{"_id":"62ec0f9142bf044e83042b43","slug":"accident-raibaraily-news-lko6427114133","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेकाबू टैंकर ने मारी ठोकर, पेड़ से टकराई खड़ी स्कूली बस, 19 छात्र-छात्राएं घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेकाबू टैंकर ने मारी ठोकर, पेड़ से टकराई खड़ी स्कूली बस, 19 छात्र-छात्राएं घायल
विज्ञापन
ऊंचाहार (रायबरेली)। रायबरेली-प्रतापगढ़ जिले की सीमा पर गुरुवार को लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर अनियंत्रित टैंकर ने सड़क किनारे खड़ी स्कूल में पीछे से टक्कर मार दी।
इससे बस पेड़ से लड़ गई और उसमें बैठे 19 छात्र घायल हो गए। बस चालक भी जख्मी हुआ। बस बच्चों को लेकर एनटीपीसी आ रही थी।
हादसे के बाद टैंकर चालक वाहन लेकर भाग गया। घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर रूप से घायल पांच बच्चों को परिजन एनटीपीसी हॉस्पिटल ले गए। जानकारी होने पर मौके पर एसडीएम व सीओ भी पहुंचे।
गुरुवार सुबह करीब सात बजे प्रतापगढ़ जिले के कुंडा से एक स्कूल बस एनटीपीसी परियोजना आ रही थी। उसमें चिन्मय विद्यालय व डीएवी पब्लिक स्कूल के 50 बच्चे सवार थे।
विज्ञापन
प्रतापगढ़ जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र के ब्रहमौली गांव के पास बस दो बच्चों को बैठाने के लिए खड़ी थी। तभी प्रयागराज की ओर से आ रहे अनियंत्रित टैंकर ने उसमें पीछे से जोरदार ठोकर मार दी।
इससे बस सामने पेड़ से टकरा गई। हादसे में बस पर सवार सवार प्रतापगढ़ जनपद के कुंडा निवासी दीप्ती पटेल (16), श्रेया यादव (15), शाश्वत शुक्ला (17), संकल्प (18), अनय सिंह (13), वारिस (10), जैना (14), अंकित (15), अर्सलान आसिफ (16), शिखर (13), निकुंज (15), भरत जायसवाल (14), श्रेयांश (12), सुचिता यादव (8), नवाबगंज थाना क्षेत्र के छिनौरा निवासी परी सिंह (17), नरसिंहगढ़ कुंडा के प्रविष्ट (13), प्रखर विश्वकर्मा (15), नेतांसी सिंह (7), शेखपुर कुंडा निवासी मो. नजफ फारुखी (11) घायल हो गए।
चालक मो. अंसार हुसैन (55) को भी गंभीर चोटें आईं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बच्चों को सीएचसी व चालक को एनटीपीसी हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां गंभीर रूप से घायल दीप्ती पटेल, जैना, शिखर, अंकित व अर्सलान आसिफ को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, लेकिन परिजनों ने सभी को एनटीपीसी परियोजना के जीवन ज्योति हॉस्पिटल में भर्ती कराया।
नवाबगंज थानेदार सुधीर कुमार ने बताया कि हादसे में चालक समेत 20 बच्चे घायल हुए हैं। सभी को सीएचसी ऊंचाहार में भर्ती कराया गया है। टैंकर चालक की तलाश की जा रही है।
हादसे की सूचना पर ऊंचाहार के नवागत एसडीएम आशीष मिश्रा, सीओ अशोक कुमार सिंह व कोतवाल शिवशंकर सिंह अस्पताल पहुंचे। सीओ ने बताया कि यह हादसा प्रतापगढ़ जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र में हुआ था।
भगवान और मम्मी-पापा की आ रही थी याद
