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इलाज में लापरवाही से नवजात की मौत, परिवारीजनों का हंगामा
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नवजात की मौत, परिवारीजनों का हंगामा
बच्चे की मौत के बाद 500 रुपये देकर अस्पताल के बाहर खदेड़ने का आरोप
जुड़वा बच्चे पैदा हुए थे, एक की सीएचसी, जबकि दूसरे की यहां हुई मौत
रायबरेली। नेहरू नगर स्थित एक निजी हॉस्पिटल में रविवार सुबह नवजात बच्चे की मौत हो गई। इससे गुस्साए परिवारीजनों ने हंगामा किया। साथ ही अस्पताल प्रबंधन पर बच्चे के इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया। पिता समेत अन्य परिवारीजनों का आरोप है कि नवजात की मौत के बाद स्टाफ ने 500 रुपये देकर अस्पताल के बाहर खदेड़ दिया।
गुस्साए परिवारीजनों ने रुपये लेने से इंकार करते हुए हंगामा काटा और प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग की। पीड़ित परिवार ने मामले की शिकायत डीएम-सीएमओ से करने की बात कही है। सरेनी थाना क्षेत्र के पूरे दयाल का पुरवा मजरे रमई कला गांव निवासी रामआसरे की पत्नी रामकुमारी ने 12 मार्च को सीएचसी सरेनी में जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था।
नवजात बच्ची की सरकारी अस्पताल में मौत हो गई थी, जबकि नवजात बच्चे को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था। परिवारीजनों ने नवजात बच्चे को नेहरू नगर स्थित सुमित्रा हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया। पिता का आरोप है कि इलाज के नाम पर उससे 10 हजार रुपये जमा कराए गए। शनिवार शाम तक बच्चा बिल्कुल स्वस्थ था।
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देर रात बच्चे से मुलाकात भी नहीं कराई गई। रविवार सुबह नवजात की मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद उसे 500 रुपये दिए गए और उसे अस्पताल से खदेड़ दिया गया। इलाज में बरती गई लापरवाही से ही उसके बच्चे की जान गई है। मामले में अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
समय से पहले नवजात का जन्म हुआ था। उसका वजन भी कम था। सरकारी अस्पताल से बच्चे को पहले ही रेफर कर दिया गया था। परिवारीजनों के कहने पर ही उसका इलाज अस्पताल में शुरू कराया गया था। इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई।- डॉ. अजय श्रीवास्तव, संचालक, सुमित्रा हॉस्पिटल
नेहरू नगर स्थित सुमित्रा हॉस्टल में इलाज के दौरान नवजात बच्चे की मौत के मामले की जानकारी नहीं है। पीड़ित परिवार की तरफ से कोई शिकायत मिलती है तो टीम भेजकर प्रकरण की जांच कराई जाएगी। निजी अस्पतालों के संचालकों को पहले ही निर्देश दिए गए हैं कि रोगियों के इलाज में किसी तरह की कोताही न बरती जाए।- डॉ. संजय कुमार शर्मा, सीएमओ
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बच्चे की मौत के बाद 500 रुपये देकर अस्पताल के बाहर खदेड़ने का आरोप
जुड़वा बच्चे पैदा हुए थे, एक की सीएचसी, जबकि दूसरे की यहां हुई मौत
रायबरेली। नेहरू नगर स्थित एक निजी हॉस्पिटल में रविवार सुबह नवजात बच्चे की मौत हो गई। इससे गुस्साए परिवारीजनों ने हंगामा किया। साथ ही अस्पताल प्रबंधन पर बच्चे के इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया। पिता समेत अन्य परिवारीजनों का आरोप है कि नवजात की मौत के बाद स्टाफ ने 500 रुपये देकर अस्पताल के बाहर खदेड़ दिया।
गुस्साए परिवारीजनों ने रुपये लेने से इंकार करते हुए हंगामा काटा और प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग की। पीड़ित परिवार ने मामले की शिकायत डीएम-सीएमओ से करने की बात कही है। सरेनी थाना क्षेत्र के पूरे दयाल का पुरवा मजरे रमई कला गांव निवासी रामआसरे की पत्नी रामकुमारी ने 12 मार्च को सीएचसी सरेनी में जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था।
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नवजात बच्ची की सरकारी अस्पताल में मौत हो गई थी, जबकि नवजात बच्चे को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था। परिवारीजनों ने नवजात बच्चे को नेहरू नगर स्थित सुमित्रा हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया। पिता का आरोप है कि इलाज के नाम पर उससे 10 हजार रुपये जमा कराए गए। शनिवार शाम तक बच्चा बिल्कुल स्वस्थ था।
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देर रात बच्चे से मुलाकात भी नहीं कराई गई। रविवार सुबह नवजात की मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद उसे 500 रुपये दिए गए और उसे अस्पताल से खदेड़ दिया गया। इलाज में बरती गई लापरवाही से ही उसके बच्चे की जान गई है। मामले में अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
समय से पहले नवजात का जन्म हुआ था। उसका वजन भी कम था। सरकारी अस्पताल से बच्चे को पहले ही रेफर कर दिया गया था। परिवारीजनों के कहने पर ही उसका इलाज अस्पताल में शुरू कराया गया था। इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई।- डॉ. अजय श्रीवास्तव, संचालक, सुमित्रा हॉस्पिटल
नेहरू नगर स्थित सुमित्रा हॉस्टल में इलाज के दौरान नवजात बच्चे की मौत के मामले की जानकारी नहीं है। पीड़ित परिवार की तरफ से कोई शिकायत मिलती है तो टीम भेजकर प्रकरण की जांच कराई जाएगी। निजी अस्पतालों के संचालकों को पहले ही निर्देश दिए गए हैं कि रोगियों के इलाज में किसी तरह की कोताही न बरती जाए।- डॉ. संजय कुमार शर्मा, सीएमओ