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नहीं चलीं बसें, बैंकों में लटके रहे ताले
रायबरेली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 02 Sep 2015 11:49 PM IST
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केंद्र, राज्य और निजी क्षेत्र से संबंधित विभिन्न संगठनों के हजारों कर्मचारियों ने बुधवार को हक के लिए आवाज उठाई। रोडवेज कर्मियों ने जहां बसों का चक्का जाम किया, वहीं विभिन्न बैंकों, सरकारी कार्यालयों में हड़ताल से कामकाज ठप रहा।
हड़ताल से यात्रियों को परेशानी हुई तो बैंकों, एलआईसी, डाकघरों में लेनदेन न होने से लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। रोडवेज के एक गुट ने हड़ताल का विरोध किया तो हंगामा हो गया।
एआरएम और कर्मियों के बीच तीखी तकरार हुई। हड़ताल से करीब 100 करोड़ रुपये का लेनदेन ठप रहा। विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि मोदी सरकार श्रमिक विरोधी है।
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रायबरेली डिपो के यूपी रोडवेज इंप्लाइज यूनियन, यूपी रोडवेज वर्कर्स यूनियन, उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ ने बसों का चक्का जाम कर दिया। संदीप मिश्रा, पंकज कुमार अंबेश, विक्रम सिंह, अशोक वाजपेयी आदि सड़क पर उतर आए।
उधर, दूसरे संगठन रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के पदाधिकारियों कृष्ण मुरारी मिश्रा, राजकुमार आदि ने हड़ताल का विरोध किया। इस पर दोनों गुट आमने-सामने आ गए। एक पक्ष ने हंगामा किया।
एआरएम आरपी सिंह ने समझाने का प्रयास किया तो उनको घेर लिया। हड़ताली कर्मियों से उनकी तीखी तकरार हुई। बसों का संचालन बंद होने से यात्री परेशान नजर आए। बसें न चलने पर कोई यात्री ट्रेन तो कोई अन्य साधनों से गंतव्य स्थान को गया।
ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के आह्वान पर पंजाब नेशनल बैंक, इलाहाबाद बैंक, सिंडिकेट, यूनियन बैंक, विजया बैंक आदि बंद होने से ग्राहकों को परेशानी उठानी पड़ी।
ग्राहक लेनदेन करने बैंक पहुंचे, लेकिन सुबह 11 बजे तक ताला नहीं खुला। बैंक कर्मियों ने सुपर मार्केट और यूनियन बैंक के पास नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया।
एसोसिएशन के जिलामंत्री अयाज ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंकें खुली रहीं, लेकिन वहां पर भी कार्य प्रभावित हुआ। इस मौके पर रामराज पांडेय, रमेश कुमार, अशोक सोनकर, रामदेव, दीपू, शकील अहमद मौजूद रहे।
आईटीआई श्रमिक संघ ने इकाई प्रमुख कार्यालय के सामने मांगों को लेकर धरना दिया। संघ के अध्यक्ष वीके शुक्ला ने कहा कि केंद्र सरकार श्रमिक विरोधी है। इस मौके पर नागेंद्र तिवारी, रामेश्वर मौजूद रहे।
आईटीआई कर्मचारी संघ की दूरभाष नगर में सभा हुई। केशवलाल यादव, आरबी कटियार, शाहिद रजा ने मोदी सरकार को कोसा। डिग्री कॉलेज चौराहा पर डीएस मिश्रा की अगुवाई में कई संगठनों ने धरना देकर केंद्र सरकार को कोसा।
बीमा कर्मचारी संघ ने एलआईसी दफ्तर में प्रदर्शन करके नारेबाजी की। राजेश मिश्र, ओमप्रकाश दीक्षित ने कहा कि बैंकों व उद्योगों को कमजोर करने की साजिश की जा रही है।
केंद्रीय यूनियन के आह्वान पर बीएसएनएल कर्मियों ने दूर संचार जिला प्रबंधक कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। हड़ताल के कारण लाइन फॉल्ट बुकिंग, कैश काउंटर आदि बंद रहे। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
आदित्य सिंह, महेश भारती, सुनील दुबे आदि मौजूद रहे। राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय आह्वान पर सिंचाई विभाग परिसर में कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।
