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लापता स्कूल को ढूंढे, दर्ज कराएं एफआईआर
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
Updated Thu, 12 May 2016 12:22 AM IST
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शहर क्षेत्र के पीएसी के पास स्कूल की मान्यता लेने के बाद 10 साल से संजय स्मारक जूनियर हाईस्कूल लापता है। जिस स्थान पर स्कूल संचालित किए जाने के लिए आदेश जारी किया गया था, उस स्थान पर नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबंध परियोजना की स्थापना नगर पालिका की ओर से की गई है।
जांच में मामला पकड़ में आने के बाद बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी करके संबंधित स्कूल को ढूंढकर उसके संचालक के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए हैं।
वर्ष 1986 में संजय स्मारक जूनियर हाईस्कूल निकट पीएचसी रायबरेली को बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से मान्यता दी गई थी।
कुछ वर्षों तक स्कूल संचालित रहा, लेकिन बाद में लापता हो गया। बताते हैं कि पीएसी के पास जिस स्थान पर यह स्कूल संचालित किया गया था, वह जमीन नगर पालिका की थी। वर्ष 2010 में नगर पालिका ने संबंधित जमीन पर कूड़ा निस्तारण प्लांट लगा दिया है।
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स्कूल गायब है, लेकिन टीसी जारी की जा रही है। ‘अमर उजाला’ ने 4 मई के अंक में ‘10 साल से लापता संजय जूनियर हाईस्कूल जारी कर रहा टीसी’ शीर्षक से खबर छापी थी। इसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूल की तलाश शुरू कर दी।
बीईओ नगर से रिपोर्ट मांगी गई तो पता चला कि स्कूल तो लापता है और संबंधित स्थल पर उसका नामोनिशान नहीं है। विभाग की ओर से स्कूल के संचालन के लिए स्थल परिवर्तन के संबंध में कोई आदेश भी जारी नहीं किया गया है।
बीईओ नगर की रिपोर्ट आने के बाद बीएसए ने सभी बीईओ को पत्र जारी करके स्कूल को ढूंढकर उसके खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्कूल को अमान्य घोषित कर दिया है। बीएसए रामसागर त्रिपाठी ने बताया कि बीईओ नगर की रिपोर्ट में संजय स्मारक जूनियर हाईस्कूल पीएसी के पास नहीं मिला है।
जिस स्थान पर स्कूल के संचालन के लिए मान्यता ली गई थी उस स्थान पर नगर पालिका की ओर से नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबंध परियोजना की स्थापना की गई है। सभी बीईओ को पत्र जारी करके संबंधित स्कूल को ढूंढकर उसके खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए गए हैं। स्कूल को अमान्य कर दिया गया है।
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जांच में मामला पकड़ में आने के बाद बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी करके संबंधित स्कूल को ढूंढकर उसके संचालक के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए हैं।
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वर्ष 1986 में संजय स्मारक जूनियर हाईस्कूल निकट पीएचसी रायबरेली को बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से मान्यता दी गई थी।
कुछ वर्षों तक स्कूल संचालित रहा, लेकिन बाद में लापता हो गया। बताते हैं कि पीएसी के पास जिस स्थान पर यह स्कूल संचालित किया गया था, वह जमीन नगर पालिका की थी। वर्ष 2010 में नगर पालिका ने संबंधित जमीन पर कूड़ा निस्तारण प्लांट लगा दिया है।
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स्कूल गायब है, लेकिन टीसी जारी की जा रही है। ‘अमर उजाला’ ने 4 मई के अंक में ‘10 साल से लापता संजय जूनियर हाईस्कूल जारी कर रहा टीसी’ शीर्षक से खबर छापी थी। इसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूल की तलाश शुरू कर दी।
बीईओ नगर से रिपोर्ट मांगी गई तो पता चला कि स्कूल तो लापता है और संबंधित स्थल पर उसका नामोनिशान नहीं है। विभाग की ओर से स्कूल के संचालन के लिए स्थल परिवर्तन के संबंध में कोई आदेश भी जारी नहीं किया गया है।
बीईओ नगर की रिपोर्ट आने के बाद बीएसए ने सभी बीईओ को पत्र जारी करके स्कूल को ढूंढकर उसके खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्कूल को अमान्य घोषित कर दिया है। बीएसए रामसागर त्रिपाठी ने बताया कि बीईओ नगर की रिपोर्ट में संजय स्मारक जूनियर हाईस्कूल पीएसी के पास नहीं मिला है।
जिस स्थान पर स्कूल के संचालन के लिए मान्यता ली गई थी उस स्थान पर नगर पालिका की ओर से नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबंध परियोजना की स्थापना की गई है। सभी बीईओ को पत्र जारी करके संबंधित स्कूल को ढूंढकर उसके खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए गए हैं। स्कूल को अमान्य कर दिया गया है।