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हत्यारे दो भाइयों को आजीवन कारावास की सजा
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रायबरेली। शहर कोतवाली क्षेत्र के सिविल लाइंस में करीब 17 साल पहले हुई एसपी सिंह की हत्या मामले में कोर्ट ने अभियुक्त दो भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
साथ ही 20-20 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला कोर्ट संख्या सात के अपर सत्र न्यायाधीश रामदयाल ने सोमवार को सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) अजय मौर्य के मुताबिक मामले की रिपोर्ट मृतक के भाई दिनेश प्रताप सिंह निवासी सिंह विहार, सिविल लाइंस ने शहर कोतवाली में दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट के अनुसार 18 दिसंबर 2001 की शाम करीब साढ़े छह बजे कुछ लोग वादी के भाई संत प्रताप सिंह को दावत खाने के लिए बुलाकर ले गए। करीब साढ़े आठ बजे एसपी सिंह को एक रेस्टोरेंट के सामने गोली मार देने की सूचना वादी को मिली।
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वादी ने अपने बहनोई की मदद से भाई को जिला अस्पताल पहुंचाया, वहां से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया जहां एसपी सिंह की मौत हो गई।
पुलिस ने विवेचना के बाद गिरिजा सिंह, उनके दो बेटों गनेश सिंह व अशोक सिंह एवं एक अन्य हरिहर सिंह के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।
विचारण के दौरान गिरिजा सिंह व हरिहर सिंह की मौत हो गई। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर गनेश सिंह व अशोक सिंह (दोनों भाई) को उम्रकैद व 20-20 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई।
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साथ ही 20-20 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला कोर्ट संख्या सात के अपर सत्र न्यायाधीश रामदयाल ने सोमवार को सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) अजय मौर्य के मुताबिक मामले की रिपोर्ट मृतक के भाई दिनेश प्रताप सिंह निवासी सिंह विहार, सिविल लाइंस ने शहर कोतवाली में दर्ज कराई थी।
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रिपोर्ट के अनुसार 18 दिसंबर 2001 की शाम करीब साढ़े छह बजे कुछ लोग वादी के भाई संत प्रताप सिंह को दावत खाने के लिए बुलाकर ले गए। करीब साढ़े आठ बजे एसपी सिंह को एक रेस्टोरेंट के सामने गोली मार देने की सूचना वादी को मिली।
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वादी ने अपने बहनोई की मदद से भाई को जिला अस्पताल पहुंचाया, वहां से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया जहां एसपी सिंह की मौत हो गई।
पुलिस ने विवेचना के बाद गिरिजा सिंह, उनके दो बेटों गनेश सिंह व अशोक सिंह एवं एक अन्य हरिहर सिंह के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।
विचारण के दौरान गिरिजा सिंह व हरिहर सिंह की मौत हो गई। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर गनेश सिंह व अशोक सिंह (दोनों भाई) को उम्रकैद व 20-20 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई।