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गूंजा गंगा मइया का उद्घघोष, आठ लाख श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
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कार्तिक पूर्णिमा पर संकट मोचन घाट में स्नान करते श्रद्धालु।
- फोटो : RAIBARAILY
डलमऊ/ऊंचाहार/सरेनी (रायबरेली)। कार्तिक पूर्णिमा पर मंगलवार को गंगाघाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ा। गंगा मइया के उद्घोष के बीच भोर से ही गंगा में स्नान करने श्रद्धालु पहुंच गए थे। जिले के 27 घाटों पर करीब आठ लाख से अधिक लोगों ने डुबकी लगाई।
गंगा में स्नान के बाद घाट किनारे स्थित मंदिरों में भक्तों ने पूजा अर्चना करके परिवार की सुख समृद्धि मांगी। सुरक्षा के मद्देनजर घाटों पर नाव के साथ गोताखोर भी तैनात रहे। डलमऊ में श्रद्धालुओं को गंग स्नान करने के लिए पांच किमी. तक पैदल चलना पड़ा, क्योंकि वाहनों को पहले ही रोक लिया गया।
जिले के डलमऊ के किला घाट, सड़क घाट, रानी शिवाला घाट, पक्का घाट, संकट मोचन घाट, पथवारी घाट पर सोमवार की रात से ही भक्तों का आना शुरू हो गया था। मंगलवार को तड़के पांच बजे तक घाटों पर भक्तों का सैलाब दिख रहा था। भक्तों ने गंगा स्नान किया।
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इसके बाद घाट किनारे मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना किया। एसडीएम डलमऊ आशाराम वर्मा ने बताया कि करीब चार लाख भक्तों ने गंगा स्नान किया। घाटों के लोगों ने तीर्थ पुरोहितों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के धार्मिक कार्यक्रम भी कराया। किसी ने सत्यनारायण भगवान की कथा सुनी तो किसी ने मुंडन संस्कार कराया। कुछ भक्तों ने तीर्थ पुरोहितों को यथाशक्ति दान दक्षिणा भी दिया।
ऊंचाहार क्षेत्र के गोकना, गोलाघाट, बादशाहपुर, पूरे तीर, खरौली व कोटरा बहादुरगंज के गंगाघाटों पर भक्तों ने आस्था की डुबकी लगाई। ऊंचाहार के अलावा जगतपुर, रोहनियां, सलोन, डीह, छतोह, परशदेपुर, नसीराबाद, अमेठी, सुल्तानपुर से लगभग दो लाख श्रद्धालुओं ने हर हर गंगे के जयघोष के साथ डुबकी लगाई।
घाट स्थित मंदिरों में दान, दही घी व शहद से अभिषेक किया। अक्षत, पुष्प, बेलपत्र चढ़ाया और धूप दीप से आरती की। तीर्थ पुरोहितों को दान देकर मां गंगा से अपने परिवार के सुख-समृद्धि के लिए कामना की। मंगलवार को दिनभर स्नान दान चलता रहा। सरेनी क्षेत्र के गेगासो, रालपुर, शिवपुरी, निसगर घाटों पर दो लाख भक्तों ने गंगा में डुबकी लगाई।
भक्तों ने मां गंगा की पूजा-अर्चना कर आरती किया। चंद्रग्रहण के सूतक के चलते मां संकटा के पट बंद कर दिए गए थे। इससे श्रद्धालुओं ने मां की चौखट पर माथा टेका और आशीर्वाद मांगा। पुजारी संतोष तिवारी ने बताया कि चंद्र ग्रहण के सूतक लगते ही मंदिर के पट सांकेतिक रूप से बंद कर दिए गए थे। इस मौके पर उपजिलाधिकारी अजीत प्रताप सिंह, सीओ महिपाल पाठक, तहसीलदार ज्ञानप्रताप सिंह, कोतवाल हरिकेश सिंह पुलिस बल के साथ गेगासो गंगा घाट में मुस्तैद रहे।
मेले में लोगों ने की खरीदारी
गैर जिलों से आए श्रद्धालुओं ने डलमऊ में पड़ाव डाल दिया। श्रद्धालुओं ने मेले में सजी दुकानों पर खरीदारी के साथ मनोरंजन के कार्यक्रमों का लुत्फ उठाया। पुरुषों ने लाठियां, बैलों के घुंघरू, युवतियों ने सौंदर्य से जुड़े सामान खरीदे। खिलौनों की दुकानों पर बच्चों की भीड़ दिखी। मेले में सजी जलेबी और चाट की दुकानों पर भीड़ उमड़ी।
