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Raebareli News: सरकारी अस्पतालों में दोगुना तक बढ़ी दवाओं की खपत
Fri, 06 Jun 2025 12:51 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Fri, 06 Jun 2025 12:51 AM IST
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जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को दवा लेने के लिए काउंटर पर लगी भीड़। -संवाद
रायबरेली। जिला अस्पताल और सीएचसी-पीएचसी के चिकित्सक गुपचुप तरीके से बाजार की दवाएं लिखने से बाज नहीं आ रहे हैं लेकिन शिकंजा कसने के बाद अस्पतालों में दवाओं की खपत बढ़ गई है। इस माह अस्पतालों ने ड्रग वेयर हाउस रहवां से ज्यादा दवाओं की डिमांड की है।
मौसम में बदलाव और बाजार की दवाएं लिखने पर रोक का असर तेजी से देखने को मिल रहा है। पिछले माह की तुलना में करीब दोगुना तक दवाओं की मांग की गई है। हालांकि ड्रग वेयर हाउस में पहले से ही पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं।
जिले के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बाजार की दवाएं लिखने के काले कारोबार के खिलाफ अमर उजाला ने अभियान शुरू किया है। अब तक कई डॉक्टरों की करतूत को उजागर किया गया है। सलोन, नसीराबाद और लालगंज सीएचसी में काले खेल की जांच शुरू कराई गई तो जिला अस्पताल में छह डॉक्टरों को चिह्नित करके चेताया गया है।
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अन्य चिकित्सकों पर भी डीएम के निर्देश के बाद सीएमएस ने नजर बढ़ा दी है लेकिन गुपचुप तरीके से चिकित्सक मरीजों को बाजार की दवाएं लिखने से बाज नहीं आ रहे हैं।
बाजार की दवाएं लिखने वाले डॉक्टरों पर शिकंजा कसने का असर दिखने लगा है। जिला अस्पताल के साथ ही सभी सीएचसी और पीएचसी से दवाओं की डिमांड बढ़ गई है। ड्रग वेयर हाउस रहवां से पिछले कई माह की तुलना में अधिक दवाएं मांगी गई हैं।
पैरासीटामाल के साथ ही जिंक, एलर्जी, दर्द व गैस के साथ ही बच्चों की सिरप का डिमांड ज्यादा मात्रा में की गई है। भर्ती मरीजों में लगने वाले इंजेक्शनों की भी ज्यादा डिमांड की गई है। हालांकि ओपीडी में मरीजों में बंटने वाली ज्यादा दवाओं की डिमांड हुई है।
ड्रग वेयर हाउस के इंचार्ज प्रशांत शुक्ला का कहना है कि वेयर हाउस में सभी प्रकार की पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं। इस माह सरकारी अस्पतालों से ज्यादा दवाओं की डिमांड की गई है। अस्पतालों को डिमांड के हिसाब से दवाएं भेजी जा रही हैं।
मरीज बढ़ने के कारण दवाओं की डिमांड बढ़ी
सभी सीएचसी अधीक्षकों को अस्पतालों में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध रखने के साथ ही मरीजों को अस्पताल से ही दवाएं देने के आदेश दिए गए हैं। मरीज बढ़ने के कारण दवाओं की डिमांड बढ़ी है। अस्पतालों में मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
-डॉ. नवीनचंद्रा, सीएमओ, रायबरेली
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मौसम में बदलाव और बाजार की दवाएं लिखने पर रोक का असर तेजी से देखने को मिल रहा है। पिछले माह की तुलना में करीब दोगुना तक दवाओं की मांग की गई है। हालांकि ड्रग वेयर हाउस में पहले से ही पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं।
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जिले के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बाजार की दवाएं लिखने के काले कारोबार के खिलाफ अमर उजाला ने अभियान शुरू किया है। अब तक कई डॉक्टरों की करतूत को उजागर किया गया है। सलोन, नसीराबाद और लालगंज सीएचसी में काले खेल की जांच शुरू कराई गई तो जिला अस्पताल में छह डॉक्टरों को चिह्नित करके चेताया गया है।
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अन्य चिकित्सकों पर भी डीएम के निर्देश के बाद सीएमएस ने नजर बढ़ा दी है लेकिन गुपचुप तरीके से चिकित्सक मरीजों को बाजार की दवाएं लिखने से बाज नहीं आ रहे हैं।
बाजार की दवाएं लिखने वाले डॉक्टरों पर शिकंजा कसने का असर दिखने लगा है। जिला अस्पताल के साथ ही सभी सीएचसी और पीएचसी से दवाओं की डिमांड बढ़ गई है। ड्रग वेयर हाउस रहवां से पिछले कई माह की तुलना में अधिक दवाएं मांगी गई हैं।
पैरासीटामाल के साथ ही जिंक, एलर्जी, दर्द व गैस के साथ ही बच्चों की सिरप का डिमांड ज्यादा मात्रा में की गई है। भर्ती मरीजों में लगने वाले इंजेक्शनों की भी ज्यादा डिमांड की गई है। हालांकि ओपीडी में मरीजों में बंटने वाली ज्यादा दवाओं की डिमांड हुई है।
ड्रग वेयर हाउस के इंचार्ज प्रशांत शुक्ला का कहना है कि वेयर हाउस में सभी प्रकार की पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं। इस माह सरकारी अस्पतालों से ज्यादा दवाओं की डिमांड की गई है। अस्पतालों को डिमांड के हिसाब से दवाएं भेजी जा रही हैं।
मरीज बढ़ने के कारण दवाओं की डिमांड बढ़ी
सभी सीएचसी अधीक्षकों को अस्पतालों में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध रखने के साथ ही मरीजों को अस्पताल से ही दवाएं देने के आदेश दिए गए हैं। मरीज बढ़ने के कारण दवाओं की डिमांड बढ़ी है। अस्पतालों में मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
-डॉ. नवीनचंद्रा, सीएमओ, रायबरेली