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अधूरे कोर्स के बीच बोर्ड परीक्षा देंगे विद्यार्थी
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Dec 2015 11:56 PM IST
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कई ऐसे राजकीय हाईस्कूल हैं, जहां एक भी शिक्षक तैनात नहीं हैं। राजकीय, एडेड और वित्तविहीन स्कूलों में गणित, विज्ञान, अंग्रेजी समेत जरूरी विषयों के शिक्षकों की कमी है।
पार्ट टाइम शिक्षकों के सहारे किसी तरह लक्ष्य पाने का प्रयास किया गया है। बोर्ड परीक्षा में हजारों बच्चे आधे-अधूरे कोर्स के बीच शामिल होंगे। इसका खामियाजा बच्चों को ही भुगतना होगा।
राजकीय हाईस्कूल जगतपुर, रोहनियां, जनई, ओसाह, जलालपुरधई, तामसगढ़, ओसाह समेत 18 स्कूलों में शिक्षकों की बेहद कमी हैं। मऊगर्वी व छतोह में शिक्षक नहीं हैं।
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यहां शिक्षकों को संबद्ध करके काम चलाया गया। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज रायबरेली में अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विषय व संगीत जैसे महत्वपूर्ण विषयों के पूरे शिक्षक नहीं हैं।
राजकीय इंटर कॉलेेज रायबरेली में भी अंग्रेजी व हिंदी के शिक्षक के पद खाली हैं। जिले में एडेड और वित्तविहीन स्कूलों में भी कोर्स को पूरा करने में खानापूरी की गई है। कहीं भी कोर्स पूरा नहीं हो सका है।
कोर्स पूरा न होने से परेशान छात्र-छात्राएं कोचिंग के सहारे बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। छात्रा अंजू देवी का कहना है कि कॉलेज में किसी न किसी तरह कोर्स पूरा हो गया है। लेकिन बेहतर तैयारी के लिए कोचिंग कर रहे हैं।
छात्रा बेबी शर्मा भी स्कूल में कोर्स से संतुष्ट नहीं है। छात्रा का कहना है कि घर में तैयारी न करें तो परीक्षा खराब हो जाएगी। छात्र संदीप कुमार का कहना है कि स्कूल के सहारे परीक्षा नहीं दी जा सकती है।
खानापूरी के तौर पर ही कोर्स को पूरा किया जाता है। छात्र सूरज कुमार का कहना है कि कोचिंग न की जाए तो पढ़ाई नहीं हो सकती है। स्कूल में पढ़ाई के भरोसे काम नहीं हो सकता है।
डीआईओएस डॉ. विनय मोहन ने बताया कि सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को कोर्स पूरा कराने के आदेश दिए गए हैं। चुनाव के कारण कोर्स पूरा नहीं हो पाया है।
हर तरह का प्रयास करके कोर्स पूरा कराने के आदेश दिए गए हैं। राजकीय स्कूलों में कोर्स पूरा कराने के लिए पार्ट टाइम शिक्षक रखने के निर्देश दिए गए थे।
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पार्ट टाइम शिक्षकों के सहारे किसी तरह लक्ष्य पाने का प्रयास किया गया है। बोर्ड परीक्षा में हजारों बच्चे आधे-अधूरे कोर्स के बीच शामिल होंगे। इसका खामियाजा बच्चों को ही भुगतना होगा।
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राजकीय हाईस्कूल जगतपुर, रोहनियां, जनई, ओसाह, जलालपुरधई, तामसगढ़, ओसाह समेत 18 स्कूलों में शिक्षकों की बेहद कमी हैं। मऊगर्वी व छतोह में शिक्षक नहीं हैं।
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यहां शिक्षकों को संबद्ध करके काम चलाया गया। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज रायबरेली में अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विषय व संगीत जैसे महत्वपूर्ण विषयों के पूरे शिक्षक नहीं हैं।
राजकीय इंटर कॉलेेज रायबरेली में भी अंग्रेजी व हिंदी के शिक्षक के पद खाली हैं। जिले में एडेड और वित्तविहीन स्कूलों में भी कोर्स को पूरा करने में खानापूरी की गई है। कहीं भी कोर्स पूरा नहीं हो सका है।
कोर्स पूरा न होने से परेशान छात्र-छात्राएं कोचिंग के सहारे बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। छात्रा अंजू देवी का कहना है कि कॉलेज में किसी न किसी तरह कोर्स पूरा हो गया है। लेकिन बेहतर तैयारी के लिए कोचिंग कर रहे हैं।
छात्रा बेबी शर्मा भी स्कूल में कोर्स से संतुष्ट नहीं है। छात्रा का कहना है कि घर में तैयारी न करें तो परीक्षा खराब हो जाएगी। छात्र संदीप कुमार का कहना है कि स्कूल के सहारे परीक्षा नहीं दी जा सकती है।
खानापूरी के तौर पर ही कोर्स को पूरा किया जाता है। छात्र सूरज कुमार का कहना है कि कोचिंग न की जाए तो पढ़ाई नहीं हो सकती है। स्कूल में पढ़ाई के भरोसे काम नहीं हो सकता है।
डीआईओएस डॉ. विनय मोहन ने बताया कि सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को कोर्स पूरा कराने के आदेश दिए गए हैं। चुनाव के कारण कोर्स पूरा नहीं हो पाया है।
हर तरह का प्रयास करके कोर्स पूरा कराने के आदेश दिए गए हैं। राजकीय स्कूलों में कोर्स पूरा कराने के लिए पार्ट टाइम शिक्षक रखने के निर्देश दिए गए थे।