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नगर पालिका के कूड़े में फेंककर जला दी पांच लाख कीमत की दवाएं

Tue, 05 Apr 2022 11:00 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 05 Apr 2022 11:00 PM IST
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रायबरेली। लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित मामा चौराहे के पास मंगलवार को करीब पांच लाख कीमत की दवाएं नगर पालिका के कूड़े कचरे में फेंककर जला दी गईं। खास बात ये है कि दवाएं एक्सपायर्ड भी नहीं थीं।
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मामला जानकारी में आने के बाद हड़कंप मच गया। कहा जा रहा है कि इस तरह से कूड़े कचरे में दवा के जलाए जाने से न सिर्फ वायु प्रदूषण बढ़ने का खतरा, बल्कि लोगों की सेहत पर भी असर पड़ सकता है। इसके बावजूद एफएसडीए के अधिकारी इस पर रोक नहीं लगा पा रहे हैं।
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नगर पालिका की ओर से मामा चौराहे पर हाईवे किनारे कूूड़ा फेंका जाता है। जहां पर कूड़ा कचरा फेंका जाता है, वहां पर लाखों कीमत की दवाएं भी फेंक दी गईं। इसमें सीरप के अलावा टैबलेट थीं।
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कुछ लोग उधर से गुजरे तो देखा कि भारी संख्या में प्राइवेट दवाएं कूड़े में पड़ी हैं। यह देख आसपास के लोग दंग रह गए। बाद में इन दवाओं को जला दिया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह काम किसी मेडिकल स्टोर संचालक है। सवाल उठता है कि दवाएं एक्सपायर्ड भी नहीं थी, फिर उन्हें इस तरह क्यों फेंका गया।
जिस तरह खुले में दवाएं फेंकी गईं, इस तरह दवाएं नहीं फेंकी जा सकतीं हैं, क्योंकि इनके जलने से न सिर्फ वायु प्रदूषण बढ़ता है, बल्कि लोगों की सेहत पर भी असर पड़ सकता है।
कहा जा रहा है कि जिले में मेडिकल स्टोर संचालक मनमाने ढंग से दवाएं खुले में फेंक रहे हैं। जिन अधिकारियों पर मेडिकल स्टोर संचालकों की देखरेख की जिम्मेदारी है, वह अधिकारी इसको लेकर गंभीर नहीं हैं।
खुले में दवा जला देना गलत : सीएमएस
कूड़े कचरे में दवा फेंककर उन्हें जला देना गलत है। ऐसा करने से वायु प्रदूूषण बढ़ने का खतरा रहता है। साथ ही लोगों में गंभीर बीमारी होने का भी खतरा रहता है। जिला अस्पताल के कूड़े कचरे का निस्तारण करने के लिए उसे प्लांट में भेजा जाता है।

डॉ. नीता साहू, सीएमएस, जिला अस्पताल
मनमाने ढंग से संचालित हो रहे मेडिकल स्टोर
जिले में मनमाने ढंग से मेडिकल स्टोर संचालित हो रहे हैं। कई ऐसे मेडिकल स्टोर हैं, जहां पर फार्मासिस्ट की मौजूदगी नहीं रहती। बावजूद दवा की बिक्री की जाती है। नियम है कि फार्मासिस्ट मौजूद रहकर दवा की बिक्री करे। शहर से लेकर कस्बों तक में खुले मेडिकल स्टोरों में मनमाने ढंग से दवा की बिक्री की जा रही है, लेकिन यह कोई देखने वाला नहीं है। इसी लापरवाही का नतीजा है कि खुले में लाखों कीमत की दवाएं जला दी गई।
मामा चौराहे के पास दवाएं फेंककर जला देने का मामला जानकारी में नहीं है। यदि ऐसा है तो मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
शिवेंद्र सिंह, औषधि निरीक्षक
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