{"_id":"5734ce734f1c1be24c91a23d","slug":"cvo-warning","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीवीओ को चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीवीओ को चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
Updated Fri, 13 May 2016 12:12 AM IST
विज्ञापन
रायबरेली में समीक्षा बैठक करते डीएम।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीएम सूर्यपाल गंगवार ने गुरुवार को बचत भवन में मुख्यमंत्री के विकास कार्यों के 86 बिंदुओं की समीक्षा की। डीएम ने एक-एक करके अधिकारियों की जमकर क्लास ली। मिनी कामधेनु योजना की प्रगति खराब मिलने पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) को कड़ी चेतावनी दी।
ग्राम अभियंत्रण सेवा विभाग के एक्सईएन के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव को संस्तुति करने के निर्देश दिए। जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी का काम अच्छा न मिलने पर कड़ी फटकार लगाते हुए सुधार न आने पर निलंबित की चेतावनी दी। सीएमओ को भी रिपोर्ट का परीक्षण करने के सख्त आदेश दिए।
डीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं की प्रगति में कतई लापरवाही बरती नहीं जाएगी। लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। समीक्षा में मिनी कामधेनु योजना की प्रगति सबसे खराब मिलने पर उन्होंने सीवीओ डॉ. केके चौधरी को कड़ी फटकार लगाते हुए कड़ी चेतावनी देने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग की स्थिति सबसे खराब मिली। कागजी खानापूरी करने में माहिर एक्सईएन एनके त्रिपाठी के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव को पत्र लिखने के निर्देश दिए। डीएसटीओ जयदीप सिंह का काम भी अच्छा न मिलने पर फटकार लगाई।
निलंबित करने तक की चेतावनी दी। इसी तरह अन्य अधिकारियों की भी जमकर क्लास ली और समय से लक्ष्य पूरा करने के आदेश दिए। इस मौके पर सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
ग्राम अभियंत्रण सेवा विभाग के एक्सईएन के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव को संस्तुति करने के निर्देश दिए। जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी का काम अच्छा न मिलने पर कड़ी फटकार लगाते हुए सुधार न आने पर निलंबित की चेतावनी दी। सीएमओ को भी रिपोर्ट का परीक्षण करने के सख्त आदेश दिए।
विज्ञापन
डीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं की प्रगति में कतई लापरवाही बरती नहीं जाएगी। लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। समीक्षा में मिनी कामधेनु योजना की प्रगति सबसे खराब मिलने पर उन्होंने सीवीओ डॉ. केके चौधरी को कड़ी फटकार लगाते हुए कड़ी चेतावनी देने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग की स्थिति सबसे खराब मिली। कागजी खानापूरी करने में माहिर एक्सईएन एनके त्रिपाठी के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव को पत्र लिखने के निर्देश दिए। डीएसटीओ जयदीप सिंह का काम भी अच्छा न मिलने पर फटकार लगाई।
निलंबित करने तक की चेतावनी दी। इसी तरह अन्य अधिकारियों की भी जमकर क्लास ली और समय से लक्ष्य पूरा करने के आदेश दिए। इस मौके पर सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।