बस में सवार बच्चों ने हादसे की कहानी बयां कि तो लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। बस में सवार चिन्मय विद्यालय के कक्षा 12 के छात्र अब्दुल्ला, नमोश्री केसरवानी व सारा खान ने बताया कि बस सड़क किनारे खड़ी थी। बस में 50 बच्चे बैठे हुए थे। दो बच्चे चढ़ रहे थे, तभी बस में जोरदार ठोकर लगी और पूरी बस हिल गई और सामने पेड़ से लड़ गई। बस में पीछे बैठे बच्चे आगे बैठे बच्चों के ऊपर गिर पड़े। सामने अंधेरा छा गया लगा कि जिंदगी नहीं बच पाएगी। चोटिल बच्चे चीख रहे थे किसी सिर फटा तो किसी के साथ में चोट आईं। आसपास के लोगों ने सभी को बाहर निकाला तो राहत मिली। उस समय सिर्फ भगवान व मम्मी-पापा की याद आ रही थी।
जिम्मेदारी लेने से कतराता रहा स्कूल प्रबंधन
स्कूल के प्रधानाचार्य घायल बच्चों का नाम बताने में कतराते रहे। कभी पांच तो कभी नौ बच्चों के घायल होने की बात बताई। स्कूल के प्रधानाचार्यों ने दुर्घटना का शिकार हुई बस से भी किनारा कर लिया। चिन्मय विद्यालय के प्रधानाचार्य अशोक कुमार तिवारी व डीएवी पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य डीएन मिश्रा ने बताया कि स्कूल प्रबंधन बस की कोई सुविधा मुहैया नहीं करा रहा है। बच्चों के अभिभावक स्वयं अपनी जिम्मेदारी पर बस से बच्चों को भेज रहे हैं। उसमें स्कूल प्रबंधन का कोई लेना-देना नहीं है।
बिना फिटनेस के चलाई जा रही थी बस
एनटीपीसी परियोजना के चिन्मय विद्यालय व डीएवी पब्लिक स्कूल के बच्चों को लेकर आ रही बस बिना फिटनेस के चलाई जा रही थी। 20 नवंबर 2019 को बस की फिटनेस समाप्त हो गई थी। वहीं परिवहन विभाग से बस में 33 छात्र छात्राओं को बैठाने का परमिट है, लेकिन बस में 50 बच्चे सवार थे।
स्कूल प्रबंधन ने कभी इस तरफ ध्यान देने की कोशिश नहीं की। अनफिट बस बच्चों को लेकर प्रतिदिन प्रतापगढ़ व रायबरेली जनपद में फर्राटा भरती रही, लेकिन परिवहन विभाग व पुलिस के जिम्मेदारों ने उसे चेक करने की कोशिश नहीं की। यही वजह है कि आज भी बिना परमिट दर्जनों की संख्या में खटारा स्कूल वाहन सड़क पर दौड़ रहे हैं।
सीओ डलमऊ अशोक सिंह ने बताया कि वाहनों की चेकिंग की जाती है, लेकिन इसके बावजूद अनफिट वाहन सड़क पर चल रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि हादसे के बाद अफसर कुछ दिनों तक चेकिंग कर खानापूर्ति करते हैं।
विज्ञापन
इससे बस पेड़ से लड़ गई और उसमें बैठे 19 छात्र घायल हो गए। बस चालक भी जख्मी हुआ। बस बच्चों को लेकर एनटीपीसी आ रही थी।
हादसे के बाद टैंकर चालक वाहन लेकर भाग गया। घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर रूप से घायल पांच बच्चों को परिजन एनटीपीसी हॉस्पिटल ले गए। जानकारी होने पर मौके पर एसडीएम व सीओ भी पहुंचे।
विज्ञापन
गुरुवार सुबह करीब सात बजे प्रतापगढ़ जिले के कुंडा से एक स्कूल बस एनटीपीसी परियोजना आ रही थी। उसमें चिन्मय विद्यालय व डीएवी पब्लिक स्कूल के 50 बच्चे सवार थे।
विज्ञापन
प्रतापगढ़ जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र के ब्रहमौली गांव के पास बस दो बच्चों को बैठाने के लिए खड़ी थी। तभी प्रयागराज की ओर से आ रहे अनियंत्रित टैंकर ने उसमें पीछे से जोरदार ठोकर मार दी।
इससे बस सामने पेड़ से टकरा गई। हादसे में बस पर सवार सवार प्रतापगढ़ जनपद के कुंडा निवासी दीप्ती पटेल (16), श्रेया यादव (15), शाश्वत शुक्ला (17), संकल्प (18), अनय सिंह (13), वारिस (10), जैना (14), अंकित (15), अर्सलान आसिफ (16), शिखर (13), निकुंज (15), भरत जायसवाल (14), श्रेयांश (12), सुचिता यादव (8), नवाबगंज थाना क्षेत्र के छिनौरा निवासी परी सिंह (17), नरसिंहगढ़ कुंडा के प्रविष्ट (13), प्रखर विश्वकर्मा (15), नेतांसी सिंह (7), शेखपुर कुंडा निवासी मो. नजफ फारुखी (11) घायल हो गए।
