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सरकारी स्कूलों के शिक्षक डॉ.राधाकृष्णन को भी नहीं जानते

Tue, 12 Jul 2016 11:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली Updated Tue, 12 Jul 2016 11:06 PM IST
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Government school teachers do not know Dr. Radhakrishnan
टीचर - फोटो : demo pic
शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने को लिए सरकार अरबों रुपये खर्च कर रही हैं। वहीं प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक में पढ़ने वाले छात्रों  की कौन कहे शिक्षकों को अपने महापुरुषों के बारे में पता नहीं है। मंगलवार को प्रभारी बीएसए अजय सिंह भी उस समय हतप्रभ रह गए, जब प्राथमिक विद्यालय खोर में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के लगे चित्र को छात्र ही नहीं, बल्कि शिक्षक भी नहीं पहचान सके।
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प्रभारी बीएसए ने प्राथमिक विद्यालय खोर और पूर्व माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। प्राथमिक विद्यालय में मौके पर 25 छात्र-छात्राएं मौजूद मिले। दीवार पर लगे डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र के बारे में छात्रों से पूछा, तो कोई जवाब नहीं दे सके।
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इस पर मौके पर मौजूद शिक्षक पदमधारी लाल से पूछा, तो वे भी सही जवाब नहीं दे सके। काफी कोशिश के बाद शिक्षक ने वेंकट रमन का चित्र बताया। इस पर प्रभारी बीएसए ने जमकर फटकार लगाई। वहीं पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 16 छात्र ही उपस्थित मिले।
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यहां पर छात्र-छात्राओं ने दशमलव पांच लिखने को कहा। कोई भी छात्र दशमलव पांच नहीं लिख सका। इस पर एक बटा दो और एक बटा आठ में कौन बड़ा है पूछा। इसका भी जवाब छात्र नहीं दे सके। इतना ही नहीं कई छात्र हिंदी और अंग्रेजी की किताब भी नहीं पढ़ सके। प्रभारी बीएसए ने नाराजगी जताई। मौके पर मौजूद शिक्षकों को फटकार लगाते हुए सुधरने की चेतावनी दी।
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