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डिघौरा पीएचसी को मिला कायाकल्प अवार्ड
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रायबरेली। प्रदेश के साफ-सुथरे 75 अस्पतालों में जिले की डिघौरा पीएचसी शामिल हो गई है। क्वालिटी एश्योरेंस के तहत पीएचसी को प्रथम पुरस्कार मिला है। कायाकल्प अवार्ड के रूप में डिघौरा पीएचसी को दो लाख रुपये जबकि सलोन पीएचसी को सांत्वना पुरस्कार के रूप में 50 हजार रुपये मिले हैं। जिले को हर साल कायाकल्प अवार्ड मिल रहे हैं।
प्रदेश में कई वर्षों से क्वालिटी एश्योरेंस के तहत अस्पतालों को कायाकल्प अवार्ड दिया जा रहा है। पूर्व में हरचंदपुर, सलोन व डीह सीएचसी और जिला पुरुष व महिला अस्पताल को यह अवार्ड मिल चुका है।
पिछले एक साल से जिले के सभी अस्पतालों में योजना के तहत सात बिंदुओं पर साफ-सफाई कराई गई। मंडल व प्रदेश स्तर की टीमों ने कई बार जिले की चिह्नित सीएचसी व पीएचसी में मानकों की जांच की। जिला महिला और पुरुष अस्पताल को दो महीने पहले ही पुरस्कार मिल चुका है।
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पिछले महीने हरचंदपुर और डीह सीएचसी को तीसरी बार अवार्ड मिला था। हरचंदपुर अधीक्षक डॉ. शरद कुशवाहा के प्रयास से शुक्रवार को क्षेत्र की डिघौरा पीएचसी को पहले ही प्रयास में प्रथम पुरस्कार के रूप में दो लाख रुपये मिले हैं।
सलोन पीएचसी को भी सांत्वना पुरस्कार के रूप में 50 हजार दिए गए हैं। हरचंदपुर सीएचसी के बाद क्षेत्र की पीएचसी को प्रथम पुरस्कार मिलने के बाद हरचंदपुर अधीक्षक व अन्य स्टाफ ने एक-दूसरे को बधाई दी है।
क्वालिटी एश्योरेंस के जिला सलाहकार डॉ. रविकांत सिंह का प्रयास लगातार रंग ला रहा है। वे जिले को अब तक 15 बार अवार्ड दिला चुके हैं। जिला अस्पताल को एक-एक बार एनक्यूएस अवार्ड व दो-दो बार कायाकल्प अवार्ड दिला चुके हैं।
इसके अलावा सीएचसी को भी कई बार अवार्ड दिलवा चुके हैं। डिघौरा पीएचसी को पहले ही प्रयास में प्रथम पुरस्कार दिलवाया है। डॉ. रविकांत का कहना है कि अगले चरण के लिए जिले के सभी अस्पतालों में कायाकल्प अवार्ड के लिए काम कराया जाएगा। जिले की सभी सीएचसी व पीएचसी को अवार्ड दिलाने का प्रयास करेंगे।
हरचंदपुर सीएचसी के अधीक्षक डॉ. शरद कुशवाहा ने बताया कि सीएचसी को पहले ही तीन बार अवार्ड मिल चुका है। शुक्रवार को क्षेत्र की डिघौरा पीएचसी को भी कायाकल्प अवार्ड के तहत प्रथम पुरस्कार मिला है। इसके लिए पूरा स्टाफ बधाई का पात्र है। आगे और अच्छा काम करके क्षेत्र की सभी पीएचसी को पुरस्कार दिलाएंगे।
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प्रदेश में कई वर्षों से क्वालिटी एश्योरेंस के तहत अस्पतालों को कायाकल्प अवार्ड दिया जा रहा है। पूर्व में हरचंदपुर, सलोन व डीह सीएचसी और जिला पुरुष व महिला अस्पताल को यह अवार्ड मिल चुका है।
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पिछले एक साल से जिले के सभी अस्पतालों में योजना के तहत सात बिंदुओं पर साफ-सफाई कराई गई। मंडल व प्रदेश स्तर की टीमों ने कई बार जिले की चिह्नित सीएचसी व पीएचसी में मानकों की जांच की। जिला महिला और पुरुष अस्पताल को दो महीने पहले ही पुरस्कार मिल चुका है।
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पिछले महीने हरचंदपुर और डीह सीएचसी को तीसरी बार अवार्ड मिला था। हरचंदपुर अधीक्षक डॉ. शरद कुशवाहा के प्रयास से शुक्रवार को क्षेत्र की डिघौरा पीएचसी को पहले ही प्रयास में प्रथम पुरस्कार के रूप में दो लाख रुपये मिले हैं।
सलोन पीएचसी को भी सांत्वना पुरस्कार के रूप में 50 हजार दिए गए हैं। हरचंदपुर सीएचसी के बाद क्षेत्र की पीएचसी को प्रथम पुरस्कार मिलने के बाद हरचंदपुर अधीक्षक व अन्य स्टाफ ने एक-दूसरे को बधाई दी है।
क्वालिटी एश्योरेंस के जिला सलाहकार डॉ. रविकांत सिंह का प्रयास लगातार रंग ला रहा है। वे जिले को अब तक 15 बार अवार्ड दिला चुके हैं। जिला अस्पताल को एक-एक बार एनक्यूएस अवार्ड व दो-दो बार कायाकल्प अवार्ड दिला चुके हैं।
इसके अलावा सीएचसी को भी कई बार अवार्ड दिलवा चुके हैं। डिघौरा पीएचसी को पहले ही प्रयास में प्रथम पुरस्कार दिलवाया है। डॉ. रविकांत का कहना है कि अगले चरण के लिए जिले के सभी अस्पतालों में कायाकल्प अवार्ड के लिए काम कराया जाएगा। जिले की सभी सीएचसी व पीएचसी को अवार्ड दिलाने का प्रयास करेंगे।
हरचंदपुर सीएचसी के अधीक्षक डॉ. शरद कुशवाहा ने बताया कि सीएचसी को पहले ही तीन बार अवार्ड मिल चुका है। शुक्रवार को क्षेत्र की डिघौरा पीएचसी को भी कायाकल्प अवार्ड के तहत प्रथम पुरस्कार मिला है। इसके लिए पूरा स्टाफ बधाई का पात्र है। आगे और अच्छा काम करके क्षेत्र की सभी पीएचसी को पुरस्कार दिलाएंगे।