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लाइसेंस निरस्त फिर भी खुला मिला मेडिकल हॉल
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रायबरेली। शहर के नावेद मार्केट चक अहदमपुर नजूल घंटाघर में संचालित फारुखी मेडिकल हॉल का लाइसेंस छह जुलाई को ही निरस्त कर दिया गया लेकिन दुकान धड़ल्ले से खुल रही है। दवा के क्रय-विक्रय पर रोक भी लगाई गई है। इसके बाद भी दुकान बंद नहीं हुई है। इस संबंध में शहर कोतवाली को दुकान बंद कराने के लिए पहले ही पत्र भेजा जा चुका है।
शहर के नावेद मार्केट चक अहदमपुर नजूल घंटाघर की शॉप संख्या सात में फारुखी मेडिकल हॉल संचालित है। थोक दवा बिक्री का लाइसेंस 30 जनवरी 2020 को जारी किया गया था। तत्कालीन औषधि निरीक्षक सुमित वर्मा ने अधूरे प्रपत्र होने के बाद भी लाइसेंस जारी करवा दिया था।
बाद में मामला पकड़ में आने के बाद औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी (विक्रय) ने प्रतिष्ठान के संचालक को नोटिस देकर किरायानामा व अन्य प्रपत्र उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे लेकिन प्रपत्र उपलब्ध नहीं कराए गए। ऐसे में छह जुलाई को लाइसेंस निरस्त कर दवाओं की खरीद व बिक्री पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद भी दुकान धड़ल्ले से खुल रही है।
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औषधि निरीक्षक अजय कुमार संतोषी ने बताया कि लाइसेंस निरस्तीकरण का आदेश चस्पा किए जाने के बाद सात दिन का समय दिया गया है। दो अगस्त को रायबरेली आने पर दुकान के संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दुकान का संचालन पाए जाने पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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शहर के नावेद मार्केट चक अहदमपुर नजूल घंटाघर की शॉप संख्या सात में फारुखी मेडिकल हॉल संचालित है। थोक दवा बिक्री का लाइसेंस 30 जनवरी 2020 को जारी किया गया था। तत्कालीन औषधि निरीक्षक सुमित वर्मा ने अधूरे प्रपत्र होने के बाद भी लाइसेंस जारी करवा दिया था।
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बाद में मामला पकड़ में आने के बाद औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी (विक्रय) ने प्रतिष्ठान के संचालक को नोटिस देकर किरायानामा व अन्य प्रपत्र उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे लेकिन प्रपत्र उपलब्ध नहीं कराए गए। ऐसे में छह जुलाई को लाइसेंस निरस्त कर दवाओं की खरीद व बिक्री पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद भी दुकान धड़ल्ले से खुल रही है।
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औषधि निरीक्षक अजय कुमार संतोषी ने बताया कि लाइसेंस निरस्तीकरण का आदेश चस्पा किए जाने के बाद सात दिन का समय दिया गया है। दो अगस्त को रायबरेली आने पर दुकान के संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दुकान का संचालन पाए जाने पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।