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जिला अस्पताल में संक्रमण का खतरा, स्वास्थ्य सेवाएं ध्वस्त

Wed, 08 Sep 2021 10:56 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 08 Sep 2021 10:56 PM IST
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hospital in trouble
बच्चा वार्ड में गंदगी व तसले में रखा गंदा पानी। - फोटो : RAIBARAILY
सीन-1
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टंकी में भरा गंदा पानी, वार्ड में घूम रहे कुत्ते
लाडलों में संक्रमण का खतरा है, लेकिन जिला अस्पताल प्रशासन इसके लिए संजीदा नहीं है। बच्चा वार्ड की छत पर रखी पानी की टंकी पर ढक्कन नहीं है, उसमें गंदा पानी भरा हुआ है। इससे डेंगू का लार्वा पनप सकता है। वार्ड में कुत्ते घूम रहे हैं। बच्चों के इलाज के नाम पर खानापूरी हो रही है। इसका खामियाजा मासूमों को भोगना पड़ रहा है। बुधवार को बच्चा वार्ड को देखने सीएमओ भी पहुंचे, लेकिन मनमानी पर उनकी नजर नहीं पड़ी।
सीन-2
एक बेड पर दो-दो बच्चे, बिना मास्क के तीमारदार
कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों को ज्यादा खतरे की आशंका जताई जा रही है। इसके के बाद भी जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड की दशा बदहाल है। एक बेड पर दो-दो बच्चे भर्ती हैं। बच्चा वार्ड में बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए कोई बंदोबस्त नहीं हैं। कोरोना सुरक्षा के लिए कोई भी मास्क पहने नजर नहीं आता है। अस्पताल प्रशासन के अधिकारी भी बच्चों को संक्रमण के खतरे से बचाने के लिए कोई काम नहीं कर रहे हैं। लगातार संक्रमण का खतरा बढ़ने के बाद भी पूरी तरह से लापरवाही बरती जा रही है।
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सीन-3
ओपीडी परचा खिड़की से लेकर दवा काउंटर तक भीड़
जिला अस्पताल में भले ही कोरोना सुरक्षा के मानकों को ताक पर रखा गया है, लेकिन मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ओपीडी परचा बनवाने के लिए खिड़की से लेकर दवा काउंटर तक मरीजों की लंबी लाइन देखने को मिल रही है। ओपीडी कक्ष के बाहर बैठने की समुचित व्यवस्था न होने के कारण सोशल डिस्टेंसिंग को ताक पर रखकर लोगों को ओपीडी गेट पर नंबर आने का इंतजार करना पड़ता है। वार्डों में भी संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए पुख्ता प्रबंध नहीं किए गए हैं। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
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रायबरेली। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गईं हैं। खासकर बच्चा वार्ड को लेकर स्वास्थ्य अधिकारी तनिक भी संजीदा नहीं हैं। तीसरी लहर में बच्चों के चपेट में आने के की आशंका के बाद भी अफसर सुस्त रवैया अपनाए हैं।
अफसर निरीक्षण करने भी पहुंचते हैं तो औपचारिकता करके लौट आते हैं। सीएमओ ने बुधवार को बच्चा वार्ड का निरीक्षण तो किया, लेकिन वार्ड के बगल में गंदगी और छत पर रखी टंकी में भरे गंदे पानी पर भी उनकी नजर नहीं गई। बताते हैं इसी पानी का प्रयोग लोग कर रहे हैं। ऐसे में संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। जिला अस्पताल के अन्य वार्डों में भी इलाज के नाम पर लापरवाही बरती जा रही है।

जिला अस्पताल का बुधवार को निरीक्षण किया गया। बच्चा वार्ड व अस्पताल में जो भी कमियां मिलीं, उन्हें दुरुस्त कराने के आदेश सीएमएस को दिए गए हैं। बच्चों के साथ ही अन्य मरीजों के इलाज में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
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