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संदिग्ध हालात में बाबा की मौत, फंदे से लटका मिला शव
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खीरों (रायबरेली)। थाना क्षेत्र में एक बाबा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उसका शव रस्सी से पेड़ से लटकता पाया गया। वह एक साल पहले ही घर लौटकर आया था।
बताया जा रहा था कि दो दिन पहले भतीजे से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। मृतक के नाम ढाई बीघा जमीन थी। उसकी पत्नी व बच्चे नहीं थे। सूचना पर पहुंची पुलिस घटना की पड़ताल की।
खीरों थाना क्षेत्र के गौरनखेड़ा मजरे सकतपुर के पास लोन नदी के किनारे मंगलवार देर शाम 60 वर्षीय एक बाबा का शव बबूल के पेड़ पर अंगौछा के सहारे लटका मिला।
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उसकी पहचान धर्मपाल उर्फ पंजाबी के रूप में हुई, जो खीरों थाना क्षेत्र के सेवकखेड़ा गांव का रहने वाला था। मृतक की पहचान उन्नाव जिले में रहने वाले उसके जीजा रामदयाल ने की।
बताते हैं कि 40 साल पहले मृतक घर छोड़कर चला गया था। इसके बाद वह बाबा बन गया था। एक साल पहले गांव आया था और झोपड़ी बनाकर रहता था। भतीजे से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था।
थानेदार हरिशंकर प्रजापति का कहना है कि घटना की पड़ताल कराई जा रही है। बाबा ने खुदकुशी की है या फिर उसकी मौत की असल वजह और कुछ है, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा। मृतक के भतीजे समेत अन्य लोगों से भी घटना के बारे में पूछताछ की जा रही है।
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बताया जा रहा था कि दो दिन पहले भतीजे से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। मृतक के नाम ढाई बीघा जमीन थी। उसकी पत्नी व बच्चे नहीं थे। सूचना पर पहुंची पुलिस घटना की पड़ताल की।
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खीरों थाना क्षेत्र के गौरनखेड़ा मजरे सकतपुर के पास लोन नदी के किनारे मंगलवार देर शाम 60 वर्षीय एक बाबा का शव बबूल के पेड़ पर अंगौछा के सहारे लटका मिला।
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उसकी पहचान धर्मपाल उर्फ पंजाबी के रूप में हुई, जो खीरों थाना क्षेत्र के सेवकखेड़ा गांव का रहने वाला था। मृतक की पहचान उन्नाव जिले में रहने वाले उसके जीजा रामदयाल ने की।
बताते हैं कि 40 साल पहले मृतक घर छोड़कर चला गया था। इसके बाद वह बाबा बन गया था। एक साल पहले गांव आया था और झोपड़ी बनाकर रहता था। भतीजे से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था।
थानेदार हरिशंकर प्रजापति का कहना है कि घटना की पड़ताल कराई जा रही है। बाबा ने खुदकुशी की है या फिर उसकी मौत की असल वजह और कुछ है, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा। मृतक के भतीजे समेत अन्य लोगों से भी घटना के बारे में पूछताछ की जा रही है।