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बीईओ की ढिलाई से रसोइयों के घरों में ठंडे पड़ रहे हैं चूल्हे

Sat, 07 Sep 2019 11:42 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 07 Sep 2019 11:42 PM IST
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mid day meal
रायबरेली। बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित विद्यालयों में नौनिहालों का खाना बनाने वाली रसोइयों के घरों में चूल्हे ठंडे पड़ते जा रहे हैं। नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण भोजन बनाने का हर समय दबाव बनाने वाले अफसर रसोइयों का मानदेय समय से भेजने में कोताही बरत रहे हैं।
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अभी तक रसोइयों का मानदेय एमडीएम खाते में ही जाता था, लेकिन अब रसोइयों के व्यक्तिगत खातों में 1500 रुपये प्रतिमाह की दर से सीधे मानदेय भेजने की व्यवस्था की गई है। इसी वजह से अप्रैल महीने से अब तक रसोइयों को मानदेय नहीं मिल सका है। ऐसे में रसोइयों को परिवार का भरण-पोषण करने में दिक्कत आ रही है।
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जिले में मध्याह्न भोजन योजना के तहत 2705 विद्यालय आच्छादित हैं, जिनमें पढ़ने वाले लगभग 2.70 लाख बच्चे लाभान्वित होते हैं। विद्यालयों में छात्र संख्या के हिसाब से कहीं एक-दो तो कहीं तीन रसोइया तैनात हैं।
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विद्यालयों में पढ़ने वाले सभी बच्चों के लिए खाना बनाने का काम रसोइया करती हैं, जिनकी संख्या 6549 है। कहीं रसोइयों को लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाना पड़ता है तो कहीं रसोई गैस का प्रयोग करना पड़ता है।
रसोइये समय से खाना बनाकर बच्चों के सामने परोस देती हैं, लेकिन सही समय से मानदेय न मिलने के कारण उनके अपने घरों में ही रसोई की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं। जिले में तैनात 6549 रसोइयों को अप्रैल महीने से मानदेय नहीं मिला है।
इन सभी को उनके निजी खातों में 1500 रुपये प्रतिमाह की दर से मानदेय देने की व्यवस्था पहले से कर ली गई थी, लेकिन अब तक खातों का सत्यापन कार्य लटका हुआ है। अगस्त के शुरुआत में इस वित्तीय वर्ष के प्रथम त्रैमास के लिए रसोइयों के मानदेय का बजट आवंटित हो गया था, लेकिन एक महीना बीतने के बाद मानदेय रसोइयों के खातों में नहीं पहुंच सका है।
रसोइयों के बैंक खातों का ब्योरा जुटाया गया था। खातों के सत्यापन और त्रुटि सुधार के लिए सूची सभी ब्लाकों को भेजी गई थी, लेकिन अब तक महज आठ ब्लाक से ही सूची सत्यापित होकर वापस आई है। बाकी 11 ब्लाकों की ढिलाई के चलते पूरे जिले की रसोइयों का मानदेय अटका हुआ है।
बीएसए पीएन सिंह ने बताया कि रसोइयों के मानदेय का बजट अगस्त के शुरुआत में आवंटित हुआ था, लेकिन इसे खातों में भेजने की प्रक्रिया करीब 10 दिन पहले शुरू हुई। रसोइयों के एकाउंट में पैसा भेजना है, जिससे उनके खातों का सत्यापन बहुत जरूरी है।

ज्यादातर ब्लाकों ने सत्यापन आख्या भेज दी है। जिन लोगों ने ढिलाई बरती है, उन्हें फटकार लगाई गई है। हर हाल में सोमवार को मानदेय की फाइल को फाइनल कर दिया जाएगा, ताकि रसोइयों के खातों में जल्द मानदेय भेजा जा सके।
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