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Raebareli News: 37 करोड़ खर्च के बाद भी लो वोल्टेज की समस्या
Wed, 11 Jun 2025 01:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Wed, 11 Jun 2025 01:06 AM IST
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रायबरेली। जिले में जैसे-जैसे गर्मी का पारा बढ़ रहा, वैसे-वैसे बिजली का शेड्यूल बिगड़ रहा है। ट्रिपिंग और कटौती के साथ वोल्टेज इतना कम रहता है कि बिजली उपकरण ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। शाम के वक्त समस्या और ज्यादा हो जाती है। यह हाल तब है, जब बिजली आपूर्ति में सुधार और क्षमता वृद्धि के नाम पर 37 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
इसके बावजूद कोई राहत नहीं मिल रही है। कहीं जंफर कट रहे है, तो कहीं पर केबल जल रही है। दो दिन पहले गोराबाजार विद्युत उपकेंद्र से जुड़े मोहल्ले में पीएसी के पास केबल जल गया था। इससे कई घंटे बिजली गुल रही। जिले में 54 विद्युत उपकेंद्र हैं। इन उपकेंद्रों से पांच लाख उपभोक्ताओं को बिजली मिलती है।
शहर में 24 घंटे की जगह 21 से 22 घंटे बिजली मिल रही है। हर घंटे ट्रिपिंग से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। सबसे खराब हालात ग्रामीण क्षेत्र के हैं। गांवों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल बिगड़ गया है। कड़ी धूप में दोपहर के वक्त बिजली गायब रहती है। रात में कई बार अघोषित कटौती की जाती है।
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डलमऊ के रामराम, शिवकेसरी, मदनलाल, कठगर गांव निवासी रामसेवक वर्मा, शिवलोचन साहू ने बताया कि बिजली आने-जाने का कोई समय तय नहीं है। दिन के समय दोपहर में बिजली नहीं आती है। इससे गर्मी में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
गर्मी बढ़ने से बिजली की मांग बढ़ी है। वोल्टेज भी कम मिल रहा है। बरसात होने पर बिजली की मांग में कमी आएगी। उपभोक्ताओं को भरपूर बिजली मिले, इसके पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।
- नेकी राम, अधीक्षण अभियंता पावर कॉर्पोरेशन
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इसके बावजूद कोई राहत नहीं मिल रही है। कहीं जंफर कट रहे है, तो कहीं पर केबल जल रही है। दो दिन पहले गोराबाजार विद्युत उपकेंद्र से जुड़े मोहल्ले में पीएसी के पास केबल जल गया था। इससे कई घंटे बिजली गुल रही। जिले में 54 विद्युत उपकेंद्र हैं। इन उपकेंद्रों से पांच लाख उपभोक्ताओं को बिजली मिलती है।
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शहर में 24 घंटे की जगह 21 से 22 घंटे बिजली मिल रही है। हर घंटे ट्रिपिंग से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। सबसे खराब हालात ग्रामीण क्षेत्र के हैं। गांवों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल बिगड़ गया है। कड़ी धूप में दोपहर के वक्त बिजली गायब रहती है। रात में कई बार अघोषित कटौती की जाती है।
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डलमऊ के रामराम, शिवकेसरी, मदनलाल, कठगर गांव निवासी रामसेवक वर्मा, शिवलोचन साहू ने बताया कि बिजली आने-जाने का कोई समय तय नहीं है। दिन के समय दोपहर में बिजली नहीं आती है। इससे गर्मी में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
गर्मी बढ़ने से बिजली की मांग बढ़ी है। वोल्टेज भी कम मिल रहा है। बरसात होने पर बिजली की मांग में कमी आएगी। उपभोक्ताओं को भरपूर बिजली मिले, इसके पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।
- नेकी राम, अधीक्षण अभियंता पावर कॉर्पोरेशन