फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   fraud

अभिलेखों में चंद्रपाल को बना दिया रामपाल, आठ गाटा के पन्ने लापता

Fri, 10 Jun 2022 10:45 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jun 2022 10:45 PM IST
विज्ञापन
fraud
रायबरेली। कलेक्ट्रेट स्थित अभिलेखागार में तैनात कर्मचारियों और जालसाजों ने बेशकीमती जमीन हथियाने के चक्कर में दस्तावेज खुरच कर चंद्रपाल को रामपाल बना दिया।
विज्ञापन

उन्होंने जमीन के आठ गाटों के पन्ने भी फाड़कर गायब कर दिया। उन्होंने सलोन क्षेत्र के तीनों गांवों में ऐसा ही कारनामा अंजाम दिया है।
एक गांव के अभिलेखों में तो तीन चकों के मालिक के पिता के नाम तक बदल दिया गया है। तीनों गांवों की जमीन के सरकारी अभिलेखों में फर्जीवाड़े की जांच पूरी करके एडीएम (वित्त एवं राजस्व) ने अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है।
विज्ञापन

कलेक्ट्रेट स्थित अभिलेखागार में डीएम माला श्रीवास्तव ने सरकारी दस्तावेज में फर्जीवाड़ा पकड़ा है। सलोन तहसील क्षेत्र के प्यारेपुर, जौदहा और नुरुद्दीनपुर गांवों की जमीनों के दस्तावेजों में यह खेल किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जौदहा गांव के जोत बही आकार पत्र-23 की चक संख्या 495 में खुरचकर चंद्रपाल सिंह के स्थान पर रामपाल सिंह का नाम दर्ज किया गया है। इसी तरह प्यारेपुर गांव के जोत बही आकार पत्र-2क के गाटा संख्या 105 से 112 के बीच का पन्ना फाड़कर गायब कर दिया गया। पन्ना गायब करने के निशान दस्तावेज में उपलब्ध हैं।
यही नहीं प्यारेपुर गांव के बस्ते में उपलब्ध पुरानी खतौनियां और चकबंदी अभिलेख जोत चकबंदी आकार पत्र-2क, जोत चकबंदी आकार पत्र-11 व 23 आदि अभिलेखों में भी हेराफेरी की गई है।
इस गांव के अभिलेखों में भी पिता के नाम बदल दिए गए हैं। नुरुद्दीनपुर गांव के चक संख्या 418, 419, 420 में हेराफेरी करके पिता के नाम बदले गए हैं। जांच में यह भी तथ्य सामने आया कि यह फर्जीवाड़ा पिछले साल अगस्त में किया गया था। हालांकि खुलासा होने के बाद अब साजिश करने वाले और जालसाज चिह्नित करके उन पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
जो बाबू लपेटे मेें आया, उसकी दोबारा हुई थी तैनाती
अभिलेखागार के वरिष्ठ सहायक व सहायक अभिलेखपाल कृष्ण बहादुर सिंह को पूर्व में इस पद से हटाया गया था। जनवरी 2020 में दोबारा उन्हें अभिलेखागार में तैनात कर अभिलेखों की सुरक्षा की जिम्मेदारी दे दी गई। एडीएम (वित्त एवं राजस्व) प्रेम प्रकाश उपाध्याय की जांच में पाया कि इन्हीं के कार्यकाल में अभिलेखों में हेराफेरी हुई है। आनंद कुमार सिंह, सुषमा देवी और रिटायर्ड तत्कालीन अभिलेखपाल राजस्व नवल किशोर शुक्ला के नाम भी जांच में सामने आए हैं। हालांकि अभी कई और नाम सामने आना बाकी है।
डीएम ने तलब की उफरामऊ में खेल की रिपोर्ट
वर्ष 2021 में सदर तहसील क्षेत्र के रायबरेली-अयोध्या राजमार्ग के किनारे उफरामऊ गांव में दो करोड़ की करीब चार बीघा बंजर जमीन को सरजूदेई के नाम दर्ज कराने के मामले में डीएम माला श्रीवास्तव ने पूरी रिपोर्ट मांगी है। इस मामले में तत्कालीन अभिलेखपाल राजस्व व संप्रति प्रशासनिक अधिकारी मंजू लता दीक्षित, अभिलेखागार राजस्व महादेव, तहसील कर्मी अभिलेखागार जमुना प्रसाद के अलावा उफरामऊ निवासी विद्याकांत, रमाकांत, श्रीकांत, गीता, विष्णुकांत, शिवाकांत, सोनल आदि पर मुकदमा दर्ज कराया गया था। विभागीय कार्रवाई के लिए जांच भी शुरू कराई गई थी।

अभिकोषागार के दस्तावेजों में हेराफेरी और पन्ने गायब करने के मामले में एडीएम की जांच रिपोर्ट आई है। एडीएम (प्रशासन) को मुकदमा दर्ज कराने के लिए प्रकरण से जुड़े सभी दोषियों को चिह्नित करने के लिए कहा गया है। उफरामऊ मामले में भी पूरी रिपोर्ट मांगी गई है। जल्द ही कार्रवाई होगी।
- माला श्रीवास्तव, जिलाधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed