{"_id":"e0fa1575153bc664151064f5e9aaf1dd","slug":"district-hospital-staff-protest-against-cms-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल में सीएमएस की मनमानी पर हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पताल में सीएमएस की मनमानी पर हंगामा
रायबरेली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jul 2015 12:20 AM IST
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जिला अस्पताल में स्थानांतरित चिकित्सकों को कार्यमुक्त करने का पत्र जारी करने के बाद बुधवार को डॉक्टरों व कर्मचारियों का गुस्सा भड़क गया। डॉक्टरों ने सीएमएस के चैंबर में घुसकर उन्हें जमकर खरीखोटी सुनाई।
कहा कि आपका भी ट्रांसफर हो गया है। पहले खुद को कार्यमुक्त करो तो फिर हम लोगों को रिलीव करो। डॉक्टरों के गुस्से के आगे सीएमएस की एक भी चली।
डॉक्टरों का कहना है कि यदि मनमानी की गई तो इसके लिए चुप नहीं बैठा जाएगा। साथ ही शासन से मांग की सीएमएस के स्थानांतरण को गंभीरता से लेते हुए उन्हें कार्यमुक्त किया जाए।
जिला अस्पताल के सीएमएस सहित कई डॉक्टरों को गैर जिले के लिए स्थानांतरण हो गया है। सीएमएस ने स्वयं को पद से रिलीव नहीं किया, लेकिन अन्य डॉक्टरों को रिलीविंग ऑर्डर जारी कर दिया।
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इससे बुधवार को डॉक्टरों का गुस्सा बढ़ा गया। डॉक्टरों के साथ जिला अस्पताल के कर्मचारी भी सीएमएस के चैंबर में पहुंच गए और उन्हें जमकर खरीखोटी सुनाई। उन पर मनमानी करने का आरोप लगाया।
यहां तक कहा गया कि एक बार उनका स्थानांतरण हो गया था। सभी लोगों ने प्रयास करके रुकवाया था, लेकिन अब वे मनमानी कर रहे हैं। चुप नहीं बैठा जाएगा।
डॉक्टरों ने सीएमएस पर ही दबाव बनाना शुरू कर दिया कि पहले वे स्वयं को कार्यमुक्त करें। इसके बाद उनके रिलीविंग ऑर्डर को माना जाएगा। दबाव बढ़ने के बाद सीएमएस बैकफुट पर आ गए।
डॉक्टरों व सीएमएस में तकरार के कारण जिला अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्था काफी देर के लिए बाधित रही। ओपीडी न होने से रोगियों को परेशान होना पड़ा, लेकिन किसी ने रोगियों की समस्या पर ध्यान नहीं दिया।
इससे जिला अस्पताल में अव्यवस्था की पोल खुल गई। सीएमएस डॉ. एएसी श्रीवास्तव का कहना है कि शासन ने ही आदेेश जारी किया है। उसका पालन कराया जा रहा है, लेकिन स्वयं के तबादले के मामले में वे कोई जवाब नहीं दे सके।
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कहा कि आपका भी ट्रांसफर हो गया है। पहले खुद को कार्यमुक्त करो तो फिर हम लोगों को रिलीव करो। डॉक्टरों के गुस्से के आगे सीएमएस की एक भी चली।
डॉक्टरों का कहना है कि यदि मनमानी की गई तो इसके लिए चुप नहीं बैठा जाएगा। साथ ही शासन से मांग की सीएमएस के स्थानांतरण को गंभीरता से लेते हुए उन्हें कार्यमुक्त किया जाए।
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जिला अस्पताल के सीएमएस सहित कई डॉक्टरों को गैर जिले के लिए स्थानांतरण हो गया है। सीएमएस ने स्वयं को पद से रिलीव नहीं किया, लेकिन अन्य डॉक्टरों को रिलीविंग ऑर्डर जारी कर दिया।
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इससे बुधवार को डॉक्टरों का गुस्सा बढ़ा गया। डॉक्टरों के साथ जिला अस्पताल के कर्मचारी भी सीएमएस के चैंबर में पहुंच गए और उन्हें जमकर खरीखोटी सुनाई। उन पर मनमानी करने का आरोप लगाया।
यहां तक कहा गया कि एक बार उनका स्थानांतरण हो गया था। सभी लोगों ने प्रयास करके रुकवाया था, लेकिन अब वे मनमानी कर रहे हैं। चुप नहीं बैठा जाएगा।
डॉक्टरों ने सीएमएस पर ही दबाव बनाना शुरू कर दिया कि पहले वे स्वयं को कार्यमुक्त करें। इसके बाद उनके रिलीविंग ऑर्डर को माना जाएगा। दबाव बढ़ने के बाद सीएमएस बैकफुट पर आ गए।
डॉक्टरों व सीएमएस में तकरार के कारण जिला अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्था काफी देर के लिए बाधित रही। ओपीडी न होने से रोगियों को परेशान होना पड़ा, लेकिन किसी ने रोगियों की समस्या पर ध्यान नहीं दिया।
इससे जिला अस्पताल में अव्यवस्था की पोल खुल गई। सीएमएस डॉ. एएसी श्रीवास्तव का कहना है कि शासन ने ही आदेेश जारी किया है। उसका पालन कराया जा रहा है, लेकिन स्वयं के तबादले के मामले में वे कोई जवाब नहीं दे सके।