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कस्तूरबा विद्यालयों को अगले महीने मिल जाएंगे 50 शिक्षक
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रायबरेली। शिक्षकों के संकट से जूझ रहे कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों को जल्द राहत मिलने वाली है। ज्यादातर स्कूलों में विज्ञान और गणित के शिक्षक न होने से पढ़ाई प्रभावित है।
इन विद्यालयों में अगले महीने रिक्त पदों पर शिक्षकों के चयन की पूरी उम्मीद है। एक साल से पद रिक्त चल रहे हैं। करीब आठ महीने पहले आवेदन मांगे गए थे।
जिले में 16 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय हैं, जिनमें दो विद्यालय उच्चीकृत हो चुके हैं। विद्यालयों में लगभग 1750 बालिकाएं पढ़ती हैं। इन स्कूलों में शिक्षकों समेत अन्य स्टाफ के 68 पद रिक्त हैं। चयन प्रक्रिया शुरू हुई तो 650 लोगों ने आवेदन किया था।
पूर्णकालिक शिक्षिकाओं के 34 रिक्त पदों में अंग्रेजी के छह, सामाजिक विषय के दो, गणित के 14 एवं विज्ञान विषय के 12 पद शामिल हैं। अंशकालिक शिक्षिकाओं के 16 पद रिक्त हैं। लेखाकार के पांच, सहायक रसोइया के सात, चौकीदार के चार और चपरासी के दो पदों पर भी चयन प्रक्रिया चल रही है।
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निर्धारित पदों के सापेक्ष 10 गुना अधिक आवेदन आने, पंचायत चुनाव और फिर कोरोना संक्रमण के चलते चयन प्रक्रिया लटकी थी, जिसमें अब तेजी आई है। सभी आवेदन पत्रों का गहनता से परीक्षण कराया जा रहा है, ताकि कहीं कोई गड़बड़ी न होने पाए। अगले महीने 50 शिक्षक और 18 अन्य स्टाफ का चयन पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
विद्यालय में सृजित पदों की संख्या
जिला समन्वयक विनय कुमार तिवारी ने बताया कि एक कस्तूरबा गांधी विद्यालय में निर्धारित विषयों के अनुरूप पूर्णकालिक शिक्षिकाओं के पांच और अंशकालिक शिक्षिकाओं के तीन पद सृजित हैं। एक लेखाकार, एक मुख्य रसोइया, दो सहायक रसोइया, एक चौकीदार और एक चपरासी की तैनाती होनी चाहिए। सृजित पदों के सापेक्ष 68 पद रिक्त होने पर आवेदन पत्र मांगे गए थे। चयन प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी।
जिले में संचालित 16 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में 68 रिक्त पदों पर चयन प्रक्रिया चल रही है। आवेदन पत्रों का परीक्षण कराया जा रहा है। जल्द चयन प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और विद्यालयों में शिक्षकों समेत अन्य स्टाफ के रिक्त पद पूरे हो जाएंगे।
-शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए
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इन विद्यालयों में अगले महीने रिक्त पदों पर शिक्षकों के चयन की पूरी उम्मीद है। एक साल से पद रिक्त चल रहे हैं। करीब आठ महीने पहले आवेदन मांगे गए थे।
जिले में 16 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय हैं, जिनमें दो विद्यालय उच्चीकृत हो चुके हैं। विद्यालयों में लगभग 1750 बालिकाएं पढ़ती हैं। इन स्कूलों में शिक्षकों समेत अन्य स्टाफ के 68 पद रिक्त हैं। चयन प्रक्रिया शुरू हुई तो 650 लोगों ने आवेदन किया था।
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पूर्णकालिक शिक्षिकाओं के 34 रिक्त पदों में अंग्रेजी के छह, सामाजिक विषय के दो, गणित के 14 एवं विज्ञान विषय के 12 पद शामिल हैं। अंशकालिक शिक्षिकाओं के 16 पद रिक्त हैं। लेखाकार के पांच, सहायक रसोइया के सात, चौकीदार के चार और चपरासी के दो पदों पर भी चयन प्रक्रिया चल रही है।
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निर्धारित पदों के सापेक्ष 10 गुना अधिक आवेदन आने, पंचायत चुनाव और फिर कोरोना संक्रमण के चलते चयन प्रक्रिया लटकी थी, जिसमें अब तेजी आई है। सभी आवेदन पत्रों का गहनता से परीक्षण कराया जा रहा है, ताकि कहीं कोई गड़बड़ी न होने पाए। अगले महीने 50 शिक्षक और 18 अन्य स्टाफ का चयन पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
विद्यालय में सृजित पदों की संख्या
जिला समन्वयक विनय कुमार तिवारी ने बताया कि एक कस्तूरबा गांधी विद्यालय में निर्धारित विषयों के अनुरूप पूर्णकालिक शिक्षिकाओं के पांच और अंशकालिक शिक्षिकाओं के तीन पद सृजित हैं। एक लेखाकार, एक मुख्य रसोइया, दो सहायक रसोइया, एक चौकीदार और एक चपरासी की तैनाती होनी चाहिए। सृजित पदों के सापेक्ष 68 पद रिक्त होने पर आवेदन पत्र मांगे गए थे। चयन प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी।
जिले में संचालित 16 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में 68 रिक्त पदों पर चयन प्रक्रिया चल रही है। आवेदन पत्रों का परीक्षण कराया जा रहा है। जल्द चयन प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और विद्यालयों में शिक्षकों समेत अन्य स्टाफ के रिक्त पद पूरे हो जाएंगे।
-शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए