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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   No distribution of milk in 1800 schools

1800 स्कूलों में दूध को तरसे बच्चे

Thu, 16 Jul 2015 12:12 AM IST
रायबरेली/अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 16 Jul 2015 12:12 AM IST
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परिषदीय स्कूलों में बुधवार को सुबह से ही दूध के लिए हाय-तौबा मची रही। हेडमास्टर शिक्षण कार्य छोड़ बाजार में दूध ढूंढने को मजबूर हुए। इसके बाद भी करीब 1800 स्कूलों के बच्चे दूध को तरसे।
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कुछ स्कूलों में तो दूध की कमी के कारण 50 तो 100 मिलीलीटर दूध ही बच्चों को बांटा गया, जबकि 200 मिलीलीटर दूध देने का आदेश है। बच्चे दूध के इंतजार में रहे, लेकिन उनकी मंशा पूरी नहीं हुई।
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बेसिक शिक्षा सचिव ने बुधवार को परिषदीय स्कूलों के एमडीएम के मेन्यू में बदलाव कर दिया। नए मेन्यू के अनुसार हर बुधवार को बच्चों को कोफ्ता-चावल के साथ ही 200 मिलीलीटर दूध देने के आदेश हैं।
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सुबह से ही स्कूलों में दूध के लिए मारामारी रही। कहीं भी पढ़ाई जैसा माहौल देखने को नहीं मिला। शिक्षक दूध की व्यवस्था में ही जुटे रहे। इसके बाद भी सभी बच्चों को दूध नहीं मिल सका।


सीडीओ, बीएसए व अन्य अधिकारियों ने स्कूलों का निरीक्षण किया। बीएसए रामसागर पति त्रिपाठी का कहना है कि बीईओ से रिपोर्ट मांगी गई है। दूध न बांटने वाले स्कूलों के हेडमास्टरों से कारण पूछा जाएगा। व्यवस्था जल्द ही दुरुस्त कराई जाएगी।

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