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Raebareli News: 10 निजी अस्पतालों के आवेदन निरस्त
Fri, 11 Jul 2025 01:04 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Fri, 11 Jul 2025 01:04 AM IST
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रायबरेली। चिकित्सीय प्रतिष्ठानों के लाइसेंसों के नवीनीकरण के लिए हुए ऑनलाइन आवेदनों में कमियां उजागर हो रही हैं। जांच में खामियां मिलने के बाद 10 निजी अस्पतालों के नवीनीकरण के आवेदनों को खारिज कर नए सिरे से फॉर्म भरने के निर्देश दिए गए हैं। तमाम खामियां होने के बाद किसी भी चिकित्सीय प्रतिष्ठान का नवीनीकरण नहीं हो सका है।
जिले में 350 से अधिक नर्सिंगहोम, क्लीनिक और पैथोलॉजी के लाइसेंसों के नवीनीकरण की प्रक्रिया चल रही है। ऑनलाइन आवेदन आने के बाद अब उनकी जांच शुरू हो गई है। पहली बार प्रतिष्ठानों के लाइसेंसों को पांच साल के लिए वैध किया जाएगा। इसके लिए शासन स्तर से मानकों में संशोधन भी किया गया है। आवेदनों की जांच में तमाम खामियां मिल रही हैं। एक-एक चिकित्सक कई अस्पतालों में दर्ज मिल रहे हैं।
शहर स्थित मेडमिक्स हॉस्पिटल, मेडविल के अलावा शांती नर्सिंगहोम बछरावां, अनस हॉस्पिटल एम्स के सामने, अथर्व मल्टी स्पेशलिटी लालगंज, शिव गंगा हॉस्पिटल परशदेपुर समेत 10 चिकित्सीय प्रतिष्ठानों के ऑनलाइन आवेदनों को निरस्त किया गया है। कई नए आवेदनों को भी निरस्त किया गया है।
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कई चिकित्सकों ने कई नर्सिंगहोम में फुल टाइम ड्यूटी दिखाई है। तमाम चिकित्सकों का पता भी नहीं है, लेकिन उनके चिकित्सीय प्रमाणपत्र लगाकर लाइसेंस का नवीनीकरण कराने का प्रयास किया जा रहा है। डॉक्टरों के साथ अन्य स्टॉफ का भी सत्यापन नवीनीकरण से पहले करने के निर्देश दिए गए हैं। आवेदनों में तमाम खामियां मिलने के कारण नवीनीकरण का काम पूरा नहीं हो पा रहा है। एक-एक करके कमियों को दूर कराने का प्रयास किया जा रहा है।
जिले में निजी नर्सिंगहोम, क्लीनिकों और पैथोलॉजी के लाइसेंसों के नवीनीकरण का काम चल रहा है। ऑनलाइन आवेदनों की जांच में मिल रही खामियों को दूर कराया जा रहा है। जिन आवेदनों में बड़ी खामियां मिल रही हैं, उन्हें निरस्त कर नए सिर से आवेदन कराए जा रहे हैं। जल्द ही नवीनीकरण का काम पूरा कराया जाएगा।
- डॉ. नवीनचंद्रा, सीएमओ
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जिले में 350 से अधिक नर्सिंगहोम, क्लीनिक और पैथोलॉजी के लाइसेंसों के नवीनीकरण की प्रक्रिया चल रही है। ऑनलाइन आवेदन आने के बाद अब उनकी जांच शुरू हो गई है। पहली बार प्रतिष्ठानों के लाइसेंसों को पांच साल के लिए वैध किया जाएगा। इसके लिए शासन स्तर से मानकों में संशोधन भी किया गया है। आवेदनों की जांच में तमाम खामियां मिल रही हैं। एक-एक चिकित्सक कई अस्पतालों में दर्ज मिल रहे हैं।
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शहर स्थित मेडमिक्स हॉस्पिटल, मेडविल के अलावा शांती नर्सिंगहोम बछरावां, अनस हॉस्पिटल एम्स के सामने, अथर्व मल्टी स्पेशलिटी लालगंज, शिव गंगा हॉस्पिटल परशदेपुर समेत 10 चिकित्सीय प्रतिष्ठानों के ऑनलाइन आवेदनों को निरस्त किया गया है। कई नए आवेदनों को भी निरस्त किया गया है।
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कई चिकित्सकों ने कई नर्सिंगहोम में फुल टाइम ड्यूटी दिखाई है। तमाम चिकित्सकों का पता भी नहीं है, लेकिन उनके चिकित्सीय प्रमाणपत्र लगाकर लाइसेंस का नवीनीकरण कराने का प्रयास किया जा रहा है। डॉक्टरों के साथ अन्य स्टॉफ का भी सत्यापन नवीनीकरण से पहले करने के निर्देश दिए गए हैं। आवेदनों में तमाम खामियां मिलने के कारण नवीनीकरण का काम पूरा नहीं हो पा रहा है। एक-एक करके कमियों को दूर कराने का प्रयास किया जा रहा है।
जिले में निजी नर्सिंगहोम, क्लीनिकों और पैथोलॉजी के लाइसेंसों के नवीनीकरण का काम चल रहा है। ऑनलाइन आवेदनों की जांच में मिल रही खामियों को दूर कराया जा रहा है। जिन आवेदनों में बड़ी खामियां मिल रही हैं, उन्हें निरस्त कर नए सिर से आवेदन कराए जा रहे हैं। जल्द ही नवीनीकरण का काम पूरा कराया जाएगा।
- डॉ. नवीनचंद्रा, सीएमओ