पूजा के साथ ली गुरु दीक्षा, प्रवचन सुन प्रसाद छका
डलमऊ मेले में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। संस्कृत महाविद्यालय बड़ामठ में गुरु पूजा और गुरु दक्षिणा तथा गुरु दीक्षा का कार्यक्रम हुआ। भक्तों ने गुरु की आरती के साथ गुरु को दक्षिणा दिया। स्वामी देवेंद्र आनंद गिरि की पूजा अर्चना के साथ आरती की गई। यथासंभव भक्तों ने उन्हें गुरुदक्षिणा दी। स्वामी दिव्यानंद ने बताया कि बड़ा मठ डलमऊ में अयोध्या और दूरदराज से आए संतों ने प्रवचन कार्यक्रम भी किया।
रेलवे क्रॉसिंग पर आठ घंटे रही जाम की स्थिति
ऊंचाहार। मेले में स्थानीय प्रशासन सोमवार शाम से ही मुस्तैद रहा। प्रशासनिक कैंप में एसडीएम आशीष मिश्रा, तहसीलदार अजय गुप्ता, कोतवाल संजय त्यागी पूरी तरह से मुस्तैद रहे। मेला क्षेत्र से लगभग एक किमी. पहले बांधा बैरी व पूरे कुशल पानी टंकी के पास वाहन पार्किंग स्थल पर ही वाहनों को रोक लिया गया था। जमुनापुर चौराहे के पास रेलवे क्रॉसिंग पर लगभग आठ घंटे जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस कर्मियों को यातायात सामान्य करने में पसीना बहाना पड़ा। मेले में अपनों से बिछड़े सात मासूम व 18 महिलाओं को खोया पाया केंद्र ने उनके परिजनों से मिलवाया।
मेले में वितरित की गईं दवाएं
ऊंचाहार। मेले में स्वास्थ्य विभाग ने स्टाल लगाकर लोगों को दवाएं वितरित कीं। बुखार से पीड़ित 27 लोगों को दवाएं व चोट खाए 10 लोगों की मरहम पट्टी की। सीएचसी अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार शुक्ला की अगुवाई में स्वास्थ्य टीम सक्रिय रही। मेले में पुलिस कर्मियों की ओर से दुकानदारों से वसूली की शिकायतें भी रही। हालांकि कोतवाल संजय त्यागी का कहना था कि उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं है।
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गंगा में स्नान के बाद घाट किनारे स्थित मंदिरों में भक्तों ने पूजा अर्चना करके परिवार की सुख समृद्धि मांगी। सुरक्षा के मद्देनजर घाटों पर नाव के साथ गोताखोर भी तैनात रहे। डलमऊ में श्रद्धालुओं को गंग स्नान करने के लिए पांच किमी. तक पैदल चलना पड़ा, क्योंकि वाहनों को पहले ही रोक लिया गया।
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जिले के डलमऊ के किला घाट, सड़क घाट, रानी शिवाला घाट, पक्का घाट, संकट मोचन घाट, पथवारी घाट पर सोमवार की रात से ही भक्तों का आना शुरू हो गया था। मंगलवार को तड़के पांच बजे तक घाटों पर भक्तों का सैलाब दिख रहा था। भक्तों ने गंगा स्नान किया।
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इसके बाद घाट किनारे मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना किया। एसडीएम डलमऊ आशाराम वर्मा ने बताया कि करीब चार लाख भक्तों ने गंगा स्नान किया। घाटों के लोगों ने तीर्थ पुरोहितों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के धार्मिक कार्यक्रम भी कराया। किसी ने सत्यनारायण भगवान की कथा सुनी तो किसी ने मुंडन संस्कार कराया। कुछ भक्तों ने तीर्थ पुरोहितों को यथाशक्ति दान दक्षिणा भी दिया।
