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17 हजार उपभोक्ताओं को जुगाड़ से मिल रही बिजली
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सरेनी (रायबरेली)। विद्युत उपकेंद्र सरेनी में विद्युत उपकरणों को चलाने के लिए लगा ट्रांसफार्मर खराब होने से विद्युत आपूर्ति चरमरा गई। कई घंटे बाद दूसरा ट्रांसफार्मर लगाकर सप्लाई बहाल कराई।
यहां पर कम क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाए जाने ट्रिपिंग की समस्या से 17 हजार लोगों को जूझना पड़ रहा है। ट्रांसफार्मर की क्षमता कम होने से न तो इनवर्टर चार्ज हो रहा है न हीं उपकरण चल पाते हैं।
विद्युत उपकेंद्र सरेनी से चार हसनापुर, तेजगांव, नीवीं, देवपुर फीडर निकले हैं। इन फीडरों से करीब 17 हजार उपभोक्ताओं को बिजली मिलती है। उपकेंद्र में बिजली उपयोग के लिए 63 केवीए का ट्रांसफार्मर लगा है।
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इसी से इनकमिंग और आउटगोइंग पैनल चलते हैं साथ ही साथ इनवर्टर भी चार्ज होता है। गुरुवार को ट्रांसफार्मर खराब हो गया। इससे उपकरणों ने काम करना बंद कर दिए। कई घंटे तक आपूर्ति बाधित रही। उपकेंद्र में रखा 25 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाकर उपकरण चलाए गए। यह ट्रांसफार्मर किसी गांव में जाने के लिए रखा था।
63 की जगह 25 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाने से उपकरणों को भरपूर बिजली नहीं मिल पा रही है। इस वजह से पैनल ट्रिप हो जाते हैं। हर 15 से 20 मिनट में ट्रिपिंग होती है। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
खास बात यह है कि 25 केवीए के ट्रांसफार्मर को जमीन पर ही रखकर चलाया जा रहा है। इससे करंट उतरने का भी खतरा बना है। हसनापुर गांव के शिव चरण, पहुरी के मनारे सिंह और कन्हैया सिंह व गुड्डू सिंह का कहना है कि इतनी ज्यादा ट्रिपिंग होती है कि घर में लगे उपकरण फुंकने का डर बना रहता है। अवर अभियंता श्यामू कुशवाहा ने बताया कि दूसरा ट्रांसफार्मर मंगाया गया है। ट्रांसफार्मर लगने के बाद समस्या दूर हो जाएगी।
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यहां पर कम क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाए जाने ट्रिपिंग की समस्या से 17 हजार लोगों को जूझना पड़ रहा है। ट्रांसफार्मर की क्षमता कम होने से न तो इनवर्टर चार्ज हो रहा है न हीं उपकरण चल पाते हैं।
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विद्युत उपकेंद्र सरेनी से चार हसनापुर, तेजगांव, नीवीं, देवपुर फीडर निकले हैं। इन फीडरों से करीब 17 हजार उपभोक्ताओं को बिजली मिलती है। उपकेंद्र में बिजली उपयोग के लिए 63 केवीए का ट्रांसफार्मर लगा है।
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इसी से इनकमिंग और आउटगोइंग पैनल चलते हैं साथ ही साथ इनवर्टर भी चार्ज होता है। गुरुवार को ट्रांसफार्मर खराब हो गया। इससे उपकरणों ने काम करना बंद कर दिए। कई घंटे तक आपूर्ति बाधित रही। उपकेंद्र में रखा 25 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाकर उपकरण चलाए गए। यह ट्रांसफार्मर किसी गांव में जाने के लिए रखा था।
63 की जगह 25 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाने से उपकरणों को भरपूर बिजली नहीं मिल पा रही है। इस वजह से पैनल ट्रिप हो जाते हैं। हर 15 से 20 मिनट में ट्रिपिंग होती है। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
खास बात यह है कि 25 केवीए के ट्रांसफार्मर को जमीन पर ही रखकर चलाया जा रहा है। इससे करंट उतरने का भी खतरा बना है। हसनापुर गांव के शिव चरण, पहुरी के मनारे सिंह और कन्हैया सिंह व गुड्डू सिंह का कहना है कि इतनी ज्यादा ट्रिपिंग होती है कि घर में लगे उपकरण फुंकने का डर बना रहता है। अवर अभियंता श्यामू कुशवाहा ने बताया कि दूसरा ट्रांसफार्मर मंगाया गया है। ट्रांसफार्मर लगने के बाद समस्या दूर हो जाएगी।