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बिना लाइसेंस के चल रही निफ्ट की कैंटीन
Updated Wed, 11 Jul 2018 01:04 AM IST
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बिना लाइसेंस के चलती मिली निफ्ट की कैंटीन, नोटिस
रायबरेली। एफएसडीए की टीम ने मंगलवार को कॉलेजों की कैंटीन में अभियान चलाया। इस दौरान निफ्ट की कैंटीन बिना पंजीकरण के चलती मिली।
यहां बर्तनों की साफ-सफाई भी ठीक ढंग से नहीं की गई थी। फिरोज गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज की कैंटीन में बनाए गए खाद्य पदार्थोें पर मक्खियां मंडरा रहीं थीं।
इस पर अफसरों ने नाराजगी जताई और कैंटीन की व्यवस्था ठीक करने के निर्देश दिए। साथ ही दोनों संस्थानों के निदेशकों को नोटिस जारी किया गया है।
सबसे पहले एफएसडीए के अभिहित अधिकारी शशांक त्रिपाठी की अगुवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमरनाथ, अंजली श्रीवास्तव की टीम आईटीआई निफ्ट की कैंटीन में पहुंची।
अभिहित अधिकारी ने बताया कि जांच में पता चला कि निफ्ट की कैंटीन का खाद्य लाइसेंस नहीं है। खाने बनाने के लिए प्रयुक्त बर्तनों की साफ-सफाई ठीक नहीं मिली।
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रिफाइंड आयल खुले में रखा था। किचन में मनमाने ढंग से लोग काम कर रहे थे। उन्होंने बताया कि यहां के बाद रतापुर स्थित फिरोज गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज की कैंटीन को भी जांचा गया।
किंचन की साफ-सफाई संतोषजनक नहीं मिली। कैंटीन में तैयार सब्जी, सैंडविच आदि पर मक्खियां बैठीं थीं। बर्तन गंदे मिले।
बंद मुंह के डस्टबिन का प्रयोग नहीं किया जा रहा था। संस्थान प्रबंधन से खामियां दूर करने को कहा गया है। साथ ही दोनों संस्थानों के निदेशकों को नोटिस भेजी गई है।
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रायबरेली। एफएसडीए की टीम ने मंगलवार को कॉलेजों की कैंटीन में अभियान चलाया। इस दौरान निफ्ट की कैंटीन बिना पंजीकरण के चलती मिली।
यहां बर्तनों की साफ-सफाई भी ठीक ढंग से नहीं की गई थी। फिरोज गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज की कैंटीन में बनाए गए खाद्य पदार्थोें पर मक्खियां मंडरा रहीं थीं।
इस पर अफसरों ने नाराजगी जताई और कैंटीन की व्यवस्था ठीक करने के निर्देश दिए। साथ ही दोनों संस्थानों के निदेशकों को नोटिस जारी किया गया है।
सबसे पहले एफएसडीए के अभिहित अधिकारी शशांक त्रिपाठी की अगुवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमरनाथ, अंजली श्रीवास्तव की टीम आईटीआई निफ्ट की कैंटीन में पहुंची।
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अभिहित अधिकारी ने बताया कि जांच में पता चला कि निफ्ट की कैंटीन का खाद्य लाइसेंस नहीं है। खाने बनाने के लिए प्रयुक्त बर्तनों की साफ-सफाई ठीक नहीं मिली।
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रिफाइंड आयल खुले में रखा था। किचन में मनमाने ढंग से लोग काम कर रहे थे। उन्होंने बताया कि यहां के बाद रतापुर स्थित फिरोज गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज की कैंटीन को भी जांचा गया।
किंचन की साफ-सफाई संतोषजनक नहीं मिली। कैंटीन में तैयार सब्जी, सैंडविच आदि पर मक्खियां बैठीं थीं। बर्तन गंदे मिले।
बंद मुंह के डस्टबिन का प्रयोग नहीं किया जा रहा था। संस्थान प्रबंधन से खामियां दूर करने को कहा गया है। साथ ही दोनों संस्थानों के निदेशकों को नोटिस भेजी गई है।