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सात घंटे की बिजली कटौती से बेहाल रहे चार लाख उपभोक्ता
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रायबेरली। जिले में विद्युत कटौती से उपभोक्ता बेहाल है। सोमवार रात करीब सात घंटे की बिजली गुल होने से 989 ग्राम पंचायतें अंधेरे में रहीं। इन गांवों में करीब चार लाख से ज्यादा उपभोक्ता विद्युत कटौती से जूझते रहे। अभियंताओं ने पावर ग्रिड कंट्रोल रूप में कटौती होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया।
शासन से ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल घोषित किया गया है। हालांकि पिछले एक सप्ताह से बेतहाशा कटौती हो रही है। शाम होते हुए बत्ती गुल हो जाती है। सोमवार को भी यही हाल रहा। रात करीब साढ़े बजे बिजली चली गई। एक साथ ग्रामीण क्षेत्र की बिजली जाने से उपभोक्ता बेहाल रहे।
उपभोक्ता, उपकेंद्रों पर फोन मिलाकर बिजली कटौती की वजह जानने की कोशिश करते रहे, लेकिन सही जवाब नहीं मिला। बिजली नहीं आने से ग्रामीणों को गर्मी और उमस से जूझना पड़ा। उपभोक्ताओं ने बताया कि शासन से घोषित रोस्टर के हिसाब से बिजली कभी नहीं मिलती है।
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कभी शाम को तो कभी रात में कटौती हो जाती है। सुबह पौने पांच बिजली आने पर लोगों ने राहत की सांस ली। ट्रांसमिशन के एक्सईएन अखिलेश कुमार ने बताया कि कंट्रोल रूप में अघोषित बिजली कटौती की गई थी। लोकल स्तर पर कोई समस्या नहीं थी।
बिजली किल्लत से नहीं मिल पा रही राहत
बिजली समस्या से उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिल पा रही है। जर्जर लाइनें होने के कारण अक्सर बिजली गुल रहती है। हर दिन अघोषित कटौती होने के कारण नींद हराम है। उपभोक्ता नंद किशोर साहू, पवन कुमार गुप्ता, राजकुमार यादव, छोटेलाल ने बताया कि बिजली आने-जाने का कोई समय नहीं है। रात में प्रतिदिन एक से दो घंटे की कटौती होती है। जिस समय कटौती होती है। सभी ने रात में होने वाली कटौती को बंद कराए जाने की मांग की है।
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शासन से ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल घोषित किया गया है। हालांकि पिछले एक सप्ताह से बेतहाशा कटौती हो रही है। शाम होते हुए बत्ती गुल हो जाती है। सोमवार को भी यही हाल रहा। रात करीब साढ़े बजे बिजली चली गई। एक साथ ग्रामीण क्षेत्र की बिजली जाने से उपभोक्ता बेहाल रहे।
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उपभोक्ता, उपकेंद्रों पर फोन मिलाकर बिजली कटौती की वजह जानने की कोशिश करते रहे, लेकिन सही जवाब नहीं मिला। बिजली नहीं आने से ग्रामीणों को गर्मी और उमस से जूझना पड़ा। उपभोक्ताओं ने बताया कि शासन से घोषित रोस्टर के हिसाब से बिजली कभी नहीं मिलती है।
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कभी शाम को तो कभी रात में कटौती हो जाती है। सुबह पौने पांच बिजली आने पर लोगों ने राहत की सांस ली। ट्रांसमिशन के एक्सईएन अखिलेश कुमार ने बताया कि कंट्रोल रूप में अघोषित बिजली कटौती की गई थी। लोकल स्तर पर कोई समस्या नहीं थी।
बिजली किल्लत से नहीं मिल पा रही राहत
बिजली समस्या से उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिल पा रही है। जर्जर लाइनें होने के कारण अक्सर बिजली गुल रहती है। हर दिन अघोषित कटौती होने के कारण नींद हराम है। उपभोक्ता नंद किशोर साहू, पवन कुमार गुप्ता, राजकुमार यादव, छोटेलाल ने बताया कि बिजली आने-जाने का कोई समय नहीं है। रात में प्रतिदिन एक से दो घंटे की कटौती होती है। जिस समय कटौती होती है। सभी ने रात में होने वाली कटौती को बंद कराए जाने की मांग की है।