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Raebareli: बेटियों ने मां की चिता को दी मुखाग्नि, पिता से बोलीं- बेटे की कमी कभी महसूस नहीं होने देंगी
Sat, 01 Oct 2022 04:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 01 Oct 2022 04:55 PM IST
सार
रायबरेली में बेटियों ने मां की अर्थी को कंधा दिया और मुखाग्नि देकर नारी सशक्तिकरणी की मिसाल पेश की। दोनों ने पिता को भरोसा दिलाया कि उन्हें बेटे की कमी कभी महसूस नहीं होने देंगी।
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अपनी मां की चिता को अग्नि देतीं बेटियां।
विस्तार
बेटियों ने समाज के लिए फिर मिसाल कायम की है। मां के निधन पर बेटे का फर्ज निभाते हुए बेटियों ने मां की अर्थी को कंधा दिया। साथ ही चिता को मुखाग्नि भी दी। बेटियों के इस कदम की लोगों ने सराहना की।
बछरावां कस्बे के सत्य नारायण टोला निवासी गिरजाशंकर वर्मा व्यवसायी हैं। उनकी दो बेटियां प्राची व रुचि हैं। कोई पुत्र नहीं है। प्राची की शादी हो चुकी है, जबकि रुचि बीटीसी करने के बाद अब टीईटी की तैयारी कर रही हैं। गिरजाशंकर की पत्नी ज्ञानवती (65) का गुरुवार रात बीमारी के चलते निधन हो गया था।
गम में डूबी बेटियों ने खुद आगे आकर बेटे का फर्ज निभाते हुए मां की अर्थी को कंधा दिया। साथ ही श्मशान घाट में अंतिम संस्कार की सभी क्रियाएं भी पूरी कीं। इसके बाद दोनों बहनाें ने मां की चिता को मुखाग्नि भी दी।
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गम में डूबे पिता को दोनों ने ढांढस बंधाते हुए कहा कि दोनों बहने उन्हें बेटे की कमी कभी भी महसूस नहीं होने देंगी। रुचि ने बेटे की भांति मां का अंतिम संस्कार कर पूरे समाज के सामने नारी सशक्तिकरण की मिसाल पेश की।
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बछरावां कस्बे के सत्य नारायण टोला निवासी गिरजाशंकर वर्मा व्यवसायी हैं। उनकी दो बेटियां प्राची व रुचि हैं। कोई पुत्र नहीं है। प्राची की शादी हो चुकी है, जबकि रुचि बीटीसी करने के बाद अब टीईटी की तैयारी कर रही हैं। गिरजाशंकर की पत्नी ज्ञानवती (65) का गुरुवार रात बीमारी के चलते निधन हो गया था।
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गम में डूबी बेटियों ने खुद आगे आकर बेटे का फर्ज निभाते हुए मां की अर्थी को कंधा दिया। साथ ही श्मशान घाट में अंतिम संस्कार की सभी क्रियाएं भी पूरी कीं। इसके बाद दोनों बहनाें ने मां की चिता को मुखाग्नि भी दी।
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गम में डूबे पिता को दोनों ने ढांढस बंधाते हुए कहा कि दोनों बहने उन्हें बेटे की कमी कभी भी महसूस नहीं होने देंगी। रुचि ने बेटे की भांति मां का अंतिम संस्कार कर पूरे समाज के सामने नारी सशक्तिकरण की मिसाल पेश की।