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36 करोड़ मिलें तो सुधरे 41 राजकीय कॉलेजों की हालत
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रायबरेली। प्रोजेक्ट अलंकार योजना के तहत माध्यमिक शिक्षा के 41 राजकीय कालेजों के कायाकल्प की तैयारी चल रही है। किस कॉलेज में क्या कमियां हैं, कितना काम होना है, इसकी जानकारी के लिए तहसील क्षेत्रवार समितियां बनाई गई थी। इन समितियों ने विद्यालयों का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट तैयार की है।
प्रोजेक्ट अलंकार के तहत कराए जाने वाले कार्यों पर 41 विद्यालयों में करीब 36 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान लगाया गया है। विद्यालयवार कराए जाने वाले कार्यों और उस पर आने वाली लागत का ब्योरा तीन अलग-अलग प्रारूप में उच्चाधिकारियों को भेजा गया है।
प्रोजेक्ट अलंकार से माध्यमिक शिक्षा के राजकीय कॉलेजों की दशा सुधारी जाएगी। इसके तहत जर्जर विद्यालय भवनों की मरम्मत, रंगाई-पुताई समेत कई सुविधाएं बढ़ाने जैसे कार्य भी होंगे।
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जिले में 41 राजकीय माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं, जिनमें से कई विद्यालय काफी पुराने और भवन जर्जर हैं। प्रोजेक्ट अलंकार योजना के तहत डीएम की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जनपदीय समिति बनाई गई, जिसमें सीडीओ, डीआईओएस और एक तकनीकी सदस्य भी शामिल है।
सभी तहसीलों में भी एसडीएम की अध्यक्षता में चार सदस्यीय उप समिति बनी है। जिसमें तहसीलदार, प्रधानाचार्य और एक तकनीकी सदस्य शामिल है। सभी राजकीय कॉलेजों का परीक्षण कराकर यह पता लगाया गया कि क्या कमियां हैं, किन कार्यों की जरूरत है। कहां क्या काम कराना है, क्या लागत आएगी, इसका खाका तैयार किया गया है। इसकी रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
विद्यालयों में कराए जाने वाले कार्य
विद्यालयों की दीवार, छत एवं फर्श की मरम्मत, खिड़की-दरवाजे की मरम्मत, रंगाई-पुताई, बाउंड्रीवॉल और गेट, खेल मैदान, रेनवाटर हार्वेस्टिंग, स्वच्छ पाइप पेयजल की सुविधा, बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय, अतिरिक्त कक्षा कक्ष, प्रयोगशाला, स्मार्ट क्लास, साइकिल स्टैंड, मल्टी परपज हॉल, सोलर प्लांट की स्थापना व पुस्तकालय कक्ष समेत कई कार्य कराए जाने हैं।
प्रोजेक्ट अलंकार के तहत जनपदीय समिति के साथ ही सभी तहसीलों में उपसमिति गठित हुई है। सभी राजकीय विद्यालयों का परीक्षण कराया गया और निर्धारित बिंदुओं के बारे में जानकारी जुटाई गई। सभी 41 राजकीय कॉलेजों में क्या कार्य कराना है, इसका आकलन कराया गया तो इन कार्यों पर लगभग 36 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान लगाया गया है। निर्धारित प्रारूप पर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
- ओमकार राणा, डीआईओएस
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प्रोजेक्ट अलंकार के तहत कराए जाने वाले कार्यों पर 41 विद्यालयों में करीब 36 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान लगाया गया है। विद्यालयवार कराए जाने वाले कार्यों और उस पर आने वाली लागत का ब्योरा तीन अलग-अलग प्रारूप में उच्चाधिकारियों को भेजा गया है।
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प्रोजेक्ट अलंकार से माध्यमिक शिक्षा के राजकीय कॉलेजों की दशा सुधारी जाएगी। इसके तहत जर्जर विद्यालय भवनों की मरम्मत, रंगाई-पुताई समेत कई सुविधाएं बढ़ाने जैसे कार्य भी होंगे।
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जिले में 41 राजकीय माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं, जिनमें से कई विद्यालय काफी पुराने और भवन जर्जर हैं। प्रोजेक्ट अलंकार योजना के तहत डीएम की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जनपदीय समिति बनाई गई, जिसमें सीडीओ, डीआईओएस और एक तकनीकी सदस्य भी शामिल है।
सभी तहसीलों में भी एसडीएम की अध्यक्षता में चार सदस्यीय उप समिति बनी है। जिसमें तहसीलदार, प्रधानाचार्य और एक तकनीकी सदस्य शामिल है। सभी राजकीय कॉलेजों का परीक्षण कराकर यह पता लगाया गया कि क्या कमियां हैं, किन कार्यों की जरूरत है। कहां क्या काम कराना है, क्या लागत आएगी, इसका खाका तैयार किया गया है। इसकी रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
विद्यालयों में कराए जाने वाले कार्य
विद्यालयों की दीवार, छत एवं फर्श की मरम्मत, खिड़की-दरवाजे की मरम्मत, रंगाई-पुताई, बाउंड्रीवॉल और गेट, खेल मैदान, रेनवाटर हार्वेस्टिंग, स्वच्छ पाइप पेयजल की सुविधा, बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय, अतिरिक्त कक्षा कक्ष, प्रयोगशाला, स्मार्ट क्लास, साइकिल स्टैंड, मल्टी परपज हॉल, सोलर प्लांट की स्थापना व पुस्तकालय कक्ष समेत कई कार्य कराए जाने हैं।
प्रोजेक्ट अलंकार के तहत जनपदीय समिति के साथ ही सभी तहसीलों में उपसमिति गठित हुई है। सभी राजकीय विद्यालयों का परीक्षण कराया गया और निर्धारित बिंदुओं के बारे में जानकारी जुटाई गई। सभी 41 राजकीय कॉलेजों में क्या कार्य कराना है, इसका आकलन कराया गया तो इन कार्यों पर लगभग 36 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान लगाया गया है। निर्धारित प्रारूप पर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
- ओमकार राणा, डीआईओएस