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दिवाली से पहले रसोइयों को मिल जाएगा मानदेय
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रायबरेली। अप्रैल से मानदेय न मिल पाने से परेशान जिले की 6349 रसोइयों के लिए राहत भरी खबर है। उनके खातों में दिवाली से पहले तीन महीने का मानदेय पहुंच जाएगा, जिससे वे पर्व को पूरे उत्साह से मना सकेंगे। रसोइयों के मानदेय के लिए 2.94 करोड़ रुपये का बजट आवंटित कर दिया गया है, जिसे रसोइयों के खातों में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
वर्तमान शैक्षिक सत्र में मध्याह्न भोजन योजना के तहत बजट नहीं मिला, जिससे रसोइयों का मानदेय नहीं दिया जा सका। वर्तमान में 6349 रसोइये विद्यालयों में कार्यरत हैं, जिन्हें अप्रैल से मानदेय नहीं मिला है। इससे रसोइयों में नाराजगी है।
वे रोज प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापकों से मानदेय के बारे में पूछती हैं। ब्लॉक और जिला मुख्यालय से भी पता करती हैं, लेकिन हर बार बजट आने पर मानदेय दिए जाने की बात बताई जाती है।
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मानदेय न मिल पाने से नाराज रसोइयों ने कई बार आवाज उठाई। बृहस्पतिवार को विकास भवन में प्रदर्शन कर कलेक्ट्रेट तक जुलूस भी निकाला था। प्रतिमाह 1500 रुपये पाने वाली रसोइयों के मानदेय के लिए 2.94 करोड़ रुपये बजट आवंटित कर दिए गए हैं। इससे रसोइयों के खातों में तीन महीने का मानदेय भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
जिला समन्वयक (एमडीएम) विनय कुमार तिवारी ने बताया कि अप्रैल, जुलाई और अगस्त का मानदेय दिया जाएगा। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने रसोइयों के खातों में मानदेय भेजने में कोई देरी नहीं होगी। दिवाली से पहले सभी को मानदेय भेज दिया जाएगा।
कन्वर्जन कास्ट के लिए भी मिले साढ़े पांच करोड़
रसोइयों के मानदेय के साथ ही मध्याह्न भोजन बनाने के लिए कन्वर्जन कास्ट का बजट भी उपलब्ध करा दिया गया है। इससे प्रधानाध्यापकों की समस्या भी दूर होगी।
एमडीएम के जिला समन्वयक ने बताया कि मध्याह्न भोजन योजना से लगभग पौने तीन लाख बच्चे लाभान्वित होते हैं। तीन महीनों की कन्वर्जन कास्ट के लिए 5.42 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। यह धनराशि भी दिवाली से पहले विद्यालयों को भेज दी जाएगी।
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वर्तमान शैक्षिक सत्र में मध्याह्न भोजन योजना के तहत बजट नहीं मिला, जिससे रसोइयों का मानदेय नहीं दिया जा सका। वर्तमान में 6349 रसोइये विद्यालयों में कार्यरत हैं, जिन्हें अप्रैल से मानदेय नहीं मिला है। इससे रसोइयों में नाराजगी है।
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वे रोज प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापकों से मानदेय के बारे में पूछती हैं। ब्लॉक और जिला मुख्यालय से भी पता करती हैं, लेकिन हर बार बजट आने पर मानदेय दिए जाने की बात बताई जाती है।
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मानदेय न मिल पाने से नाराज रसोइयों ने कई बार आवाज उठाई। बृहस्पतिवार को विकास भवन में प्रदर्शन कर कलेक्ट्रेट तक जुलूस भी निकाला था। प्रतिमाह 1500 रुपये पाने वाली रसोइयों के मानदेय के लिए 2.94 करोड़ रुपये बजट आवंटित कर दिए गए हैं। इससे रसोइयों के खातों में तीन महीने का मानदेय भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
जिला समन्वयक (एमडीएम) विनय कुमार तिवारी ने बताया कि अप्रैल, जुलाई और अगस्त का मानदेय दिया जाएगा। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने रसोइयों के खातों में मानदेय भेजने में कोई देरी नहीं होगी। दिवाली से पहले सभी को मानदेय भेज दिया जाएगा।
कन्वर्जन कास्ट के लिए भी मिले साढ़े पांच करोड़
रसोइयों के मानदेय के साथ ही मध्याह्न भोजन बनाने के लिए कन्वर्जन कास्ट का बजट भी उपलब्ध करा दिया गया है। इससे प्रधानाध्यापकों की समस्या भी दूर होगी।
एमडीएम के जिला समन्वयक ने बताया कि मध्याह्न भोजन योजना से लगभग पौने तीन लाख बच्चे लाभान्वित होते हैं। तीन महीनों की कन्वर्जन कास्ट के लिए 5.42 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। यह धनराशि भी दिवाली से पहले विद्यालयों को भेज दी जाएगी।