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गायब पन्ने में थी राजघराने की कोर्ट, मशहूर मेले की भूमि में जालसाजी
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रायबरेली। अभिलेखागार के दस्तावेजों में हेराफेरी और जमीनों के पन्ने गायब करने में शामिल लोगों के मंसूबे काफी बड़े थे। दस्तावेज से जिस जमीन का पन्ना गायब है, उस जमीन पर करहिया राजघराने की कोर्ट का भवन बना है।
यह कोर्ट हाईवे के किनारे करीब छह बीघा जमीन पर है। जमदग्नि ऋषि की स्थली जौदहा में जिस आठ बीघा जमीन पर हर साल प्रदेश स्तरीय मेला लगता है, उस जमीन के दस्तावेज को खुरचकर नाम बदला गया है।
हाईवे के किनारे ही कोल्ड स्टोर और ब्रिक फील्ड की करीब 15 बीघा जमीन के दस्तावेजों को खुरचकर नाम बदले गए हैं। डीएम माला श्रीवास्तव ने इस कारनामे को पकड़ा है। इस खेल में शामिल कई लोगों की गर्दन फंस सकती है।
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सलोन के प्यारेपुर, जौदहा और नुरुद्दीनपुर की जमीनों के अभिलेखों में हेराफेरी पकड़ में आने के बाद मामला इन दिनों सुर्खियों में है।
शुरुआती जांच बता रही है कि अभिलेखागार के कर्मचारियों की मिलीभगत से जालसाजों ने हेराफेरी करके बड़ा कारनामा करने का प्रयास किया।
प्यारेपुर गांव के जोत बही आकार पत्र-2क के गाटा संख्या 105 से 112 के बीच गायब पन्ने में करहिया रियासत की कोर्ट का भवन बना हुआ है। हाईवे के किनारे यह भवन होने के कारण इसकी अच्छी खासी कीमत है।
जौदहा गांव में आठ बीघा जमीन पर हर साल जमदग्नि ऋषि की याद में प्रदेश स्तरीय मेला लगता है। इस मेले की भूमि के चक संख्या 495 में खुरचकर चंद्रपाल सिंह के स्थान पर रामपाल सिंह का नाम दर्ज कर दिया गया है।
हाईवे के किनारे नुरुद्दीनपुर गांव के चक संख्या 418, 419, 420 पर कोल्ड स्टोर और ब्रिक फील्ड की जमीन में हेराफेरी करके पिता के नाम बदले गए हैं। हालांकि इस हेराफेरी में शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जालसाजों को बचाने में एक पूर्व मंत्री के नाम की चर्चा
जिले में अभिलेखागार के अभिलेखों में अब तक की गई सबसे बड़ी हेराफेरी में शामिल लोगों को बचाने का प्रयास भी शुरू हो गया है। चर्चा है कि एक पूर्व मंत्री इस मामले में जालसाजों को बचाने के प्रयास में हैं।
चर्चा में तो यहां तक है कि उन्होंने कई अफसरों को इस सिलसिले में फोन भी किया है। हालांकि जिला प्रशासन डीएम के गंभीर होने के कारण मसले को पचाने के मूड में नहीं है।
अभिलेखागार के दस्तावेजों में हेराफेरी और पन्ने गायब करने के मामले में कर्मियों और इसमें शामिल अन्य लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। जल्द ही डीएम के निर्देश पर संबंधितों पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
अमित कुमार, एडीएम (प्रशासन)
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यह कोर्ट हाईवे के किनारे करीब छह बीघा जमीन पर है। जमदग्नि ऋषि की स्थली जौदहा में जिस आठ बीघा जमीन पर हर साल प्रदेश स्तरीय मेला लगता है, उस जमीन के दस्तावेज को खुरचकर नाम बदला गया है।
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हाईवे के किनारे ही कोल्ड स्टोर और ब्रिक फील्ड की करीब 15 बीघा जमीन के दस्तावेजों को खुरचकर नाम बदले गए हैं। डीएम माला श्रीवास्तव ने इस कारनामे को पकड़ा है। इस खेल में शामिल कई लोगों की गर्दन फंस सकती है।
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सलोन के प्यारेपुर, जौदहा और नुरुद्दीनपुर की जमीनों के अभिलेखों में हेराफेरी पकड़ में आने के बाद मामला इन दिनों सुर्खियों में है।
शुरुआती जांच बता रही है कि अभिलेखागार के कर्मचारियों की मिलीभगत से जालसाजों ने हेराफेरी करके बड़ा कारनामा करने का प्रयास किया।
प्यारेपुर गांव के जोत बही आकार पत्र-2क के गाटा संख्या 105 से 112 के बीच गायब पन्ने में करहिया रियासत की कोर्ट का भवन बना हुआ है। हाईवे के किनारे यह भवन होने के कारण इसकी अच्छी खासी कीमत है।
जौदहा गांव में आठ बीघा जमीन पर हर साल जमदग्नि ऋषि की याद में प्रदेश स्तरीय मेला लगता है। इस मेले की भूमि के चक संख्या 495 में खुरचकर चंद्रपाल सिंह के स्थान पर रामपाल सिंह का नाम दर्ज कर दिया गया है।
हाईवे के किनारे नुरुद्दीनपुर गांव के चक संख्या 418, 419, 420 पर कोल्ड स्टोर और ब्रिक फील्ड की जमीन में हेराफेरी करके पिता के नाम बदले गए हैं। हालांकि इस हेराफेरी में शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जालसाजों को बचाने में एक पूर्व मंत्री के नाम की चर्चा
जिले में अभिलेखागार के अभिलेखों में अब तक की गई सबसे बड़ी हेराफेरी में शामिल लोगों को बचाने का प्रयास भी शुरू हो गया है। चर्चा है कि एक पूर्व मंत्री इस मामले में जालसाजों को बचाने के प्रयास में हैं।
चर्चा में तो यहां तक है कि उन्होंने कई अफसरों को इस सिलसिले में फोन भी किया है। हालांकि जिला प्रशासन डीएम के गंभीर होने के कारण मसले को पचाने के मूड में नहीं है।
अभिलेखागार के दस्तावेजों में हेराफेरी और पन्ने गायब करने के मामले में कर्मियों और इसमें शामिल अन्य लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। जल्द ही डीएम के निर्देश पर संबंधितों पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
अमित कुमार, एडीएम (प्रशासन)