{"_id":"615c95988ebc3e626c195785","slug":"break-on-recruitment-of-859-posts-of-anganwadi-raibaraily-news-lko5987938104","type":"story","status":"publish","title_hn":"आंगनबाड़ी के 859 पदों की भर्ती पर ब्रेक, कोर्ट पहुंचा मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आंगनबाड़ी के 859 पदों की भर्ती पर ब्रेक, कोर्ट पहुंचा मामला
विज्ञापन
रायबरेली। जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के लिए पद भरने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के 859 पदों की भर्ती प्रक्रिया पर फिलहाल विराम लग गया है। मामला हाईकोर्ट में पहुंचने के बाद न्यायालय ने विभाग से तीन सप्ताह में जवाबी हलफनामा मांगा है। याची ने सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछले लोगों को लाभ न देने का आरोप लगाया है। इसके बाद ही मामले में आगे की प्रक्रिया बढ़ेगी।
जिले में 2833 आंगनबाड़ी केंद्रों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के 334 और सहायिकाओं के 506 पद रिक्त हैं। इसके अलावा मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों के भी 19 पद खाली हैं। पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों, गर्भवती महिलाओं और किशोरियों को बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। शासन की मंशा पर खाली पदों को भरने के आदेश दिए गए हैं। सभी 859 पदों को भरने के लिए ऑनलाइन आवेदन में 12,531 लोगों ने फार्म भरा था।
आवेदन का काम पूरा होने के बाद बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ऑनलाइन डाटा को डाउनलोड करने के साथ ही भर्ती प्रक्रिया को पूरी कराने में जुट गया। बताते हैं कि ऑनलाइन आवेदन में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए कोई कॉलम नहीं रखा गया।
विज्ञापन
इसी कारण जिले के डीह क्षेत्र की दीपिका मिश्रा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को भी चयन प्रक्रिया में शामिल कराए जाने का न्यायालय से अनुरोध किया। न्यायालय ने विभाग को तीन सप्ताह में जवाबी हलफनामा जमा करने के आदेश दिए हैं।
सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछले लोगों को लेकर हाईकोर्ट में याचिका की गई है। याचिका होने के बाद भर्ती प्रक्रिया रुकी है। जवाबी हलफनामा जमा किए जाने के बाद ही भर्ती प्रक्रिया में उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार काम किया जाएगा।
- शरद त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी
विज्ञापन
जिले में 2833 आंगनबाड़ी केंद्रों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के 334 और सहायिकाओं के 506 पद रिक्त हैं। इसके अलावा मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों के भी 19 पद खाली हैं। पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों, गर्भवती महिलाओं और किशोरियों को बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। शासन की मंशा पर खाली पदों को भरने के आदेश दिए गए हैं। सभी 859 पदों को भरने के लिए ऑनलाइन आवेदन में 12,531 लोगों ने फार्म भरा था।
विज्ञापन
आवेदन का काम पूरा होने के बाद बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ऑनलाइन डाटा को डाउनलोड करने के साथ ही भर्ती प्रक्रिया को पूरी कराने में जुट गया। बताते हैं कि ऑनलाइन आवेदन में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए कोई कॉलम नहीं रखा गया।
विज्ञापन
इसी कारण जिले के डीह क्षेत्र की दीपिका मिश्रा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को भी चयन प्रक्रिया में शामिल कराए जाने का न्यायालय से अनुरोध किया। न्यायालय ने विभाग को तीन सप्ताह में जवाबी हलफनामा जमा करने के आदेश दिए हैं।
सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछले लोगों को लेकर हाईकोर्ट में याचिका की गई है। याचिका होने के बाद भर्ती प्रक्रिया रुकी है। जवाबी हलफनामा जमा किए जाने के बाद ही भर्ती प्रक्रिया में उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार काम किया जाएगा।
- शरद त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी