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लोदीपुर माइनर उफनाई, खेतों में भर रहा पानी
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खीरों (रायबरेली)। ब्लॉक क्षेत्र से होकर निकले रजबहो और माइनरों की सिल्ट सफाई में जमकर खानापूर्ति की गई। यही वजह है कि आए दिन नहरें कट रही हैं।
दो दिन पहले लोदीपुर और अतरहर माइनर में कटान होने से 50 बीघा से ज्यादा खेतों में बोई फसल जलमग्न हो गई। अभी भी लोदीपुर माइनर उफनाई है। खेतों में बोई फसल में पानी भर रहा है।
किसानों का कहना है कि नहर कटान को बंधवा दिया गया है, लेकिन पानी उफनाकर खेतों में भर रहा है। किसानों का कहना है कि सिल्ट सफाई में खानापूर्ति की गई है, लेकिन टेल तक पानी पहुंचाने की होड में माइनर उफना रही है।
सिंचाई विभाग उन्नाव खंड के अंतर्गत आने वाले शारदा सहायक पुरवा ब्रांच से गोहनामऊ रजबहा निकला है। इस रजबहे से लोदीपुर माइनर निकली है। दो दिन पहले मोहनपुर गांव के पास माइनर कट गई थी।
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सूचना पर विभाग की ओर से पानी रोककर नहर को बंधवाया गया। इसके बाद टेल तक पानी पहुंचाने के लिए फिर पानी छोड़ा गया। इस वजह मोहनपुर गांव के पास दूसरी जगह पर माइनर उफना गई।
अभी भी पानी खेतों में भर रहा है। पानी तालाब भरने के बाद गांव के किनारे तक पहुंच गया। किसानों ने पटरी बांधने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हुए।
इसी तरह अतरहर माइनर भी अतरहर गांव के पास कट गई। इससे तालाब और खेतों में पानी भर गया। दोनों माइनरों के कटने से करीब 50 बीघा गेहूं और सरसों की फसल जलमग्न हुई है।
किसान देवीप्रसाद तिवारी, दीपू, अनूप शर्मा, मोहनपुर के शिवमंगल पासवान, रामलखन, कैलाश, राम पियारे का आरोप है कि नहर विभाग पटरियों की मरम्मत नहीं कराता है। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है।
सिल्ट सफाई के नाम पर महज खानापूर्ति होती है, लेकिन हेड से टेल तक पानी पहुंचाने पर ही सिल्ट सफाई का भुगतान होता है। टेल तक पानी पहुंचाने के चक्कर में अक्सर नहरें कटती हैं।
अवर अभियंता सौरभ यादव ने बताया कि पटरी कटने की सूचना मिली थी। मौके पर कर्मचारियों को भेजकर माइनर को हेड से बंद करा कर कटी नहर पटरी को बंद करा दिया गया है, जहां पानी बह रहा है, वहां भी पटरी की मरम्मत कराई जाएगी।
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दो दिन पहले लोदीपुर और अतरहर माइनर में कटान होने से 50 बीघा से ज्यादा खेतों में बोई फसल जलमग्न हो गई। अभी भी लोदीपुर माइनर उफनाई है। खेतों में बोई फसल में पानी भर रहा है।
किसानों का कहना है कि नहर कटान को बंधवा दिया गया है, लेकिन पानी उफनाकर खेतों में भर रहा है। किसानों का कहना है कि सिल्ट सफाई में खानापूर्ति की गई है, लेकिन टेल तक पानी पहुंचाने की होड में माइनर उफना रही है।
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सिंचाई विभाग उन्नाव खंड के अंतर्गत आने वाले शारदा सहायक पुरवा ब्रांच से गोहनामऊ रजबहा निकला है। इस रजबहे से लोदीपुर माइनर निकली है। दो दिन पहले मोहनपुर गांव के पास माइनर कट गई थी।
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सूचना पर विभाग की ओर से पानी रोककर नहर को बंधवाया गया। इसके बाद टेल तक पानी पहुंचाने के लिए फिर पानी छोड़ा गया। इस वजह मोहनपुर गांव के पास दूसरी जगह पर माइनर उफना गई।
अभी भी पानी खेतों में भर रहा है। पानी तालाब भरने के बाद गांव के किनारे तक पहुंच गया। किसानों ने पटरी बांधने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हुए।
इसी तरह अतरहर माइनर भी अतरहर गांव के पास कट गई। इससे तालाब और खेतों में पानी भर गया। दोनों माइनरों के कटने से करीब 50 बीघा गेहूं और सरसों की फसल जलमग्न हुई है।
किसान देवीप्रसाद तिवारी, दीपू, अनूप शर्मा, मोहनपुर के शिवमंगल पासवान, रामलखन, कैलाश, राम पियारे का आरोप है कि नहर विभाग पटरियों की मरम्मत नहीं कराता है। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है।
सिल्ट सफाई के नाम पर महज खानापूर्ति होती है, लेकिन हेड से टेल तक पानी पहुंचाने पर ही सिल्ट सफाई का भुगतान होता है। टेल तक पानी पहुंचाने के चक्कर में अक्सर नहरें कटती हैं।
अवर अभियंता सौरभ यादव ने बताया कि पटरी कटने की सूचना मिली थी। मौके पर कर्मचारियों को भेजकर माइनर को हेड से बंद करा कर कटी नहर पटरी को बंद करा दिया गया है, जहां पानी बह रहा है, वहां भी पटरी की मरम्मत कराई जाएगी।