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सीएचसी में लाखों की दवाएं फूंकी, अधीक्षक समेत तीन हटे
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लालगंज (रायबरेली)। सीएचसी में मरीजों को बंटने के लिए आईं लाखों रुपये की दवाओं को कूड़े में फेंक दिया गया। मामले को छुपाने के लिए दवाओं को आग के हवाले कर दिया गया। शिकायत पर एसडीएम विजय कुमार मौके पर पहुंचे और आग को बुझवाया।
इसके बाद एक्सपायर्ड दवाओं को कूड़े के ढेर से निकला कर अपने कब्जे में ले लिया। डीएम की फटकार के बाद सीएमओ भी सीएचसी पहुंचे। अधीक्षक सहित अन्य स्टाफ के बयान दर्ज किए। जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए अधीक्षक समेत तीन लोगों को हटा दिया गया है। मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है।
मंगलवार को डीएम को सूचना दी गई कि लालगंज सीएचसी के पीछे कूड़े के ढेर में दवाओं को फेंककर आग लगा दी गई है। दवाओं के जलने से वातावरण में अजीब सी गंध फैल गई है। इससे जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही डीएम ने एसडीएम लालगंज को मौके पर भेजा।
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एसडीएम ने किसी तरह आग को बुझवाया और मजदूरों के माध्यम से दवाओं को बाहर निकलवाया। उन्होंने दवाआें को बोरियों में भरवाकर अपने कब्जे में ले लिया है। डीएम ने सीएमओ को भी फटकार लगाई। डीएम के गंभीर होने के बाद सीएमओ भी जांच करने के लिए मौके पर पहुंचे।
अधीक्षक, फार्मासिस्ट सहित अन्य स्टाफ के बयान दर्ज किए। उधर, एसडीएम ने मामले की जांच रिपोर्ट डीएम को उपलब्ध करा दी। जांच में प्रथम दृष्टया अधीक्षक डॉ. राजीव गौतम, फार्मासिस्ट रामखेलावन पटेल और बीएसडब्ल्यू अतुल कुमार को हटा दिया गया है। सीएमओ ने जांच टीम भी गठित कर दी है।
अधजली मिलीं जनवरी 2022 में एक्सपायर्ड होने वाली दवाएं: एसडीएम
लालगंज के एसडीएम विजय कुमार ने बताया कि कूड़े के ढेर में लगी आग को किसी तरह बुझवाकर दवाओं को बाहर निकलवाया गया है। तमाम अधजली दवाएं जनवरी 2022 में एक्सपायर्ड होने वाली थीं। इन दवाओं की कीमत लाखों में हो सकती है। जांच रिपोर्ट डीएम को भेजी जा रही है। दवाएं मरीजों ने न बांटकर कूड़े में फेंककर नष्ट करने का प्रयास किया गया है। बरामद दवाओं को बोरियों में भरवाकर कब्जे में ले लिया गया है।
.........
जांच के बाद करेंगे बड़ी कार्रवाई: सीएमओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मनमानी पकड़ में आने के बाद अधीक्षक समेत तीन लोगों को सीएचसी से हटा दिया गया है। पूरी जांच के लिए एसीएमओ स्तर के अधिकारियों की टीम गठित कर दी गई है। जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों पर बड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। जरूरत पड़ी तो मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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इसके बाद एक्सपायर्ड दवाओं को कूड़े के ढेर से निकला कर अपने कब्जे में ले लिया। डीएम की फटकार के बाद सीएमओ भी सीएचसी पहुंचे। अधीक्षक सहित अन्य स्टाफ के बयान दर्ज किए। जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए अधीक्षक समेत तीन लोगों को हटा दिया गया है। मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है।
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मंगलवार को डीएम को सूचना दी गई कि लालगंज सीएचसी के पीछे कूड़े के ढेर में दवाओं को फेंककर आग लगा दी गई है। दवाओं के जलने से वातावरण में अजीब सी गंध फैल गई है। इससे जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही डीएम ने एसडीएम लालगंज को मौके पर भेजा।
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एसडीएम ने किसी तरह आग को बुझवाया और मजदूरों के माध्यम से दवाओं को बाहर निकलवाया। उन्होंने दवाआें को बोरियों में भरवाकर अपने कब्जे में ले लिया है। डीएम ने सीएमओ को भी फटकार लगाई। डीएम के गंभीर होने के बाद सीएमओ भी जांच करने के लिए मौके पर पहुंचे।
अधीक्षक, फार्मासिस्ट सहित अन्य स्टाफ के बयान दर्ज किए। उधर, एसडीएम ने मामले की जांच रिपोर्ट डीएम को उपलब्ध करा दी। जांच में प्रथम दृष्टया अधीक्षक डॉ. राजीव गौतम, फार्मासिस्ट रामखेलावन पटेल और बीएसडब्ल्यू अतुल कुमार को हटा दिया गया है। सीएमओ ने जांच टीम भी गठित कर दी है।
अधजली मिलीं जनवरी 2022 में एक्सपायर्ड होने वाली दवाएं: एसडीएम
लालगंज के एसडीएम विजय कुमार ने बताया कि कूड़े के ढेर में लगी आग को किसी तरह बुझवाकर दवाओं को बाहर निकलवाया गया है। तमाम अधजली दवाएं जनवरी 2022 में एक्सपायर्ड होने वाली थीं। इन दवाओं की कीमत लाखों में हो सकती है। जांच रिपोर्ट डीएम को भेजी जा रही है। दवाएं मरीजों ने न बांटकर कूड़े में फेंककर नष्ट करने का प्रयास किया गया है। बरामद दवाओं को बोरियों में भरवाकर कब्जे में ले लिया गया है।
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जांच के बाद करेंगे बड़ी कार्रवाई: सीएमओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मनमानी पकड़ में आने के बाद अधीक्षक समेत तीन लोगों को सीएचसी से हटा दिया गया है। पूरी जांच के लिए एसीएमओ स्तर के अधिकारियों की टीम गठित कर दी गई है। जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों पर बड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। जरूरत पड़ी तो मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।