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फर्नीचर नहीं तो टाट-पट्टी पर बैठ कर दी परीक्षा, भरी ओएमआर शीट
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रायबरेली। बच्चों के शैक्षिक स्तर का आंकलन करने के लिए शुक्रवार को जिले में 2705 परिषदीय विद्यालयों और 16 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में लर्निंग आउटकम्स की परीक्षा कराई गई।
परीक्षा किसी कॉपी में नहीं देनी थी, बल्कि ओएमआर शीट पर विकल्प चुनकर सही जवाब में गोल निशान लगाना था। इससे भले ही डेस्क-बेंच पर बैठकर परीक्षा दे रहे बच्चों को सहूलियत रही हो, लेकिन जमीन पर टाट-पट्टी बिछाकर बैठे बच्चों को काफी दुश्वारी हुई।
बेसिक शिक्षा विभाग की तमाम कोशिशों के बावजूद बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति नहीं हो सकी। लगभग 15 फीसदी बच्चे गैरहाजिर रहे।
लर्निंग आउटकम्स की परीक्षा के लिए दो घंटे का समय सुबह 10.30 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक तय था।
इस अवधि में 50 सवालों को हल करना था। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान ने प्रश्नपत्र तैयार कराया। जिसके जवाब ओएमआर शीट पर देने थे। कक्षा पांच से आठ तक के बच्चों के लिए हुई परीक्षा में लगभग 85 फीसदी उपस्थिति रही।
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खबर लिखे जाने तक तीन विकास क्षेत्रों की उपस्थिति मिली थी। जिनमें हरचंदपुर में पंजीकृत 6053 के सापेक्ष 5241 उपस्थिति, ऊंचाहार में 5991 के सापेक्ष 5020 उपस्थिति और शिवगढ़ में 5750 के सापेक्ष 4786 बच्चे उपस्थित रहे।
जिन स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था रही। वहां बच्चों ने डेस्क-बेंच पर बैठकर एग्जाम दिया, लेकिन ज्यादातर स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था न होने के कारण जमीन पर टाट-पट्टी बिछाकर परीक्षा देनी पड़ी।
परीक्षा के दौरान निगरानी के लिए जहां हर विद्यालय में नोडल अधिकारी या नोडल शिक्षक तैनात किए गए। औचक छापेमारी के लिए जिला स्तर पर चार सचल दस्ते और ब्लाक स्तर पर बीडीओ-बीईओ की टीम बनाई गई थी।
जिला स्तर के सचल दस्तों ने शहरी क्षेत्र या फिर नगर से सटे इलाके में ही भ्रमण कर खानापूरी कर ली। ब्लॉक स्तर के सचल दस्तों ने भी गिने-चुने स्कूलों में मुआयना किया।
बीएसए पीएन सिंह एवं डीसी ट्रेनिंग नीतू गुप्ता ने चक अहमदपुर समेत कई स्कूलों में निरीक्षण किया। इसी तरह डायट प्राचार्य, डीआईओएस और लेखाधिकारी के सचल दस्तों ने भी विद्यालयों में भ्रमण कर परीक्षा का मुआयना किया।
राज्य परियोजना निदेशालय से समग्र शिक्षा अभियान की सलाहकार नीलम सिंह ने बछरावां विकास क्षेत्र में स्कूलों का भ्रमण कर लर्निंग आउटकम्स परीक्षा का निरीक्षण किया।
उन्होंने प्राथमिक विद्यालय सरौरा, नीम टीकर, खैरहनी, पीठन, कुंदनगंज, उच्च प्राथमिक विद्यालय सरौरा, नीम टीकर, खैरहनी में मुआयना किया। उन्होंने शांतिपूर्ण ढंग से चल रही परीक्षा पर संतोष जताया।
उन्होंने बताया कि यह परीक्षा पूरे राज्य में एक साथ चल रही है। इसका मकसद कमजोर बच्चों की पहचान कर उन्हें उपचारात्मक शिक्षा प्रदान करना है।
बीएसए पीएन सिंह ने बताया कि लर्निंग आउटकम्स की परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से नकलविहीन कराया गया है। हर विद्यालय में कड़ी निगरानी रही। कहीं कोई गड़बड़ी नहीं हुई और न ही कोई शिकायत आई है। परीक्षा में उपस्थिति का ब्योरा सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से मांगा गया है। जल्दी ही उत्तर पत्रकों का मूल्यांकन करा लिया जाएगा।
