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Raebareli News: किसानों ने पुरवा ब्रांच नहर का हेड खोला
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डलमऊ। ब्लॉक क्षेत्र से होकर निकले पुरवा ब्रांच नहर का हेड सिल्ट से पाट दिए जाने से किसान सिंचाई की समस्या से जूझ रहे थे। कई बार शिकायत के बाद अभियंता नहीं चेते, तो रविवार को किसान हेड पर पहुंचकर पहले सिल्ट हटाई और फिर गेट खोलकर पानी छोड़ा। किसानों का कहना है कि इस समय उड़द, मूंग और हरा चारे की सिंचाई के लिए पानी की जरूरत है।
भाकियू के जिला उपाध्यक्ष मनोज कुमार यादव, सुशील कुमार ने बताया कि डलमऊ गंग नहर से भेला पोषक और पुरवा ब्रांच नहर निकली है। एक महीने से डलमऊ गंग नहर में सिल्ट सफाई चल रही है। निकाली गई सिल्ट को पुरवा ब्रांच नहर के हेड पर लगा दिया गया। चार दिन पहले गंग नहर में पानी आया, लेकिन पूरा पानी भेला पोषक में छोड़ दिया गया।
पुरवा ब्रांच के हेड पर सिल्ट न हटाना पड़े इसके लिए पानी छोड़ना जरूरी नहीं समझा। इससे आक्रोशित किसान हेड पर पहुंचे। फावड़ा चलाकर पहले सिल्ट हटाई। फिर गेट खोलकर पानी छोड़ा। पुरवा ब्रांच नहर से करीब 15 माइनरों में पानी जाता है। पानी के अभाव में किसान धान की नर्सरी डालने की तैयारी नहीं कर पा रहे थे। सहायक अभियंता चेतन सक्सेना ने बताया कि पानी की मांग नहीं थी। इस वजह से पुरवा ब्रांच का पानी बंद था।
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भाकियू के जिला उपाध्यक्ष मनोज कुमार यादव, सुशील कुमार ने बताया कि डलमऊ गंग नहर से भेला पोषक और पुरवा ब्रांच नहर निकली है। एक महीने से डलमऊ गंग नहर में सिल्ट सफाई चल रही है। निकाली गई सिल्ट को पुरवा ब्रांच नहर के हेड पर लगा दिया गया। चार दिन पहले गंग नहर में पानी आया, लेकिन पूरा पानी भेला पोषक में छोड़ दिया गया।
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पुरवा ब्रांच के हेड पर सिल्ट न हटाना पड़े इसके लिए पानी छोड़ना जरूरी नहीं समझा। इससे आक्रोशित किसान हेड पर पहुंचे। फावड़ा चलाकर पहले सिल्ट हटाई। फिर गेट खोलकर पानी छोड़ा। पुरवा ब्रांच नहर से करीब 15 माइनरों में पानी जाता है। पानी के अभाव में किसान धान की नर्सरी डालने की तैयारी नहीं कर पा रहे थे। सहायक अभियंता चेतन सक्सेना ने बताया कि पानी की मांग नहीं थी। इस वजह से पुरवा ब्रांच का पानी बंद था।
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