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Raebareli News: फॉल्ट से ठप रही 250 से ज्यादा गांव की बिजली
Sat, 06 Sep 2025 12:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sat, 06 Sep 2025 12:21 AM IST
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ऊंचाहार उपकेंद्र यार्ड में लगे ट्रांसफार्मर।
रायबरेली/खीरों। बारिश थमने के बाद उमस भरी गर्मी बढ़ गई है, वहीं बिजली आपूर्ति भी बेपटरी हो गई है। लाइनों में फॉल्ट और उपकरणों में खराबी के चलते अक्सर बिजली बाधित रहती है। शहर में जहां ट्रिपिंग से लोग जूझ रहे हैं, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में लाइनों में फॉल्ट से बिजली गुल रहती है।
बृहस्पतिवार की रात विद्युत उपकेंद्र कठगर से निकले कठगर फीडर की डिस्क खराब होने से रात भर बिजली ठप रही। शुक्रवार दोपहर में बिजली बहाल होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं, खीरों उपकेंद्र की 33 केवी लाइन में फॉल्ट आने से शुक्रवार देर शाम तक बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई। इससे लोग गर्मी और उमस से बेहाल रहे। बिजली की खस्ताहाल व्यवस्था का हाल यह है कि अनुरक्षण और मेंटेनेंस के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
उसके बाद भी ग्रामीण क्षेत्र के ऊंचाहार, गदागंज, महराजगंज, बछरावां, हरचंदपुर, डीह, पोरई समेत अन्य उपकेंद्रों से जुड़े गांवों को 18 घंटे में महज आठ से 10 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। डलमऊ क्षेत्र के विद्युत उपकेंद्र कठगर से निकले कठगर फीडर से सैदनपुर, खागीपुर सड़वा, बेंद चौराहा, राजापुर, साड़बरा, मनेहरू, विनोहरा, मटरू का पुरवा समेत 100 गांवों को बिजली आपूर्ति होती है। बृहस्पतिवार रात करीब नौ बजे लाइन में डिस्क खराब हो गई। पावर कॉर्पोरेशन के कर्मचारी रात में फॉल्ट खोजने में नाकाम रहे। इस वजह से पूरी रात बिजली गुल रही। उपभोक्ता रोहित गुप्ता, दिनेश कुमार, प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि मामूली हवा चलने या बारिश होने से बिजली गुल हो जाती है। शुक्रवार दोपहर 12 बजे बिजली आने पर लोगों ने राहत की सांस ली। सुबह लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ा।
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बृहस्पतिवार की रात विद्युत उपकेंद्र कठगर से निकले कठगर फीडर की डिस्क खराब होने से रात भर बिजली ठप रही। शुक्रवार दोपहर में बिजली बहाल होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं, खीरों उपकेंद्र की 33 केवी लाइन में फॉल्ट आने से शुक्रवार देर शाम तक बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई। इससे लोग गर्मी और उमस से बेहाल रहे। बिजली की खस्ताहाल व्यवस्था का हाल यह है कि अनुरक्षण और मेंटेनेंस के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
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उसके बाद भी ग्रामीण क्षेत्र के ऊंचाहार, गदागंज, महराजगंज, बछरावां, हरचंदपुर, डीह, पोरई समेत अन्य उपकेंद्रों से जुड़े गांवों को 18 घंटे में महज आठ से 10 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। डलमऊ क्षेत्र के विद्युत उपकेंद्र कठगर से निकले कठगर फीडर से सैदनपुर, खागीपुर सड़वा, बेंद चौराहा, राजापुर, साड़बरा, मनेहरू, विनोहरा, मटरू का पुरवा समेत 100 गांवों को बिजली आपूर्ति होती है। बृहस्पतिवार रात करीब नौ बजे लाइन में डिस्क खराब हो गई। पावर कॉर्पोरेशन के कर्मचारी रात में फॉल्ट खोजने में नाकाम रहे। इस वजह से पूरी रात बिजली गुल रही। उपभोक्ता रोहित गुप्ता, दिनेश कुमार, प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि मामूली हवा चलने या बारिश होने से बिजली गुल हो जाती है। शुक्रवार दोपहर 12 बजे बिजली आने पर लोगों ने राहत की सांस ली। सुबह लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ा।
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