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इलाज में लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Fri, 28 Apr 2017 12:53 AM IST
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नवजात की मौत
- फोटो : getty images
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ऊंचाहार तहसील क्षेत्र में गुरुवार को इलाज में लापरवाही बरते जाने की वजह से जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। प्रसूता का एक निजी नर्सिंग होम में इलाज चल रहा था। हालत बिगड़ने पर परिवारीजन उसे सीएचसी लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही प्रसूता ने एक बच्चे को जन्म दिया।
कुछ देर बाद दोनों की मौत हो गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ ने जांच के निर्देश दिए। इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर जच्चा-बच्चा की मौत के मामले की जांच की। मोखरा गांव की रहने वाली प्रसूता रूपा (22) पत्नी मुकेश कुमार का इलाज ऊंचाहार के एक निजी अस्पताल में चल रहा था।
बताते हैं कि गुरुवार को सुबह अचानक रूपा की हालत बिगड़ गई। इस पर परिवारीजन उसे चार पहिया गाड़ी से लेकर सीएचसी जा रहे थे। रास्ते में ही प्रसूता ने एक बच्चे को जन्म दिया। कुछ देर बाद जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। इसके बाद परिवारीजन घर वापस लौट आए।
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पति की मानें तो नर्सिंग होम में इलाज में लापरवाही बरती गई, जिसके चलते जच्चा-बच्चा की मौत हुई। मामले में कार्रवाई होनी चाहिए। घटना के बाद शव का दाह संस्कार कर दिया गया। जच्चा-बच्चा की मौत की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग के अफसरों में हड़कंप मच गया।
सीएमओ ने डॉ. अभय मिश्रा, फार्मासिस्ट विनयशंकर पांडेय, तथागत सिंह की टीम गठित करके गांव भेजा। टीम ने गांव पहुंचकर परिवारीजनों के बयान दर्ज किए। जांच के बाद टीम वापस लौट आई। ऊंचाहार के सीएचसी अधीक्षक आरबी यादव का कहना है कि प्रसूता को यहां नहीं लाया गया था। उसका किस निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। इसकी जांच कराने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ के निर्देश पर टीम भेजकर जच्चा-बच्चा की मौत के मामले की जांच कराई गई। प्रसूता की हालत बिगड़ने पर परिवारीजन उसे लेकर अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में मौत हो गई। परिवारीजनों की ओर से लिखित शिकायत मिलने पर मामले में कार्रवाई की जाएगी।- डॉ. एसके चक, एसीएमओ
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कुछ देर बाद दोनों की मौत हो गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ ने जांच के निर्देश दिए। इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर जच्चा-बच्चा की मौत के मामले की जांच की। मोखरा गांव की रहने वाली प्रसूता रूपा (22) पत्नी मुकेश कुमार का इलाज ऊंचाहार के एक निजी अस्पताल में चल रहा था।
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बताते हैं कि गुरुवार को सुबह अचानक रूपा की हालत बिगड़ गई। इस पर परिवारीजन उसे चार पहिया गाड़ी से लेकर सीएचसी जा रहे थे। रास्ते में ही प्रसूता ने एक बच्चे को जन्म दिया। कुछ देर बाद जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। इसके बाद परिवारीजन घर वापस लौट आए।
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पति की मानें तो नर्सिंग होम में इलाज में लापरवाही बरती गई, जिसके चलते जच्चा-बच्चा की मौत हुई। मामले में कार्रवाई होनी चाहिए। घटना के बाद शव का दाह संस्कार कर दिया गया। जच्चा-बच्चा की मौत की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग के अफसरों में हड़कंप मच गया।
सीएमओ ने डॉ. अभय मिश्रा, फार्मासिस्ट विनयशंकर पांडेय, तथागत सिंह की टीम गठित करके गांव भेजा। टीम ने गांव पहुंचकर परिवारीजनों के बयान दर्ज किए। जांच के बाद टीम वापस लौट आई। ऊंचाहार के सीएचसी अधीक्षक आरबी यादव का कहना है कि प्रसूता को यहां नहीं लाया गया था। उसका किस निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। इसकी जांच कराने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ के निर्देश पर टीम भेजकर जच्चा-बच्चा की मौत के मामले की जांच कराई गई। प्रसूता की हालत बिगड़ने पर परिवारीजन उसे लेकर अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में मौत हो गई। परिवारीजनों की ओर से लिखित शिकायत मिलने पर मामले में कार्रवाई की जाएगी।- डॉ. एसके चक, एसीएमओ