प्रांतीय अध्यक्ष राकेश कुमार चौधरी, जिलाध्यक्ष जयचंद्र वर्मा, दयाराम यादव, रामसूरत, नीरज मौर्या, बृजेश कुमार, उपेंद्र शुक्ला मौजूद रहे। ऑटो चालकों ने भी सिविल लाइन इलाके में वाहन न चलाकर प्रदर्शन किया।
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हड़ताल से यात्रियों को परेशानी हुई तो बैंकों, एलआईसी, डाकघरों में लेनदेन न होने से लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। रोडवेज के एक गुट ने हड़ताल का विरोध किया तो हंगामा हो गया।
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एआरएम और कर्मियों के बीच तीखी तकरार हुई। हड़ताल से करीब 100 करोड़ रुपये का लेनदेन ठप रहा। विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि मोदी सरकार श्रमिक विरोधी है।
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रायबरेली डिपो के यूपी रोडवेज इंप्लाइज यूनियन, यूपी रोडवेज वर्कर्स यूनियन, उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ ने बसों का चक्का जाम कर दिया। संदीप मिश्रा, पंकज कुमार अंबेश, विक्रम सिंह, अशोक वाजपेयी आदि सड़क पर उतर आए।
उधर, दूसरे संगठन रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के पदाधिकारियों कृष्ण मुरारी मिश्रा, राजकुमार आदि ने हड़ताल का विरोध किया। इस पर दोनों गुट आमने-सामने आ गए। एक पक्ष ने हंगामा किया।
एआरएम आरपी सिंह ने समझाने का प्रयास किया तो उनको घेर लिया। हड़ताली कर्मियों से उनकी तीखी तकरार हुई। बसों का संचालन बंद होने से यात्री परेशान नजर आए। बसें न चलने पर कोई यात्री ट्रेन तो कोई अन्य साधनों से गंतव्य स्थान को गया।
ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के आह्वान पर पंजाब नेशनल बैंक, इलाहाबाद बैंक, सिंडिकेट, यूनियन बैंक, विजया बैंक आदि बंद होने से ग्राहकों को परेशानी उठानी पड़ी।
ग्राहक लेनदेन करने बैंक पहुंचे, लेकिन सुबह 11 बजे तक ताला नहीं खुला। बैंक कर्मियों ने सुपर मार्केट और यूनियन बैंक के पास नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया।
एसोसिएशन के जिलामंत्री अयाज ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंकें खुली रहीं, लेकिन वहां पर भी कार्य प्रभावित हुआ। इस मौके पर रामराज पांडेय, रमेश कुमार, अशोक सोनकर, रामदेव, दीपू, शकील अहमद मौजूद रहे।
आईटीआई श्रमिक संघ ने इकाई प्रमुख कार्यालय के सामने मांगों को लेकर धरना दिया। संघ के अध्यक्ष वीके शुक्ला ने कहा कि केंद्र सरकार श्रमिक विरोधी है। इस मौके पर नागेंद्र तिवारी, रामेश्वर मौजूद रहे।
आईटीआई कर्मचारी संघ की दूरभाष नगर में सभा हुई। केशवलाल यादव, आरबी कटियार, शाहिद रजा ने मोदी सरकार को कोसा। डिग्री कॉलेज चौराहा पर डीएस मिश्रा की अगुवाई में कई संगठनों ने धरना देकर केंद्र सरकार को कोसा।
बीमा कर्मचारी संघ ने एलआईसी दफ्तर में प्रदर्शन करके नारेबाजी की। राजेश मिश्र, ओमप्रकाश दीक्षित ने कहा कि बैंकों व उद्योगों को कमजोर करने की साजिश की जा रही है।
केंद्रीय यूनियन के आह्वान पर बीएसएनएल कर्मियों ने दूर संचार जिला प्रबंधक कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। हड़ताल के कारण लाइन फॉल्ट बुकिंग, कैश काउंटर आदि बंद रहे। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
आदित्य सिंह, महेश भारती, सुनील दुबे आदि मौजूद रहे। राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय आह्वान पर सिंचाई विभाग परिसर में कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।
प्रांतीय अध्यक्ष राकेश कुमार चौधरी, जिलाध्यक्ष जयचंद्र वर्मा, दयाराम यादव, रामसूरत, नीरज मौर्या, बृजेश कुमार, उपेंद्र शुक्ला मौजूद रहे। ऑटो चालकों ने भी सिविल लाइन इलाके में वाहन न चलाकर प्रदर्शन किया।