{"_id":"58b313334f1c1bd85a830f96","slug":"four-of-hooch-deaths-in-ludhiana","type":"story","status":"publish","title_hn":"लुधियाना में जहरीली शराब से चार की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लुधियाना में जहरीली शराब से चार की मौत
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Sun, 26 Feb 2017 11:11 PM IST
विज्ञापन
death
- फोटो : getty images
भदोखर थाना क्षेत्र के भांव गांव के रहने वाले चार लोगों की लुधियाना में जहरीली शराब पीने से मौत हो गई। यह सभी सात महीने पहले लुधियाना गए थे और वहां पर वेटर का कार्य करते थे। महाशिवरात्रि के दिन शराब पी थी और इसके बाद चारों की हालत बिगड़ गई थी।
रविवार को दो लोगों के शव यहां गांव पहुंचे तो परिवारीजनों में कोहराम मच गया। शवों का गांव में ही अंतिम संस्कार किया गया। स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची। वहीं दो लोगों के शव अभी यहां नहीं पहुंचे हैं। जहरीली शराब ने चार घरों की खुशियां छीन ली हैं।
लखनऊ-इलाहाबाद राजमार्ग के किनारे जिला मुख्यालय से करीब दस किमी दूर भांव गांव बसा है। गांव निवासी दयाशंकर (40), गया प्रसाद (30), अमृतलाल (32) और धीरज (15) करीब सात माह पहले यहां से लुधियाना गए थे। बताते हैं कि ये सभी लुधियाना के धरमपुर में एक किराये का कमरा लेकर एक साथ रहते थे और वेटर का कार्य करते थे।
विज्ञापन
महाशिवरात्रि के दिन चारों ने कमरे में शराब पी। दूसरे दिन सभी की हालत बिगड़ गई। दयाशंकर, गया प्रसाद का अस्पताल में इलाज कराया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हो पा रहा था। इससे दयाशंकर और गया प्रसाद को लुधियाना से रायबरेली गांव लाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में दोनों ने दम तोड़ दिया।
वहीं अमृतलाल और धीरज की भी मौत हो गई। बताते हैं कि चारों ने जो शराब पी थी, वह जहरीली थी। इस वजह से चारों की सांसें हमेशा के लिए थम गई। रविवार को दयाशंकर और गया प्रसाद के शव यहां पहुंचे तो परिवारीजनों में चीखें गूंज पड़ी।
वहीं दो अमृतलाल और धीरज के शव अभी नहीं पहुंचे। सूचना पर थानेदार आरके सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। थानेदार का कहना है कि दो लोगों के शव आए थे, जिनका अंतिम संस्कार करा दिया गया है। पूछताछ में जानकारी हुई है कि जहरीली शराब पीने से लुधियाना में चारों की मौत हुई है। ये वेटर का कार्य करते थे।
विज्ञापन
रविवार को दो लोगों के शव यहां गांव पहुंचे तो परिवारीजनों में कोहराम मच गया। शवों का गांव में ही अंतिम संस्कार किया गया। स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची। वहीं दो लोगों के शव अभी यहां नहीं पहुंचे हैं। जहरीली शराब ने चार घरों की खुशियां छीन ली हैं।
विज्ञापन
लखनऊ-इलाहाबाद राजमार्ग के किनारे जिला मुख्यालय से करीब दस किमी दूर भांव गांव बसा है। गांव निवासी दयाशंकर (40), गया प्रसाद (30), अमृतलाल (32) और धीरज (15) करीब सात माह पहले यहां से लुधियाना गए थे। बताते हैं कि ये सभी लुधियाना के धरमपुर में एक किराये का कमरा लेकर एक साथ रहते थे और वेटर का कार्य करते थे।
विज्ञापन
महाशिवरात्रि के दिन चारों ने कमरे में शराब पी। दूसरे दिन सभी की हालत बिगड़ गई। दयाशंकर, गया प्रसाद का अस्पताल में इलाज कराया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हो पा रहा था। इससे दयाशंकर और गया प्रसाद को लुधियाना से रायबरेली गांव लाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में दोनों ने दम तोड़ दिया।
वहीं अमृतलाल और धीरज की भी मौत हो गई। बताते हैं कि चारों ने जो शराब पी थी, वह जहरीली थी। इस वजह से चारों की सांसें हमेशा के लिए थम गई। रविवार को दयाशंकर और गया प्रसाद के शव यहां पहुंचे तो परिवारीजनों में चीखें गूंज पड़ी।
वहीं दो अमृतलाल और धीरज के शव अभी नहीं पहुंचे। सूचना पर थानेदार आरके सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। थानेदार का कहना है कि दो लोगों के शव आए थे, जिनका अंतिम संस्कार करा दिया गया है। पूछताछ में जानकारी हुई है कि जहरीली शराब पीने से लुधियाना में चारों की मौत हुई है। ये वेटर का कार्य करते थे।