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पेंशन लेकर घर जा रही दिव्यांग नानी और नाती नदी में डूबे मौत

Fri, 14 Feb 2020 01:27 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 14 Feb 2020 01:27 AM IST
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Divyang Nani and granddaughter going home with pension drowned in river, death
दिव्यांग नानी और नाती नदी में डूबे, मौत
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सबहेड : पेंशन लेकर घर जाते समय बछरावां क्षेत्र के टेरा बरौैला गांव में हुआ हादसा
मां को बचाने के लिए सई नदी में कूदी बेटी को लोगों ने बचाया
पुलिस ने गोताखोरों से दोनों शवों को बाहर निकाला
रायबरेली। बछरावां कोतवाली क्षेत्र में बुधवार देर शाम बैंक से वृद्धावस्था पेंशन लेकर घर लौट रही 80 वर्षीय दिव्यांग बुजुर्ग महिला का पैर फिसलने के कारण सई नदी में गिर गई। उसे बचाने के लिए उसकी बेटी और नाती भी सई नदी में कूद गए। घटना देख आसपास के लोग पहुंचे। लोगों ने बेटी को तो बाहर निकाल लिया, लेकिन नानी-नाती की मौत हो गई। जानकारी होने पर पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों के जरिए दोनों शवों को बाहर निकाला।
बछरावां कोतवाली क्षेत्र के टेरा बरौला गांव निवासी राधा पत्नी स्व. राम लखन अपने पुत्र अशोक कुमार (18) के साथ रहती थी। राधा की मां रामकली (80) पत्नी स्व. गुरुदीन निवासी छोटी खेड़ा थाना मवई जनपद उन्नाव भी लगभग सात वर्षों से बेटी के साथ ही टेरा बरौला में रहती थी। रामकली बुधवार सुबह अपने नाती अशोक कुमार को लेकर वृद्धावस्था पेंशन निकालने के लिए गांव से मवई जनपद उन्नाव बैंक गई थी। पेंशन निकालने के बाद नानी और नाती मवई से पैदल ही खानपुर घाट पर आए और नाव से सई नदी पार की।
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नदी पार कर गांव आने के लिए लगभग एक किलोमीटर नदी के किनारे बने उबड़ खाबड़ कच्चे रास्ते से होते हुए आ रहे थे। सूचना पर रामकली की बेटी राधा भी अपनी वृद्ध अंधी मां को लाने नदी के किनारे पहुंच गई। वहां से तीनों घर आ रहे थे, तभी शाम 7.30 बजे अंधेरे में रामकली का पैर फिसल गया और वह नदी में गिर गई। जिसे बचाने राधा भी नदी में कूद गई। दोनों को नदी में डूबता देख बचाने के लिए अशोक कुमार भी कूद पड़ा।
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आसपास कुछ ग्रामीण थे, जिन्होंने आनन-फानन राधा को तो बाहर निकाल लिया, लेकिन रामकली और अशोक का पता नहीं लग पाया। देर रात सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने भी खोजबीन जारी की। गांव के ही गोताखोर अयोध्या प्रसाद, रामेश्वर, शत्रोहन ने नदी में लगभग पूरी रात खोजबीन कर सुबह रामकली व अशोक कुमार का शव खोज कर बाहर निकाला।
दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। कोतवाल पंकज तिवारी का कहना है कि नदी में डूबने से नानी-नाती की मौत हुई है, जबकि महिला को बचा लिया गया है। सई नदी में डूबने से नानी-नाती की मौत ने सभी को झकझोर दिया। जिसने भी घटना के बारे में सुना वह दौड़ता हुआ घटनास्थल पर पहुंच गया।

वहां पर मौजूद हर व्यक्ति घटना से हतप्रद था और उसके जुबां पर ही एक सवाल था कि यह सब कैसे हो गया। मृतका रामकली के पति की मौत के बाद से ही घर में कोई और नहीं होने के कारण वह अपनी बेटी राधा के घर ही रह रही थी। वही राधा के पति की भी मौत हो चुकी है। उसका एक छोटा बेटा रंजीत पंजाब में मजदूरी करता है। बड़ी बेटी कोमल का विवाह हो चुका है। इस हृदय विदारक घटना से गांव में कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में लोग नदी व मृतक के घर पर जमा रहे।
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