{"_id":"63cc337fedb02234141629d6","slug":"na-raibaraily-news-c-13-1-61518-2023-01-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Raebareli News: मौनी अमावस्या पर आस्था की डुबकी, किया दान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Raebareli News: मौनी अमावस्या पर आस्था की डुबकी, किया दान
Sun, 22 Jan 2023 12:18 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sun, 22 Jan 2023 12:18 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डलमऊ (रायबरेली)। मौनी अमावस्या पर शनिवार को गंगा नदी में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। गंगा स्नान के बाद दान भी दिया। ठंड के बावजूद भोर चार बजे से ही डलमऊ के संकट मोचन घाट, वीआईपी घाट, सड़क घाट, पथवारी घाट समेत 16 घाटों पर भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। इस दौरान लोगों ने गंगा में डुबकी लगाई और तटों पर स्थित मंदिरों में पूजा-अर्चना कर मन्नतें मांगी। पुरोहितों को दान भी दिया।
डलमऊ बड़ा मठ के स्वामी दिव्यानंद महराज ने बताया कि सतयुग में पुण्य तप से मिलता है। द्वापर में हरि भक्ति से, त्रेता में ज्ञान से, कलियुग में दान से, लेकिन माघ मास में मां गंगा में स्नान हर युग में अन्नंत पुण्यदायी होता है। बताया कि इस दिन व्रत रखने वाले को पूरे दिन मौन व्रत का पालन करना होता। इसलिए यह योग पर आधारित व्रत कहलाता है
विज्ञापन
डलमऊ बड़ा मठ के स्वामी दिव्यानंद महराज ने बताया कि सतयुग में पुण्य तप से मिलता है। द्वापर में हरि भक्ति से, त्रेता में ज्ञान से, कलियुग में दान से, लेकिन माघ मास में मां गंगा में स्नान हर युग में अन्नंत पुण्यदायी होता है। बताया कि इस दिन व्रत रखने वाले को पूरे दिन मौन व्रत का पालन करना होता। इसलिए यह योग पर आधारित व्रत कहलाता है
विज्ञापन