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परीक्षा किसी कॉपी में नहीं देनी थी, बल्कि ओएमआर शीट पर विकल्प चुनकर सही जवाब में गोल निशान लगाना था। इससे भले ही डेस्क-बेंच पर बैठकर परीक्षा दे रहे बच्चों को सहूलियत रही हो, लेकिन जमीन पर टाट-पट्टी बिछाकर बैठे बच्चों को काफी दुश्वारी हुई।
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बेसिक शिक्षा विभाग की तमाम कोशिशों के बावजूद बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति नहीं हो सकी। लगभग 15 फीसदी बच्चे गैरहाजिर रहे।
लर्निंग आउटकम्स की परीक्षा के लिए दो घंटे का समय सुबह 10.30 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक तय था।
इस अवधि में 50 सवालों को हल करना था। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान ने प्रश्नपत्र तैयार कराया। जिसके जवाब ओएमआर शीट पर देने थे। कक्षा पांच से आठ तक के बच्चों के लिए हुई परीक्षा में लगभग 85 फीसदी उपस्थिति रही।
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खबर लिखे जाने तक तीन विकास क्षेत्रों की उपस्थिति मिली थी। जिनमें हरचंदपुर में पंजीकृत 6053 के सापेक्ष 5241 उपस्थिति, ऊंचाहार में 5991 के सापेक्ष 5020 उपस्थिति और शिवगढ़ में 5750 के सापेक्ष 4786 बच्चे उपस्थित रहे।
जिन स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था रही। वहां बच्चों ने डेस्क-बेंच पर बैठकर एग्जाम दिया, लेकिन ज्यादातर स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था न होने के कारण जमीन पर टाट-पट्टी बिछाकर परीक्षा देनी पड़ी।
परीक्षा के दौरान निगरानी के लिए जहां हर विद्यालय में नोडल अधिकारी या नोडल शिक्षक तैनात किए गए। औचक छापेमारी के लिए जिला स्तर पर चार सचल दस्ते और ब्लाक स्तर पर बीडीओ-बीईओ की टीम बनाई गई थी।
जिला स्तर के सचल दस्तों ने शहरी क्षेत्र या फिर नगर से सटे इलाके में ही भ्रमण कर खानापूरी कर ली। ब्लॉक स्तर के सचल दस्तों ने भी गिने-चुने स्कूलों में मुआयना किया।
बीएसए पीएन सिंह एवं डीसी ट्रेनिंग नीतू गुप्ता ने चक अहमदपुर समेत कई स्कूलों में निरीक्षण किया। इसी तरह डायट प्राचार्य, डीआईओएस और लेखाधिकारी के सचल दस्तों ने भी विद्यालयों में भ्रमण कर परीक्षा का मुआयना किया।
राज्य परियोजना निदेशालय से समग्र शिक्षा अभियान की सलाहकार नीलम सिंह ने बछरावां विकास क्षेत्र में स्कूलों का भ्रमण कर लर्निंग आउटकम्स परीक्षा का निरीक्षण किया।
उन्होंने प्राथमिक विद्यालय सरौरा, नीम टीकर, खैरहनी, पीठन, कुंदनगंज, उच्च प्राथमिक विद्यालय सरौरा, नीम टीकर, खैरहनी में मुआयना किया। उन्होंने शांतिपूर्ण ढंग से चल रही परीक्षा पर संतोष जताया।
उन्होंने बताया कि यह परीक्षा पूरे राज्य में एक साथ चल रही है। इसका मकसद कमजोर बच्चों की पहचान कर उन्हें उपचारात्मक शिक्षा प्रदान करना है।
बीएसए पीएन सिंह ने बताया कि लर्निंग आउटकम्स की परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से नकलविहीन कराया गया है। हर विद्यालय में कड़ी निगरानी रही। कहीं कोई गड़बड़ी नहीं हुई और न ही कोई शिकायत आई है। परीक्षा में उपस्थिति का ब्योरा सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से मांगा गया है। जल्दी ही उत्तर पत्रकों का मूल्यांकन करा लिया जाएगा।