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पहले धान तौलाया, अब पेमेंट के लिए भटक रहे अन्नदाता
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रायबरेली। धान की बिक्री करने वाले अन्नदाता अब भुगतान के लिए भटक रहे हैं। आश्वासन देकर उन्हें केंद्रों से लौटाया जा रहा है। इसी माह होली है। अगर अन्नदाताओं का समय से भुगतान नहीं हुआ तो किसानों की होली बेरंग हो सकती है। जिले में धान की खरीद का काम पूरा हो चुका है। इस बार 35 हजार 819 किसानों से एक लाख 63 हजार मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। विभाग का दावा है कि सभी किसानों का भुगतान कर दिया गया है, महज 500 किसानों का भुगतान बाकी है। यह भी वो किसान है जिनके खाते में कोई कमी है।
भुगतान न होने से परेशानी
गदागंज। दीनशाहगौरा ब्लॉक क्षेत्र के पूरे बरवन बांसी रिहायक निवासी चंद्रशेखर अग्निहोत्री, गोडा मजरे चरुहारबीक गांव के किसान सुजन बाजपेयी कहते हैं कि धान की तौल करा दी है। एक माह का समय बीत गया है, लेकिन अभी तक भुगतान नहीं किया गया है। इससे परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। बीक चरुहार गांव निवासी रामविलास जायसवाल, पूरे सूबेदार मजरे धूता निवासी संदीप गुप्ता का कहना है कि खेती से ही परिवार का खर्च चलता है। धान तौलाया था कि जल्द भुगतान करा दिया जाएगा। होते करते काफी समय बीत गया, लेकिन अभी तक भुगतान नहीं हो पाया है।
धान तौल का कार्य पूरा हो चुका है। कुछ किसान ऐसे हैं जिनके खाते या फिर अन्य कमियों से उनका भुगतान नहीं हो पाया है। बाकी किसानों का भुगतान हो चुका है।
रामानंद जायसवाल, डिप्टी आरएमओ
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भुगतान न होने से परेशानी
गदागंज। दीनशाहगौरा ब्लॉक क्षेत्र के पूरे बरवन बांसी रिहायक निवासी चंद्रशेखर अग्निहोत्री, गोडा मजरे चरुहारबीक गांव के किसान सुजन बाजपेयी कहते हैं कि धान की तौल करा दी है। एक माह का समय बीत गया है, लेकिन अभी तक भुगतान नहीं किया गया है। इससे परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। बीक चरुहार गांव निवासी रामविलास जायसवाल, पूरे सूबेदार मजरे धूता निवासी संदीप गुप्ता का कहना है कि खेती से ही परिवार का खर्च चलता है। धान तौलाया था कि जल्द भुगतान करा दिया जाएगा। होते करते काफी समय बीत गया, लेकिन अभी तक भुगतान नहीं हो पाया है।
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धान तौल का कार्य पूरा हो चुका है। कुछ किसान ऐसे हैं जिनके खाते या फिर अन्य कमियों से उनका भुगतान नहीं हो पाया है। बाकी किसानों का भुगतान हो चुका है।
रामानंद जायसवाल, डिप्टी आरएमओ