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ताजिया जुलूस को लेकर बवाल, तोड़फोड़
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Thu, 13 Oct 2016 11:37 PM IST
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रायबरेली में डीह थाना क्षेत्र के रोखा गांव में हुए बवाल के बाद पड़े ईंट-पत्थर।
- फोटो : अमर उजाला
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डीह थाना क्षेत्र के रोखा गांव मेें बुधवार को ताजिया जुलूस निकालने को लेकर दो समुदायों के बीच बवाल हो गया। घरों में घुसकर तोड़फोड़ की गई। जमकर ईंट-पत्थर चले। पुलिस की जीप तोड़ दी गई। बवाल में थानेदार समेत आधा दर्जन लोग घायल हुए।
डीएम व एसपी के अलावा कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने दोनों समुदाय के लोगों को समझाकर किसी तरह मामला शांत कराया और देर रात तक ताजिया दफन कराया गया। दोनों तरफ से पुलिस ने 190 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में गुरुवार को छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
डीह थाना क्षेत्र के दुर्गापुर मजरे रोखा गांव के ग्रामीण मंगलवार को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर जा रहे थे। इसी दौरान रोखा गांव के दूसरे समुदाय के लोगों ने डीजे और डांस करने पर आपत्ति जताते हुए प्रतिमा ले जाने से मना कर दिया। पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में डीजे बंद कर प्रतिमा निकाली गई।
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बुधवार को जब रोखा गांव के लोग ताजियां निकाल रहे थे, तब एक समुदाय के लोगों ने डीजे बंद करने को कहा, लेकिन वह नहीं माने। इस पर दोनों समुदायों के बीच ईंट-पत्थर चलने लगे। देखते ही देखते वहां पर भगदड़ मच गई।
उस समय गांव में सीओ चरन सिंह, एसडीएम प्रदीप कुमार, थानेदार पवन त्रिवेदी के अलावा पुलिस कर्मी मौजूद थे। एक समुदाय के लोग दूसरों समुदाय के लोगों के घरों में घुसकर तोड़फोड़ की। ट्रैक्टर, टीवी समेत लाखों रुपये का सामान तहस-नहस कर दिया। धार्मिक स्थल में भी पत्थर फेंके। यही नहीं पुलिस जीप के शीशे भी तोड़ दिए।
बवाल में डीह थानेदार पवन त्रिवेदी समेत आधा दर्जन लोगों को चोटें आई। सूचना पर डीएम अनुज कुमार झा, एसपी विनय यादव, एएसपी वीरेंद्र यादव मौके पर पहुंचे। डीएम-एसपी ने दोनों समुदाय के लोगों से बातचीत की। एक समुदाय के लोग ताजिया दफन करने से इंकार कर दिया।
हालांकि देर रात समझाने-बुझाने पर ताजिया दफन कराया गया। सीओ ने बताया कि एक पक्ष से मो. मुस्तकीम, मो. अजीज खां, मो. निजाम, पीर मोहम्मद, ऊदल, रमजान, मो. जमीर, इम्तियाज, गौस आलम, मो. अहमद, मो. इकबाल, मो. जफर, सईद, हसन, सगीर, कदीर, मो. रशीद, अली हसन, मेंहदी हसन, आशिक और 75 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट लिखी गई है।
उन्होंने बताया कि दूसरे पक्ष से अवधेश श्रीवास्तव, हरिओम, गुड्डू सिंह, लक्ष्मीकांत, रामस्वरूप, उमेश, आशीष सिंह, अंकित सिंह, राजू यादव, कुलदीप, पवन पासी, मुन्ना पासी, राजू पंडित, पुतान अवस्थी, संपूर्णानंद पांडेय, धीरज कुमार, चंद्रकिशोर शुक्ला, सुरेंद्र कुमार, रिंकू सरोज, मनोज कुमार और 75 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट लिखी गई है।
सीओ का कहना है कि संपूर्णानंद, चंद्रकिशोर, सुरेंद्र कुमार, रिंकू, धीरज और मनोज को जेल भेजा गया है। रोखा में दो समुदाय के बीच हुए बवाल के मद्देनजर जिला प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है। पुलिस-प्रशासन ने गांव में डेरा डाल रखा है।
गुरुवार को डीएम अनुज कुमार झा, एसपी विनय यादव गांव पहुंचे और लोगों से भाईचारा बनाने की अपील की। डीएम-एसपी का कहना है कि गांव का माहौल पूरी तरह शांत है। फिर भी सतर्कता बरतते हुए एक प्लाटून पीएसी, थाने का फोर्स, सीओ, तहसीलदार, एसडीएम, बीडीओ को गांव में तैनात किया गया है।
गांव की साफ-सफाई करा दी गई है। आरोपियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। वहीं जहां पर चहल-पहल रहती थी, वहां पर सन्नाटा पसर गया है। रोड से लेकर गांव तक की दुकानें बंद हैं। गिरफ्तारी के डर से दोनों तरफ के लोग घरों के बजाय नाते-रिश्तेदारी चले गए हैं।
