{"_id":"451e780d3a421d20afeebb120f662d0e","slug":"farmers-upset-to-irrigation-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिंचाई के लिए परेशान किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिंचाई के लिए परेशान किसान
रायबरेली/अमरउजाला ब्यूरो
Updated Tue, 24 Nov 2015 11:12 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजकीय नलकूप नाकाम साबित हो रहे हैं। ऐसे में रबी फसलों की बोआई का कार्य काफी धीमा है। खासकर गेहूं की बोआई ठप सी है। हालात यही रहे तो इस बार लक्ष्य पूरा होना आसान नहीं होगा।
जिले की 251 नहरों, माइनरों और रजबहों में सिल्ट जमा है। साथ ही 380 में 35 नलकूप खराब पड़े हैं। शेष नलकूप कभी ऑपरेटर की लापरवाही से नहीं चलते तो कभी तकनीकी खराबी से बंद रहते हैं।
सिंचाई व्यवस्था बेपटरी होने का असर रबी की बोआई पर पड़ रहा है। 168342 हेक्टेयर के सापेक्ष 3230 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर गेहूं बोआई हो सकी है। बोआई भी गत काफी धीमी है।
विज्ञापन
सिंचाई विभाग के एक्सईएन मो. शमीम अब्बासी और नलकूप खंड के एक्सईएन मनोज कुमार का कहना है कि किसानों को सिंचाई के लिए भरपूर पानी उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
जिले की 251 नहरों, माइनरों और रजबहों में सिल्ट जमा है। साथ ही 380 में 35 नलकूप खराब पड़े हैं। शेष नलकूप कभी ऑपरेटर की लापरवाही से नहीं चलते तो कभी तकनीकी खराबी से बंद रहते हैं।
विज्ञापन
सिंचाई व्यवस्था बेपटरी होने का असर रबी की बोआई पर पड़ रहा है। 168342 हेक्टेयर के सापेक्ष 3230 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर गेहूं बोआई हो सकी है। बोआई भी गत काफी धीमी है।
विज्ञापन
सिंचाई विभाग के एक्सईएन मो. शमीम अब्बासी और नलकूप खंड के एक्सईएन मनोज कुमार का कहना है कि किसानों को सिंचाई के लिए भरपूर पानी उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।