{"_id":"62239a67ec970229f6135fc3","slug":"brucella-vaccine-to-save-59-033-calves-from-infertility-raibaraily-news-lko6205226186","type":"story","status":"publish","title_hn":"59,033 बछियों को बांझपन से बचाएगी ब्रुसेल्ला वैक्सीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
59,033 बछियों को बांझपन से बचाएगी ब्रुसेल्ला वैक्सीन
विज्ञापन
रायबरेली। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत गोवंशों को बांझपन से बचाने के लिए टीकाकरण होगा। इसके लिए जिले को 59,033 ब्रुसेल्ला वैक्सीन मिल गईं हैं। 21 मार्च से 20 अप्रैल तक पशुपालन विभाग मादा गोवंशों में टीकाकरण कराएगा। चार से आठ माह की बछियों को यह टीका लगाया जाएगा।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. गजेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि एक अनुमान के मुताबिक, पशुओं में गर्भपात से तकरीबन एक लाख या उससे अधिक का नुकसान पशुपालकों को विभिन्न कारणों से हो जाता है।
पशुओं में यह संक्रमण एक बार होने पर उम्र भर बना रहता है। पशुओं में इस रोग का कोई इलाज नहीं होता है। चार से आठ महीने की उम्र के मादा गोवंशों व भैंस के बच्चे को ब्रुसेल्ला वैक्सीन के माध्यम से इस बीमारी से बचाया जा सकता है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि जिले में 59,033 मादा गोवंशों में टीकाकरण के लिए वैक्सीन मिल गई है। 21 मार्च से जिले में टीकाकरण शुरू होगा। 20 अप्रैल तक टीकाकरण का काम शत-प्रतिशत पूरा कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिन पशुओं को टीके लगेंगे, उनके कान में टैग भी लगाया जाएगा। टीका लगने के 28 दिन बाद पशुओं सीरो मॉनिटरिंग के लिए सीरम के नमूने भी लेकर जांच कराए जाएंगे।
विज्ञापन
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. गजेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि एक अनुमान के मुताबिक, पशुओं में गर्भपात से तकरीबन एक लाख या उससे अधिक का नुकसान पशुपालकों को विभिन्न कारणों से हो जाता है।
विज्ञापन
पशुओं में यह संक्रमण एक बार होने पर उम्र भर बना रहता है। पशुओं में इस रोग का कोई इलाज नहीं होता है। चार से आठ महीने की उम्र के मादा गोवंशों व भैंस के बच्चे को ब्रुसेल्ला वैक्सीन के माध्यम से इस बीमारी से बचाया जा सकता है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि जिले में 59,033 मादा गोवंशों में टीकाकरण के लिए वैक्सीन मिल गई है। 21 मार्च से जिले में टीकाकरण शुरू होगा। 20 अप्रैल तक टीकाकरण का काम शत-प्रतिशत पूरा कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिन पशुओं को टीके लगेंगे, उनके कान में टैग भी लगाया जाएगा। टीका लगने के 28 दिन बाद पशुओं सीरो मॉनिटरिंग के लिए सीरम के नमूने भी लेकर जांच कराए जाएंगे।