी भी किसान को अपने धान की तौल करानी है तो उसे अपने नंबर का इंतजार करना पड़ता है।
केंद्र प्रभारी की ओर से गई तिथि पर ही किसानों का धान केंद्रों पर तौला जा रहा है। दिक्कत ये है कि तारीख किसानों को इतनी लंबी मिल रही है कि उनका नंबर ही धान तौलाने के लिए नहीं आ पा रहा है। नतीजतन उनकी दुश्वारियां कम होने के बजाय बढ़ती ही जा रही हैं।
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डिप्टी आरएमओ रामानंद जायसवाल का कहना है कि पहले से कुछ हद तक धान खरीद व्यवस्था में सुधार हुआ है। टोकन व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। तारीख पर किसानों का धान तौला जा रहा है।
धान लेकर घरों को लौट रहे किसान
बछरावां। तिलेंडा गांव स्थित नेफेड धान क्रय केंद्र पर 10 दिनों से खरीद बंद है। मंगलवार को बछरावां कस्बे के बांध टोला निवासी विनोद कुमार नौ दिन बाद धान क्रय केंद्र पर धान लदी खड़ी ट्रॉली वापस लेकर घर आ आए। नेफेड धान क्रय केंद्र में 45 नंबर का टोकन बछरावां के दक्षिण टोला निवासी रामकिशोर के नाम अलॉट था। पिछले छह दिनों से ट्रैक्टर-ट्रॉली पर धान लदा खड़ा था।
तौल नहीं कराई गई तो वह अपना धान वापस ले आए। किसान श्रीश कुमार, अंकित कुमार, रामकिशोर, विनोद कुमार का कहना है कि नेफेड धान क्रय केंद्र पर किसानों की जगह बिचौलियों का धान खरीदा जा रहा है। बिचौलियों का धान सीधे मिलर्स के यहां भेजवा दिया जाता है और यहां सरकारी अभिलेखों में दर्ज कर दिया जाता है। धान केंद्र प्रभारी हर्षित श्रीवास्तव ने कहा कि किसानों का धान तौला जा रहा है।
20 दिन से बंद धान तौल, बेहाल किसान
ऊंचाहार। नगर के पीसीएफ के धान क्रय केंद्र पर 20 दिन से तौल नहीं हो पा रही है। इससे किसान बेहाल हैं और उनका धान नहीं तौला जा रहा है। वजह इस केंद्र के प्रभारी को घूस लेने के मामले में जेल भेज दिया गया है। तब से अन्य केंद्र प्रभारी की तैनाती नहीं की गई है। किसान शारदा प्रसाद, शिवकेश, अतुल कुमार, शंभूनाथ, अवधेश कुमार, सीतारमण, कमल सिंह का कहना है कि पीसीएफ केंद्र पर खरीद बंद होने से दूसरे केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। वहां पर भी धान की तौल नहीं हो पा रही है। हम लोगों की व्यथा सुनने वाला कोई नहीं हैं। उधर, एसडीएम राजेश कुमार का कहना है कि पीसीएफ के अधिकारियों से बात करके नए केंद्र प्रभारी की तैनाती कराई जाएगी।
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सर्दी में किसानों को केंद्रों पर ठिठुरना पड़ रहा है। थकहार कर किसान बिना धान बेचे ही अपनी उपज लेकर घरों को लौटने को विवश हैं।
शासन की ओर से जिले में 71 केंद्राें पर नवंबर से धान की खरीद शुरू हुई थी। कुछ दिनों बाद ही क्रय केंद्रों पर अव्यवस्था हावी हो गई।
पहले धान तौलाने के लिए किसानों को ऑनलाइन टोकन लेना पड़ता था। लेकिन किसानों को टोकन नहीं मिल पा रहा था। अब टोकन व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। किसी भी किसान को अपने धान की तौल करानी है तो उसे अपने नंबर का इंतजार करना पड़ता है।
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केंद्र प्रभारी की ओर से गई तिथि पर ही किसानों का धान केंद्रों पर तौला जा रहा है। दिक्कत ये है कि तारीख किसानों को इतनी लंबी मिल रही है कि उनका नंबर ही धान तौलाने के लिए नहीं आ पा रहा है। नतीजतन उनकी दुश्वारियां कम होने के बजाय बढ़ती ही जा रही हैं।
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डिप्टी आरएमओ रामानंद जायसवाल का कहना है कि पहले से कुछ हद तक धान खरीद व्यवस्था में सुधार हुआ है। टोकन व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। तारीख पर किसानों का धान तौला जा रहा है।
धान लेकर घरों को लौट रहे किसान
बछरावां। तिलेंडा गांव स्थित नेफेड धान क्रय केंद्र पर 10 दिनों से खरीद बंद है। मंगलवार को बछरावां कस्बे के बांध टोला निवासी विनोद कुमार नौ दिन बाद धान क्रय केंद्र पर धान लदी खड़ी ट्रॉली वापस लेकर घर आ आए। नेफेड धान क्रय केंद्र में 45 नंबर का टोकन बछरावां के दक्षिण टोला निवासी रामकिशोर के नाम अलॉट था। पिछले छह दिनों से ट्रैक्टर-ट्रॉली पर धान लदा खड़ा था।
तौल नहीं कराई गई तो वह अपना धान वापस ले आए। किसान श्रीश कुमार, अंकित कुमार, रामकिशोर, विनोद कुमार का कहना है कि नेफेड धान क्रय केंद्र पर किसानों की जगह बिचौलियों का धान खरीदा जा रहा है। बिचौलियों का धान सीधे मिलर्स के यहां भेजवा दिया जाता है और यहां सरकारी अभिलेखों में दर्ज कर दिया जाता है। धान केंद्र प्रभारी हर्षित श्रीवास्तव ने कहा कि किसानों का धान तौला जा रहा है।
20 दिन से बंद धान तौल, बेहाल किसान
ऊंचाहार। नगर के पीसीएफ के धान क्रय केंद्र पर 20 दिन से तौल नहीं हो पा रही है। इससे किसान बेहाल हैं और उनका धान नहीं तौला जा रहा है। वजह इस केंद्र के प्रभारी को घूस लेने के मामले में जेल भेज दिया गया है। तब से अन्य केंद्र प्रभारी की तैनाती नहीं की गई है। किसान शारदा प्रसाद, शिवकेश, अतुल कुमार, शंभूनाथ, अवधेश कुमार, सीतारमण, कमल सिंह का कहना है कि पीसीएफ केंद्र पर खरीद बंद होने से दूसरे केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। वहां पर भी धान की तौल नहीं हो पा रही है। हम लोगों की व्यथा सुनने वाला कोई नहीं हैं। उधर, एसडीएम राजेश कुमार का कहना है कि पीसीएफ के अधिकारियों से बात करके नए केंद्र प्रभारी की तैनाती कराई जाएगी।