प्राथमिक स्कूल रोखा में शिक्षक तो पहुंचे, लेकिन पढ़ने के लिए कोई बच्चा नहीं पहुंचा। वहीं पूर्व माध्यमिक स्कूल रोखा में सिर्फ चार बच्चे उपस्थित रहे। इस दौरान एएसपी वीरेंद्र यादव ने स्कूल का एक भवन बंद रहने पर शिक्षक रामनरेश को फटकार लगाई।
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डीएम व एसपी के अलावा कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने दोनों समुदाय के लोगों को समझाकर किसी तरह मामला शांत कराया और देर रात तक ताजिया दफन कराया गया। दोनों तरफ से पुलिस ने 190 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में गुरुवार को छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
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डीह थाना क्षेत्र के दुर्गापुर मजरे रोखा गांव के ग्रामीण मंगलवार को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर जा रहे थे। इसी दौरान रोखा गांव के दूसरे समुदाय के लोगों ने डीजे और डांस करने पर आपत्ति जताते हुए प्रतिमा ले जाने से मना कर दिया। पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में डीजे बंद कर प्रतिमा निकाली गई।
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बुधवार को जब रोखा गांव के लोग ताजियां निकाल रहे थे, तब एक समुदाय के लोगों ने डीजे बंद करने को कहा, लेकिन वह नहीं माने। इस पर दोनों समुदायों के बीच ईंट-पत्थर चलने लगे। देखते ही देखते वहां पर भगदड़ मच गई।
उस समय गांव में सीओ चरन सिंह, एसडीएम प्रदीप कुमार, थानेदार पवन त्रिवेदी के अलावा पुलिस कर्मी मौजूद थे। एक समुदाय के लोग दूसरों समुदाय के लोगों के घरों में घुसकर तोड़फोड़ की। ट्रैक्टर, टीवी समेत लाखों रुपये का सामान तहस-नहस कर दिया। धार्मिक स्थल में भी पत्थर फेंके। यही नहीं पुलिस जीप के शीशे भी तोड़ दिए।
बवाल में डीह थानेदार पवन त्रिवेदी समेत आधा दर्जन लोगों को चोटें आई। सूचना पर डीएम अनुज कुमार झा, एसपी विनय यादव, एएसपी वीरेंद्र यादव मौके पर पहुंचे। डीएम-एसपी ने दोनों समुदाय के लोगों से बातचीत की। एक समुदाय के लोग ताजिया दफन करने से इंकार कर दिया।
हालांकि देर रात समझाने-बुझाने पर ताजिया दफन कराया गया। सीओ ने बताया कि एक पक्ष से मो. मुस्तकीम, मो. अजीज खां, मो. निजाम, पीर मोहम्मद, ऊदल, रमजान, मो. जमीर, इम्तियाज, गौस आलम, मो. अहमद, मो. इकबाल, मो. जफर, सईद, हसन, सगीर, कदीर, मो. रशीद, अली हसन, मेंहदी हसन, आशिक और 75 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट लिखी गई है।
उन्होंने बताया कि दूसरे पक्ष से अवधेश श्रीवास्तव, हरिओम, गुड्डू सिंह, लक्ष्मीकांत, रामस्वरूप, उमेश, आशीष सिंह, अंकित सिंह, राजू यादव, कुलदीप, पवन पासी, मुन्ना पासी, राजू पंडित, पुतान अवस्थी, संपूर्णानंद पांडेय, धीरज कुमार, चंद्रकिशोर शुक्ला, सुरेंद्र कुमार, रिंकू सरोज, मनोज कुमार और 75 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट लिखी गई है।
सीओ का कहना है कि संपूर्णानंद, चंद्रकिशोर, सुरेंद्र कुमार, रिंकू, धीरज और मनोज को जेल भेजा गया है। रोखा में दो समुदाय के बीच हुए बवाल के मद्देनजर जिला प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है। पुलिस-प्रशासन ने गांव में डेरा डाल रखा है।
गुरुवार को डीएम अनुज कुमार झा, एसपी विनय यादव गांव पहुंचे और लोगों से भाईचारा बनाने की अपील की। डीएम-एसपी का कहना है कि गांव का माहौल पूरी तरह शांत है। फिर भी सतर्कता बरतते हुए एक प्लाटून पीएसी, थाने का फोर्स, सीओ, तहसीलदार, एसडीएम, बीडीओ को गांव में तैनात किया गया है।
गांव की साफ-सफाई करा दी गई है। आरोपियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। वहीं जहां पर चहल-पहल रहती थी, वहां पर सन्नाटा पसर गया है। रोड से लेकर गांव तक की दुकानें बंद हैं। गिरफ्तारी के डर से दोनों तरफ के लोग घरों के बजाय नाते-रिश्तेदारी चले गए हैं।
प्राथमिक स्कूल रोखा में शिक्षक तो पहुंचे, लेकिन पढ़ने के लिए कोई बच्चा नहीं पहुंचा। वहीं पूर्व माध्यमिक स्कूल रोखा में सिर्फ चार बच्चे उपस्थित रहे। इस दौरान एएसपी वीरेंद्र यादव ने स्कूल का एक भवन बंद रहने पर शिक्षक रामनरेश को फटकार लगाई।