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Raebareli News: डॉक्टरों और मेडिकल संचालकों का गठजोड़ तोड़ना नहीं आसान

Mon, 02 Jun 2025 12:53 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली Updated Mon, 02 Jun 2025 12:53 AM IST
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It is not easy to break the nexus between doctors and medical operators
रायबरेली। सरकारी अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों और मेडिकल स्टोर संचालकों का गठजोड़ तोड़ना आसान नहीं है। यही वजह है कि जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी-पीएचसी में बाहर की दवाएं लिखी जा रही हैं। भगवान कहे जाने वाले चिकित्सक कमीशन की खातिर रोगियों की जेब में डाका डाल रहे हैं।
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विभागीय सूत्रों का दावा है कि जिस तरह इन सभी का गठजोड़ बना है, उसे तोड़ने के लिए सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है। खासकर मेडिकल स्टोर संचालकों को चिह्नित कर उन्हें चिकित्सकों के चैंबर के अंदर आने-जाने पर रोक लगानी चाहिए। रविवार को सोशल मीडिया पर कुछ पर्चियां वायरल हुईं, जिसमें जिला अस्पताल के चिकित्सकों की ओर से रोगियों को बाहर की दवा लिखी गई हैं।
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कहा जा रहा है कि इन पर्चियों पर एक दिन पहले शनिवार को दवाएं लिखी गई थीं। नए सीएमएस डॉ. पुष्पेंद्र कुमार जिला अस्पताल और सीएमओ डॉ. नवीन चंद्रा भले ही सीएचसी-पीएचसी में बाहरी दवा न लिखे जाने का दावा कर रहे हों, लेकिन हकीकत इसके उलट है। गरीब जनता इलाज के नाम पर लूटी जा रही है।
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शिक्षक लिखवा रहा दवाएं
बच्चों को शिक्षा देने के साथ ही एक सरकारी शिक्षक दवा का कारोबार कर रहा है। शिक्षक की तैनाती तो अमेठी जिले में है, लेकिन यह शिक्षक ज्यादातर जिले में ही रहता है। जिला अस्पताल में तैनात चिकित्सकों और शिक्षक का गठजोड़ किसी से छिपा नहीं है। शिक्षक कई लोगों के साथ मिलकर दवा का कारोबार कर रहा है। कई बार शिक्षक के खिलाफ विभाग में शिकायत हुई, लेकिन कार्रवाई का नतीजा सिफर रहा।


कमीशन से हो रही मोटी कमाई
विभागीय सूत्रों का दावा है कि वेतन से ज्यादा कमाई तो चिकित्सक कमीशन की दवाएं लिखकर कर लेते हैं। एक चिकित्सक को हर दिन बाहर की दवा लिखने पर 10 से 15 हजार रुपये कमीशन के तौर पर मिल जाते हैं। खास बात ये है कि मेडिकल स्टोर संचालक की एंट्री चिकित्सकों के कक्ष में आसानी से होती है। कई ऐसे संचालक हैं, जो व्हाट्सअप कॉल के जरिए चिकित्सकों से बातचीत करते रहते हैं। जानकर बताते हैं कि कई ऐसी दवाएं होती हैं, जिन पर ज्यादा कमीशन तय होता है। ऐसे में चिकित्सक उन्हीं दवाओं को लिखते हैं, जिस पर कमीशन ज्यादा मिलता है।



मरीजों के लिए अस्पताल में ही दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सीएचसी और पीएचसी के अधीक्षकों के लिए सख्त आदेश हैं कि किसी कीमत पर बाहर की दवाएं न लिखें। बाहर की दवा लिखने की शिकायत मिलेगी तो चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई होगी।
- डॉ. जीपी गुप्ता, अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
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