ऊंचाहार क्षेत्र के गोकना, गोलाघाट, बादशाहपुर, पूरे तीर, खरौली व कोटरा बहादुरगंज के गंगाघाटों पर भक्तों ने आस्था की डुबकी लगाई। ऊंचाहार के अलावा जगतपुर, रोहनियां, सलोन, डीह, छतोह, परशदेपुर, नसीराबाद, अमेठी, सुल्तानपुर से लगभग दो लाख श्रद्धालुओं ने हर हर गंगे के जयघोष के साथ डुबकी लगाई।
घाट स्थित मंदिरों में दान, दही घी व शहद से अभिषेक किया। अक्षत, पुष्प, बेलपत्र चढ़ाया और धूप दीप से आरती की। तीर्थ पुरोहितों को दान देकर मां गंगा से अपने परिवार के सुख-समृद्धि के लिए कामना की। मंगलवार को दिनभर स्नान दान चलता रहा। सरेनी क्षेत्र के गेगासो, रालपुर, शिवपुरी, निसगर घाटों पर दो लाख भक्तों ने गंगा में डुबकी लगाई।
भक्तों ने मां गंगा की पूजा-अर्चना कर आरती किया। चंद्रग्रहण के सूतक के चलते मां संकटा के पट बंद कर दिए गए थे। इससे श्रद्धालुओं ने मां की चौखट पर माथा टेका और आशीर्वाद मांगा। पुजारी संतोष तिवारी ने बताया कि चंद्र ग्रहण के सूतक लगते ही मंदिर के पट सांकेतिक रूप से बंद कर दिए गए थे। इस मौके पर उपजिलाधिकारी अजीत प्रताप सिंह, सीओ महिपाल पाठक, तहसीलदार ज्ञानप्रताप सिंह, कोतवाल हरिकेश सिंह पुलिस बल के साथ गेगासो गंगा घाट में मुस्तैद रहे।
मेले में लोगों ने की खरीदारी
गैर जिलों से आए श्रद्धालुओं ने डलमऊ में पड़ाव डाल दिया। श्रद्धालुओं ने मेले में सजी दुकानों पर खरीदारी के साथ मनोरंजन के कार्यक्रमों का लुत्फ उठाया। पुरुषों ने लाठियां, बैलों के घुंघरू, युवतियों ने सौंदर्य से जुड़े सामान खरीदे। खिलौनों की दुकानों पर बच्चों की भीड़ दिखी। मेले में सजी जलेबी और चाट की दुकानों पर भीड़ उमड़ी।
पूजा के साथ ली गुरु दीक्षा, प्रवचन सुन प्रसाद छका
डलमऊ मेले में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। संस्कृत महाविद्यालय बड़ामठ में गुरु पूजा और गुरु दक्षिणा तथा गुरु दीक्षा का कार्यक्रम हुआ। भक्तों ने गुरु की आरती के साथ गुरु को दक्षिणा दिया। स्वामी देवेंद्र आनंद गिरि की पूजा अर्चना के साथ आरती की गई। यथासंभव भक्तों ने उन्हें गुरुदक्षिणा दी। स्वामी दिव्यानंद ने बताया कि बड़ा मठ डलमऊ में अयोध्या और दूरदराज से आए संतों ने प्रवचन कार्यक्रम भी किया।
रेलवे क्रॉसिंग पर आठ घंटे रही जाम की स्थिति
ऊंचाहार। मेले में स्थानीय प्रशासन सोमवार शाम से ही मुस्तैद रहा। प्रशासनिक कैंप में एसडीएम आशीष मिश्रा, तहसीलदार अजय गुप्ता, कोतवाल संजय त्यागी पूरी तरह से मुस्तैद रहे। मेला क्षेत्र से लगभग एक किमी. पहले बांधा बैरी व पूरे कुशल पानी टंकी के पास वाहन पार्किंग स्थल पर ही वाहनों को रोक लिया गया था। जमुनापुर चौराहे के पास रेलवे क्रॉसिंग पर लगभग आठ घंटे जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस कर्मियों को यातायात सामान्य करने में पसीना बहाना पड़ा। मेले में अपनों से बिछड़े सात मासूम व 18 महिलाओं को खोया पाया केंद्र ने उनके परिजनों से मिलवाया।
मेले में वितरित की गईं दवाएं
ऊंचाहार। मेले में स्वास्थ्य विभाग ने स्टाल लगाकर लोगों को दवाएं वितरित कीं। बुखार से पीड़ित 27 लोगों को दवाएं व चोट खाए 10 लोगों की मरहम पट्टी की। सीएचसी अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार शुक्ला की अगुवाई में स्वास्थ्य टीम सक्रिय रही। मेले में पुलिस कर्मियों की ओर से दुकानदारों से वसूली की शिकायतें भी रही। हालांकि कोतवाल संजय त्यागी का कहना था कि उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं है।