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हर-हर गंगे का हुआ उद्घोष, भक्तों ने लगाई आस्था की डुबकी
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रायबरेली। गुरुपूर्णिमा पर भक्तों ने गंगा तटों पर आस्था की डुबकी लगाई। इस दौरान हर-हर गंगे के उद्घोष से वातावरण भक्तमय हो गया। भक्तों ने स्नान करने के बाद मंदिरों और शिवालयों में पूजा-अर्चना करने के बाद गुरुओं का आशीर्वाद लिया। सबसे ज्यादा भीड़ डलमऊ के गंगा तटों पर रही। रात से ही भक्तों का हुजूम उमड़ा। सुबह अधिक भीड़ होने से लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ा।
डलमऊ प्रतिनिधि के मुताबिक छोटी कार्तिक पूर्णिमा के रूप में प्रसिद्ध गुरु पूर्णिमा पर हजारों श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए एकत्रित हुए। डलमऊ के विभिन्न स्नान घाटों पर जिले के अलावा अन्य जनपदों के श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचे। सुबह से ही हर-हर गंगे के जयकारों के साथ स्नान किया। किलाघाट, सड़क घाट, वीआईपी घाट, रानी शिवाला घाट, पक्का घाट, संकट मोचन घाट, पथवारी घाट आदि के साथ अन्य घाटों पर लोगों ने डुबकी लगाई।
शिष्यों ने स्वामी देवेंद्रनंद गिरी को गुरु दक्षिणा देकर आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रसाद वितरण का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस मौके पर स्वामी दिव्यानंद, स्वामी गीतानंद, राम चेतन मौजूद रहे। ऊंचाहार प्रतिनिधि के मुताबिक गुरुपूर्णिमा पर भक्तों ने जयकारों के साथ स्नान किया। सावन के प्रारंभ पर भगवान शिव को जलाभिषेक के लिए कांवड़ यात्रा की प्रथा है। इसके लिए भक्त गंगा जल भरकर ले जाते हैं।
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हालांकि कोरोना के चलते सरकार ने कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाया है। गोकना घाट के अलावा क्षेत्र के गोला घाट, पूरे तीर, खरौली घाट पर भी बड़ी संख्या में लोगों ने गंगा में डुबकी लगाई। गोकना में क्षेत्र के अलावा नसीराबाद, जायस, डीह, छतोह, सलोन, सूची, जगतपुर, रोहनिया समेत अन्य स्थानों से हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर कल्याण की कामना की।
मां गंगा गोकर्ण जनसेवा कल्याण समिति की ओर से गोकना घाट पर गंगा आरती व दीपदान किया गया। इस मौके पर सचिव जितेंद्र द्विवेदी, बृजेश यादव, मोहन पाठक, रमेश कुमार द्विवेदी मौजूद रहे। सरेनी प्रतिनिधि के मुताबिक क्षेत्र के गेगासों, रालपुर, शिवपुरी घाटों में सैकड़ों लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। मंदिरों में पूजा-अर्चना की। कोतवाल रवेंद्र सिंह ने बताया कि जगह-जगह पर पुलिस वह महिला पुलिस कर्मियों को तैनात किया था, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
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डलमऊ प्रतिनिधि के मुताबिक छोटी कार्तिक पूर्णिमा के रूप में प्रसिद्ध गुरु पूर्णिमा पर हजारों श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए एकत्रित हुए। डलमऊ के विभिन्न स्नान घाटों पर जिले के अलावा अन्य जनपदों के श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचे। सुबह से ही हर-हर गंगे के जयकारों के साथ स्नान किया। किलाघाट, सड़क घाट, वीआईपी घाट, रानी शिवाला घाट, पक्का घाट, संकट मोचन घाट, पथवारी घाट आदि के साथ अन्य घाटों पर लोगों ने डुबकी लगाई।
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शिष्यों ने स्वामी देवेंद्रनंद गिरी को गुरु दक्षिणा देकर आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रसाद वितरण का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस मौके पर स्वामी दिव्यानंद, स्वामी गीतानंद, राम चेतन मौजूद रहे। ऊंचाहार प्रतिनिधि के मुताबिक गुरुपूर्णिमा पर भक्तों ने जयकारों के साथ स्नान किया। सावन के प्रारंभ पर भगवान शिव को जलाभिषेक के लिए कांवड़ यात्रा की प्रथा है। इसके लिए भक्त गंगा जल भरकर ले जाते हैं।
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हालांकि कोरोना के चलते सरकार ने कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाया है। गोकना घाट के अलावा क्षेत्र के गोला घाट, पूरे तीर, खरौली घाट पर भी बड़ी संख्या में लोगों ने गंगा में डुबकी लगाई। गोकना में क्षेत्र के अलावा नसीराबाद, जायस, डीह, छतोह, सलोन, सूची, जगतपुर, रोहनिया समेत अन्य स्थानों से हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर कल्याण की कामना की।
मां गंगा गोकर्ण जनसेवा कल्याण समिति की ओर से गोकना घाट पर गंगा आरती व दीपदान किया गया। इस मौके पर सचिव जितेंद्र द्विवेदी, बृजेश यादव, मोहन पाठक, रमेश कुमार द्विवेदी मौजूद रहे। सरेनी प्रतिनिधि के मुताबिक क्षेत्र के गेगासों, रालपुर, शिवपुरी घाटों में सैकड़ों लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। मंदिरों में पूजा-अर्चना की। कोतवाल रवेंद्र सिंह ने बताया कि जगह-जगह पर पुलिस वह महिला पुलिस कर्मियों को तैनात किया था, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।