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एक लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को बिजली से मिली राहत
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एक लाख उपभोक्ताओं को बिजली समस्या से मिलेगी राहत
डलमऊ-सरेनी ट्रांसमिशन की लाइन का निर्माण पूरा
अभी तक त्रिपुला से जुड़ा था डलमऊ ट्रांसमिशन
रायबरेली। डलमऊ ट्रांसमिशन से जुड़े करीब एक लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को बिजली समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा, क्योंकि अब डलमऊ ट्रांसमिशन को त्रिपुला के अलावा सरेनी ट्रांसमिशन से भी जोड़ दिया गया है। शुक्रवार को नवनिर्मित लाइन से अभियंताओं ने बिजली सप्लाई शुरू कर दी है। अब किसी एक लाइन में फॉल्ट आने पर उपभोक्ताओं को दूसरी लाइन से जोड़कर बिजली आपूर्ति दे दी जाएगी।
डलमऊ ट्रांसमिशन से विद्युत उपकेंद्र डलमऊ, डलमऊ तहसील, डलमऊ पंप कैनाल हेड और टेल के अलावा गदागंज, जमुनापुर, उत्तरपारा, लालगंज, लालगंज तहसील उपकेंद्र जुड़े हैं। इन उपकेंद्रों से एक लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को बिजली सप्लाई होती है। अभी तक डलमऊ ट्रांसमिशन त्रिपुला ट्रांसमिशन से जुड़ा था।
त्रिपुला ट्रांसमिशन या लाइन में गड़बड़ी होने के चलते डलमऊ ट्रांसमिशन से जुड़े उपकेंद्रों की बत्ती गुल हो जाती थी। इस समस्या से लोगों को न जूझना पड़े, इसके लिए सरेनी ट्रांसमिशन से डलमऊ ट्रांसमिशन के लिए नई लाइन का निर्माण करा दिया गया है। अब किसी एक लाइन में गड़बड़ी आने पर लोगों को बिजली समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा।
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डलमऊ ट्रांसमिशन को सरेनी से जोड़ने के लिए 23 किलोमीटर लाइन का निर्माण कराया गया है। इसके निर्माण में पांच करोड़ रुपये खर्च किए गए। निर्माण का कार्य ट्रांसमिशन के अवर अभियंता रामनरेश कुशवाहा एवं उपखंड अधिकारी सौरभ प्रजापति की देखरेख में कराया गया। एसडीओ ने बताया कि लाइन बनकर चालू होने से एक लाख उपभोक्ताओं को बिजली समस्या से राहत मिलेगी।
ट्रांसमिशन के अधिशासी अभियंता अखिलेश यादव ने बताया कि लाइन का निर्माण गुणवत्तापूर्ण कराकर आपूर्ति शुरू कर दी गई है। खंभे (टॉवर ) बनाने और लाइन खींचने में किसानों की फसल बर्बाद हुई हैं। इसके लिए किसानों के खाते में 20 लाख रुपया जमा करा दिया गया है।
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डलमऊ-सरेनी ट्रांसमिशन की लाइन का निर्माण पूरा
अभी तक त्रिपुला से जुड़ा था डलमऊ ट्रांसमिशन
रायबरेली। डलमऊ ट्रांसमिशन से जुड़े करीब एक लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को बिजली समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा, क्योंकि अब डलमऊ ट्रांसमिशन को त्रिपुला के अलावा सरेनी ट्रांसमिशन से भी जोड़ दिया गया है। शुक्रवार को नवनिर्मित लाइन से अभियंताओं ने बिजली सप्लाई शुरू कर दी है। अब किसी एक लाइन में फॉल्ट आने पर उपभोक्ताओं को दूसरी लाइन से जोड़कर बिजली आपूर्ति दे दी जाएगी।
डलमऊ ट्रांसमिशन से विद्युत उपकेंद्र डलमऊ, डलमऊ तहसील, डलमऊ पंप कैनाल हेड और टेल के अलावा गदागंज, जमुनापुर, उत्तरपारा, लालगंज, लालगंज तहसील उपकेंद्र जुड़े हैं। इन उपकेंद्रों से एक लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को बिजली सप्लाई होती है। अभी तक डलमऊ ट्रांसमिशन त्रिपुला ट्रांसमिशन से जुड़ा था।
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त्रिपुला ट्रांसमिशन या लाइन में गड़बड़ी होने के चलते डलमऊ ट्रांसमिशन से जुड़े उपकेंद्रों की बत्ती गुल हो जाती थी। इस समस्या से लोगों को न जूझना पड़े, इसके लिए सरेनी ट्रांसमिशन से डलमऊ ट्रांसमिशन के लिए नई लाइन का निर्माण करा दिया गया है। अब किसी एक लाइन में गड़बड़ी आने पर लोगों को बिजली समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा।
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डलमऊ ट्रांसमिशन को सरेनी से जोड़ने के लिए 23 किलोमीटर लाइन का निर्माण कराया गया है। इसके निर्माण में पांच करोड़ रुपये खर्च किए गए। निर्माण का कार्य ट्रांसमिशन के अवर अभियंता रामनरेश कुशवाहा एवं उपखंड अधिकारी सौरभ प्रजापति की देखरेख में कराया गया। एसडीओ ने बताया कि लाइन बनकर चालू होने से एक लाख उपभोक्ताओं को बिजली समस्या से राहत मिलेगी।
ट्रांसमिशन के अधिशासी अभियंता अखिलेश यादव ने बताया कि लाइन का निर्माण गुणवत्तापूर्ण कराकर आपूर्ति शुरू कर दी गई है। खंभे (टॉवर ) बनाने और लाइन खींचने में किसानों की फसल बर्बाद हुई हैं। इसके लिए किसानों के खाते में 20 लाख रुपया जमा करा दिया गया है।