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कोरोना संकट में पटाखे से दूरी, सेहतमंद रहने के लिए जरूरी

Thu, 12 Nov 2020 12:12 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 12 Nov 2020 12:12 AM IST
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Corona distance from firecrackers in crisis, necessary to stay healthy
रायबरेली। कोरोना महामारी के बीच दीपावली पर पटाखे जलाने की परंपरा को इस बार नजरंदाज करके ही हम स्वस्थ रह सकते हैं। इस समय जिला वायु प्रदूषण और नमी की जद में है।
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ऐसे में पटाखों का जहरीला धुआं हमारे इर्द-गिर्द ही रहकर सांसों के साथ ही फेफड़ों व आंखों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए सांस लेने में तकलीफ पैदा करने वाले कोरोना के साथ ही अन्य कई बीमारियों से बचने के लिए इस बार पटाखों से दूरी बनाने में ही भलाई है।
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पीएसी के चिकित्सक डॉ. विपिन गुप्ता का कहना है कि दीपावली पर चंद सेकंड के धमाकों व तेज रोशनी के लिए की जाने वाली आतिशबाजी से निकलने वाले जहरीले धुएं में कई तरह के खतरनाक रासायनिक तत्व मौजूद होते हैं।
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जो पर्यावरण को प्रदूषित करने के साथ ही शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। इसके धुएं में मौजूद तत्व फेफड़ों में ऑक्सीजन की मात्रा को कम करता है। इसके अलावा इसमें मौजूद सल्फर, कॉपर, बेरियम, लेड, एल्युमिनियम व कार्बन डाई आक्साइड आदि सीधे फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं।
कोरोना ने भी सांस की तकलीफ वालों को ज्यादा प्रभावित किया है। आर्यावर्त हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि पटाखों से निकलने वाला धुआं आंखों को नुकसान पहुंचाता है। इसके अलावा सांस लेने में परेशानी, खांसी आदि की समस्या पैदा करता है।
दमे के रोगियों की शिकायत भी बढ़ जाती है। यह धुआं त्वचा को भी प्रभावित करता है। जिससे एलर्जी, खुजली, दाने आदि निकल सकते हैं। कोरोना काल में सैनिटाइजर लगे हाथों से पटाखे जलाना और यहां तक कि छूना भी मुसीबत में डाल सकता है, क्योंकि अल्कोहल युक्त सैनिटाइजर पटाखों में मौजूद बारूद के संपर्क में आकर धमाका कर सकता है।
इसलिए इस दीपावली पटाखों से दूर रहने की पूरी कोशिश कीजिए। यदि आतिशबाजी करते ही हैं तो जरूरी सावधानी का भी ख्याल रखें। आतिशबाजी के बाद नाक, मुंह व आंख को कदापि न छुए और अच्छी तरह से साबुन-पानी से हाथ को धुलें।

सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह का कहना है कि दीपावली पर अस्पतालों को भी अलर्ट कर दिया गया है। आतिशबाजी से किसी भी तरह की दुर्घटना होती है तो अस्पताल पहुंचने वालों की अच्छी तरह से देखभाल के लिए जरूरी इंतजाम पहले से कर लिए जाएं। आकस्मिक सेवाओं को भी सुचारु बनाए रखें, क्योंकि हर साल दीपावली पर आतिशबाजी के कारण आग लगने की घटनाएं आम हैं।
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