चालक मो. अंसार हुसैन (55) को भी गंभीर चोटें आईं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बच्चों को सीएचसी व चालक को एनटीपीसी हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां गंभीर रूप से घायल दीप्ती पटेल, जैना, शिखर, अंकित व अर्सलान आसिफ को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, लेकिन परिजनों ने सभी को एनटीपीसी परियोजना के जीवन ज्योति हॉस्पिटल में भर्ती कराया।
नवाबगंज थानेदार सुधीर कुमार ने बताया कि हादसे में चालक समेत 20 बच्चे घायल हुए हैं। सभी को सीएचसी ऊंचाहार में भर्ती कराया गया है। टैंकर चालक की तलाश की जा रही है।
हादसे की सूचना पर ऊंचाहार के नवागत एसडीएम आशीष मिश्रा, सीओ अशोक कुमार सिंह व कोतवाल शिवशंकर सिंह अस्पताल पहुंचे। सीओ ने बताया कि यह हादसा प्रतापगढ़ जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र में हुआ था।
भगवान और मम्मी-पापा की आ रही थी याद
बस में सवार बच्चों ने हादसे की कहानी बयां कि तो लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। बस में सवार चिन्मय विद्यालय के कक्षा 12 के छात्र अब्दुल्ला, नमोश्री केसरवानी व सारा खान ने बताया कि बस सड़क किनारे खड़ी थी। बस में 50 बच्चे बैठे हुए थे। दो बच्चे चढ़ रहे थे, तभी बस में जोरदार ठोकर लगी और पूरी बस हिल गई और सामने पेड़ से लड़ गई। बस में पीछे बैठे बच्चे आगे बैठे बच्चों के ऊपर गिर पड़े। सामने अंधेरा छा गया लगा कि जिंदगी नहीं बच पाएगी। चोटिल बच्चे चीख रहे थे किसी सिर फटा तो किसी के साथ में चोट आईं। आसपास के लोगों ने सभी को बाहर निकाला तो राहत मिली। उस समय सिर्फ भगवान व मम्मी-पापा की याद आ रही थी।
जिम्मेदारी लेने से कतराता रहा स्कूल प्रबंधन
स्कूल के प्रधानाचार्य घायल बच्चों का नाम बताने में कतराते रहे। कभी पांच तो कभी नौ बच्चों के घायल होने की बात बताई। स्कूल के प्रधानाचार्यों ने दुर्घटना का शिकार हुई बस से भी किनारा कर लिया। चिन्मय विद्यालय के प्रधानाचार्य अशोक कुमार तिवारी व डीएवी पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य डीएन मिश्रा ने बताया कि स्कूल प्रबंधन बस की कोई सुविधा मुहैया नहीं करा रहा है। बच्चों के अभिभावक स्वयं अपनी जिम्मेदारी पर बस से बच्चों को भेज रहे हैं। उसमें स्कूल प्रबंधन का कोई लेना-देना नहीं है।
बिना फिटनेस के चलाई जा रही थी बस
एनटीपीसी परियोजना के चिन्मय विद्यालय व डीएवी पब्लिक स्कूल के बच्चों को लेकर आ रही बस बिना फिटनेस के चलाई जा रही थी। 20 नवंबर 2019 को बस की फिटनेस समाप्त हो गई थी। वहीं परिवहन विभाग से बस में 33 छात्र छात्राओं को बैठाने का परमिट है, लेकिन बस में 50 बच्चे सवार थे।
स्कूल प्रबंधन ने कभी इस तरफ ध्यान देने की कोशिश नहीं की। अनफिट बस बच्चों को लेकर प्रतिदिन प्रतापगढ़ व रायबरेली जनपद में फर्राटा भरती रही, लेकिन परिवहन विभाग व पुलिस के जिम्मेदारों ने उसे चेक करने की कोशिश नहीं की। यही वजह है कि आज भी बिना परमिट दर्जनों की संख्या में खटारा स्कूल वाहन सड़क पर दौड़ रहे हैं।
सीओ डलमऊ अशोक सिंह ने बताया कि वाहनों की चेकिंग की जाती है, लेकिन इसके बावजूद अनफिट वाहन सड़क पर चल रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि हादसे के बाद अफसर कुछ दिनों तक चेकिंग कर खानापूर्ति करते हैं।